साइक्लिंग का क्रेज : 30 दिन में मिल जाएगी मर्सिडीज, बुकिंग के 10 माह बाद मिलेंगी ये साइकिलें
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साइकिल चलाने के क्रेज ने सबको पीछे छोड़ दिया है। हाल यह है कि बाजार में खासकर महंगी (प्रिमियम) साइकिलों की कमी पड़ गई है। यदि प्रिमियम साइकिल खरीदना चाहते हैं तो आपको कम से कम 10 महीने का इंतजार करना पड़ेगा। प्रिमियम साइकिल के पार्ट बाहर से आते हैं। बताया जा रहा है कि भारत समेत पूरे विश्व में इस समय साइकिल की मार्केट में बूम है।
अधिकांश साइकिल कंपनियों ने पूरे साल के स्टॉक को कोरोना काल के कुछ ही महीने में बेच दिया, इसलिए यह कमी आई है। अब जो भी बुकिंग हो रही हैं, उनकी डिलीवरी अगस्त 2021 में की जाएगी जबकि कोरोना से पहले इन साइकिल की डिलीवरी उसी दिन हो जाती थी। चंडीगढ़ स्थित फिरकी साइकिल की डायरेक्टर गायत्री ने बताया कि उनके पास 50 ऐसे ग्राहक है, जिन्हें अब अगस्त तक डिलीवरी मिल पाएगी।
प्रिमियम साइकिल की कीमत 25 हजार रुपये से शुरू होती है। गायत्री का यह भी कहना है कि इस समय बाजार में भारतीय कंपनियों की साइकिलें आ गई हैं। साइकिल वर्क्स के विक्रांत ने बताया कि कोरोना काल साइक्लिंग का क्रेज बढ़ा है, इसमें तो कोई शक नहीं है। अब आम लोग भी इससे जुनून के साथ जुड़ रहे हैं।
प्रिमियम साइकिल की कमी है। लोगों को प्रिमियम साइकिलें कम समय में कब तक मिल पाएंगी, इस बारे में कुछ भी कह पाना अभी मुश्किल है। बाजार में जब मर्सिडीज की डिलीवरी के बारे में बात की गई तो पता चला कि स्टॉक रहने पर उसी दिन डिलीवरी कर दी जाती है। स्टॉक नहीं होने की स्थिति पर कंपनी एक महीने के भीतर डिलीवरी करवा देती है।
साइकिल चलाने वाले 50 फीसदी बढ़े
चंडीगढ़ में साइकिल चलाने वालों का पहले से ही क्रेज था लेकिन लॉकडाउन के बाद से इसमें जबरदस्त इजाफा हुआ है। साइक्लिंग करने वालों में 50 फीसदी इजाफा हुआ है। साइकिल स्टोर के मालिकों ने बताया कि पहले एक महीने में 50 साइकिल बेचते थे, लेकिन लॉकडाउन के बाद से अब डेढ़ से दो सौ साइकिल बेच रहे हैं।
यह भी देखने में आया है कि पहले परिवार का एक सदस्य साइकिल खरीदता था, लेकिन अब लोग अपनी पत्नी के साथ बच्चों के लिए भी साइकिल खरीद रहे हैं। साथ में राइडिंग कर रहे हैं और खूबसूरत पलों व प्रकृति का आनंद उठा रहे हैं।
इसलिए बढ़ा साइक्लिंग का क्रेज
दरअसल, ट्राइसिटी के लोग अपने स्वास्थ्य के प्रति ज्यादा सचेत हैं। कोरोना से पहले आए दिन मैराथन, साइक्लिंग व अन्य स्पोर्ट्स एक्टिविटीज होती रहती थीं। इसमें लोग भारी संख्या में भाग लेते थे। जिम में भी लोग खूब जाते थे। लेकिन लॉकडाउन में अचानक से सब कुछ बंद होने से यह समस्या आ गई कि लोग जाएं तो कहां जाएं। ऐसे में उनके सामने साइकिल का ही विकल्प बचता था और लोगों ने साइकिल की सवारी का आनंद उठाना शुरू कर दिया।
साइकिल की सवारी ऐसी है कि इस पर जो बैठता है, उसका उतरने का मन नहीं करता। साइकिल रोमांच के साथ व्यक्ति को मानसिक व शारीरिक तौर पर मजबूत करता है। सबसे अहम बात यह है कि साइकिल के लिए चंडीगढ़ सबसे मुफीद जगह है। इतने सुंदर साइकिल ट्रैक शायद ही भारत के किसी दूसरे शहर में मिलें इसलिए लोगों ने साइकिल को ही मजबूत विकल्प के तौर पर चुना है।
कोरोना में सबसे सेफ है साइक्लिंग
कोरोना से बचाव के लिए दो सबसे चीजें जरूरी हैं। शरीर की इम्युनिटी और सोशल डिस्टेंसिंग। साइक्लिंग से बॉडी फिट रहती है और इम्युनिटी मजबूत होती है। साथ ही साइक्लिंग करने से सोशल डिस्टेंसिंग का पालन होता है इसलिए लोग साइक्लिंग को पसंद कर रहे हैं।
साइक्लिंग करने वालों में 50 फीसदी का इजाफा हुआ है। प्रिमियम साइकिल खरीदने के लिए आपको अगले साल तक इंतजार करना पड़ेगा। पहले लोग साइकिल खरीदकर रख लेते थे लेकिन अब लोग चलाते हैं। गायत्री, मालिक, फिरकी साइकिल