{"_id":"64d144d4694b9db8df08f543","slug":"delegation-of-congress-leaders-will-go-to-nuh-under-the-leadership-of-state-president-udaybhan-2023-08-08","type":"story","status":"publish","title_hn":"Haryana: प्रदेशाध्यक्ष उदयभान के नेतृत्व में नूंह जाएगा कांग्रेस नेताओं का प्रतिनिधिमंडल","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
Haryana: प्रदेशाध्यक्ष उदयभान के नेतृत्व में नूंह जाएगा कांग्रेस नेताओं का प्रतिनिधिमंडल
Tue, 08 Aug 2023 12:54 AM IST
भूपेंद्र सिंह
अमर उजाला ब्यूरो, चंडीगढ़
अमर उजाला ब्यूरो, चंडीगढ़
Published by: भूपेंद्र सिंह
Updated Tue, 08 Aug 2023 12:54 AM IST
सार
कांग्रेस ने हाईकोर्ट के जस्टिस की निगरानी में न्यायिक जांच कराने की मांग की है। नूंह हिंसा मामले में सरकार को घेरने के साथ कांग्रेसी पीड़ितों से मुलाकात करेंगे।
विज्ञापन
चंडीगढ़
- फोटो : अमर उजाला
विस्तार
हरियाणा कांग्रेस अध्यक्ष चौधरी उदयभान के नेतृत्व में पार्टी के वरिष्ठ नेताओं का एक प्रतिनिधिमंडल मंगलवार को नूंह जाएगा। पूर्व मुख्यमंत्री व नेता प्रतिपक्ष भूपेंद्र सिंह हुड्डा भी प्रतिनिधिमंडल में विशेषतौर पर मौजूद रहेंगे। इस दौरे का मकसद इलाके में फिर से शांति और भाईचारे की स्थापना करना है। कांग्रेस नेता हिंसा प्रभावित पीड़ितों और इलाके के मौजिज लोगों से मुलाकात करेंगे।
विज्ञापन
कांग्रेस ने हाईकोर्ट के जस्टिस की निगरानी में नूंह हिंसा की न्यायिक जांच करवाने की मांग उठाई है। भूपेंद्र सिंह हुड्डा का कहना है कि अगर भाजपा-जजपा सरकार वक्त रहते उचित कदम उठाती और स्थिति की संवेदनशीलता को गंभीरता से लेती तो यह हिंसा नहीं होती। सरकार अपनी जिम्मेदारी को निभाने में पूरी तरह विफल साबित हुई है।
विज्ञापन
खुद बीजेपी के नेता और स्थानीय सांसद राव इंद्रजीत ने भी पूरे घटनाक्रम में सरकार व प्रशासन की विफलता को जिम्मेदार ठहराया है। ऐसे में न्यायिक जांच करवाकर यह सुनिश्चित किया जाना चाहिए कि मामले के दोषी बख्शे ना जाएं और किसी निर्दोष को किसी तरह की परेशानी ना हो।
विज्ञापन
उदयभान ने कहा कि मामले को लेकर खुद मुख्यमंत्री और गृहमंत्री में समन्व्य का अभाव नजर आता है। मुख्यमंत्री कहते हैं कि पुलिस सभी को सुरक्षा नहीं दे सकती और गृहमंत्री कहते हैं कि वह हिंसा पर जवाब नहीं दे सकते। कभी कहते हैं तीन घंटे के बाद पता चला। ऐसे में प्रदेश की जनता के सामने सवाल है कि आखिर कानून व्यवस्था के लिए कौन जिम्मेदार है।