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'सेवा में कमी,रेलवे उपभोक्ता को दे सवा लाख हर्जाना'
नीरज कुमार/अमर उजाला, चंडीगढ़
Updated Fri, 07 Feb 2014 12:19 AM IST
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चलती ट्रेन में मुसाफिर के सामान चोरी होने के मामले में उपभोक्ता फोरम ने रेलवे पर एक लाख 15 हजार का हर्जाना लगाया है।
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उपभोक्ता फोरम ने रेलवे अधिकारियों के उस रवैये पर गहरी नाराजगी जाहिर की, जिसके कारण उपभोक्ता को वित्तीय नुकसान तो हुआ ही उसे मानसिक और शारीरिक परेशानी भी झेलनी पड़ी।
उपभोक्ता फोरम ने रेलवे अधिकारियों को सेवा में कोताही का दोषी माना है। जिला उपभोक्ता विवाद निवारण फोरम चंडीगढ़ ने रेलवे को निर्देश दिया है कि वह शिकायतकर्ता को सामान चोरी होने पर उसकी कीमत एक लाख रुपये के अलावा दस हजार रुपये मुआवजा और पांच हजार रुपये मुकदमा खर्च अदा करे।
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यह निर्देश उपभोक्ता फोरम -1 के अध्यक्ष फोरम के अध्यक्ष पीएल आहूजा और सदस्य रजिंदर सिंह गिल और सुरजीत कौर ने फैसले में दिया।
रेलवे द्वारा अपना पक्ष न रखने पर उपभोक्ता फोरम ने एक्सपार्टी (एकतरफा) करार दिया है। शिकायतकर्ता बलबीर सिंह निवासी सेक्टर-15 डी चंडीगढ़ ने उत्तरी रेलवे, रेलवे स्टेशन के मैनेजर के खिलाफ उपभोक्ता फोरम में शिकायत दी थी।
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यह था मामला
शिकायतकर्ता बलबीर सिंह ने उपभोक्ता फोरम को बताया कि उन्होंने कोलकाता जाने के लिए परिवार के साथ दो टिकटें दिल्ली से पटना और पटना से कोलकाता के लिए बुक करवाईं।
यात्रा की तिथि 6 नवंबर 2011 और 9 नवंबर 2011 थी। शिकायत में उन्होंने कहा कि वे अपने परिवार के साथ पटना से कोलकाता के लिए ट्रेन में सवार हो गए। वे ट्रेन में कोलकाता के रास्ते में थे तो उन्हें पता चला कि उनके दो सूटकेस चोरी हो गए। उन्होंने ट्रेन का चैन खींचा, लेकिन ट्रेन नहीं रुकी।
अगले स्टेशन पर शिकायतकर्ता ने जीआरपी को बताया, लेकिन उस स्टेशन के जीआरपी ने कहा कि झाझा रेलवे स्टेशन की जीआरपी पुलिस रिपोर्ट दर्ज कराएं जहां चोरी हुई है।
उन्होंने झाझा जीआरपी में मामला दर्ज कराया। उन्होंने जीआरपी को शिकायत में सोने के गहने, नगद और कपड़े, जिसकी कीमत एक लाख दर्ज कराई।
शिकायतकर्ता ने रेलवे को कई बार संपर्क किया, लेकिन उनके विवाद का निपटारा नहीं हुआ। रेलवे ने मुसाफिरों की सामान की सुरक्षा नहीं किया।