फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Chandigarh ›   Deepender Hooda Views about Loksabha Elections

'पीएम उम्मीदवार नरेंद्र मोदी ने रोहतक मॉडल से सीखा'

Thu, 20 Mar 2014 12:52 PM IST
डॉ. सुरेंद्र धीमान/अमर उजाला, चंडीगढ़
डॉ. सुरेंद्र धीमान/अमर उजाला, चंडीगढ़ Updated Thu, 20 Mar 2014 12:52 PM IST
विज्ञापन
Deepender Hooda Views about Loksabha Elections
यह दुख की बात है कि हरियाणा का केंद्र रहा रोहतक पूर्व में राजनीतिक द्वेष का शिकार होता रहा। अब यहां विकास शुरू हुआ है। अभी तो विकास के मॉडल की नींव पड़ी है। इसलिए अगर मैंने सच्ची नीयत से काम किया है तो मुझे रोहतक लोकसभा क्षेत्र की जनता अपना आशीर्वाद दे।
विज्ञापन


यह बातें रोहतक के दो बार सांसद रहे दीपेंद्र हुड्डा ने अमर उजाला के साथ विशेष बातचीत में कही। वे कमर दर्द से पीड़ित हैं और एक महीने से बिस्तर पर लेटे हुए हैं। लोकसभा चुनाव में वे प्रचार करने भी नहीं जा रहे हैं।
विज्ञापन


दीपेंद्र हुड्डा से अमर उजाला ने उनसे रोहतक में हुए विकास, चुनाव में वोट मांगने के मुद्दों और अन्य पर विशेष बातचीत की। दिल्ली स्थित आवास पर बिस्तर पर लेटे-लेटे उन्होंने सवालों के जवाब दिए। पेश हैं इसी बातचीत के प्रमुख अंश-
विज्ञापन
विज्ञापन


रोहतक लोकसभा क्षेत्र की जनता से किन मुद्दों पर वोट मांग रहे हैं?

क्षेत्र में कराए विकास कार्य के आधार पर। मैंने एक धुन में दिन-रात ठीक नीयत से अपने देश, प्रदेश और रोहतक लोकसभा क्षेत्र के लिए काम किया है। किसी भी इंसान के हाथ में कोशिश होती है, नीयत होती है। मैं नहीं मानता कि सारे काम हुए होंगे। सभी काम तो भगवान के वश में भी नहीं होते। हम तो इंसान हैं।

कोई भी व्यक्ति कितना ही प्रयास कर ले, तब भी सभी काम पूरे नहीं हो सकते। अब रोहतक की जनता को देखना है कि अगर उन्हें मेरी नीयत ठीक लगती है तो मैं समझता हूं कि लोग मेरा साथ देंगे। अपना आशीर्वाद पहले से ज्यादा देंगे। अगर उन्हें लगता है कि मेरी नीयत खराब है तो मैं उनका साथ लेने के काबिल नहीं हूं।

आपने रोहतक के विकास की जो योजना बनाई थी, क्या वह पूरी हो गई?
नहीं। अभी तो रोहतक के विकास मॉडल की नींव पड़ी है। अभी तो बहुत दूर जाना है। यह ठीक है कि मैंने रोहतक के विकास का मॉडल अपने मन में बना रखा है। उसकी शुरुआत हो चुकी है। मुझे खुशी है कि एनडीए के प्रधानमंत्री उम्मीदवार नरेंद्र मोदी ने भी रोहतक के मॉडल से सीखा है।

उन्होंने अपने आर्थिक एजेंडे में कहा था कि हर राज्य में एक आईआईएम, एक आईआईटी और एक एम्स जरूर होना चाहिए। मैंने प्रयास करके ये राष्ट्रीय संस्थान रोहतक लोकसभा क्षेत्र में स्थापित कराए हैं। मैं चाहता हूं कि ये संस्थान हर लोकसभा क्षेत्र में होने चाहिए। विकास के दो मजबूत स्तंभ होते हैं।

एक बुनियादी ढांचा तैयार करना और दूसरा सर्वोत्तम शिक्षण संस्थान स्थापित करना। बुनियादी ढांचा से निवेश आता है और रोजगार के अवसर पैदा होते हैं। शिक्षण संस्थान खुलने से युवा बेहतरीन शिक्षा लेते हैं और दुनिया में नौकरी करने के योग्य होते हैं।

मगर कांग्रेस समेत अन्य विपक्षी नेता तो यह कहते हैं कि सारा विकास रोहतक तक सीमित हो गया? आप कह रहे हैं कि रोहतक में अभी तो नींव पड़ी है?
यह दुख की बात है कि रोहतक काफी लंबे समय से राजनीतिक द्वेष का शिकार होता रहा है जबकि यह प्रदेश का बड़ा केंद्र था। यहां जैसा विकास होना चाहिए था, वैसा नहीं हुआ था। मैं इंजीनियर हूं, इसलिए मैंने शहर के विकास की प्लानिंग की है।

थोड़ी-सी बारिश होने पर पूरा रोहतक शहर पानी में डूब जाता था। मगर अब सीवरेज सिस्टम डाला गया है। सड़कें बनी हैं और कितनी भी बारिश हो जाए, एक बूंद भी सड़क पर खड़ी नहीं रहती। मैंने कोशिश की है कि जितने भी राष्ट्रीय संस्थान हैं, वे रोहतक में स्थापित हों। छह रेलवे लाइन मंजूर हुई हैं।

रेवाड़ी-रोहतक रेल लाइन चालू हो गई है। तीन पर काम चल रहा है और तीन पर सैद्धांतिक रूप से मंजूर हुई हैं। देश का पहला रेलवे बाईपास रोहतक में बन रहा है। रोहतक में पहला नॉन स्टाप रिंग रोड बना है।

यह दुनिया के बीजिंग, सिंगापुर जैसे चुनिंदा शहरों में है। यह सारा काम नेशनल हाईवे अथॉरिटी का है। मैं प्रधानमंत्री डॉ. मनमोहन सिंह का आभार व्यक्त करता हूं। केंद्र से बहुत सारी योजनाएं लाने में कामयाब रहा हूं। बहादुरगढ़ तक मेट्रो रेल आने वाली है।

आगे क्या करना चाहते हैं?
रोहतक क्षेत्र में शिक्षण संस्थान आ गए हैं। मेरे क्षेत्र में बिजली के दो बड़े कारखाने झाड़ली में लगे हैं। कनेक्टिविटी बढ़ी है। रोहतक से हिसार वाया महम रेलवे लाइन बनने जा रही है। जींद-सोनीपत रेल लाइन वाया गोहाना का काम लगभग पूरा है। औद्योगिक केंद्र स्थापित करना मेरी योजना है। विकास का नक्शा मेरे दिल और दिमाग में बना हुआ है। उसमें से कुछ हो गया है। मैं चाहता हूं कि देश में जितने भी राष्ट्रीय संस्थान हैं, वे सभी रोहतक क्षेत्र में ला सकूं।

आप सांसद के तौर पर कितना सफल मानते हैं?

मैं समझता हूं कि जनता ने मुझे जो जिम्मेवारी दी थी, उसे निभाने में कामयाब रहा हूं। संसद में अपने प्रदेश और लोकसभा क्षेत्र की आवाज बुलंद की है। विकास कार्य करवाया है और कोशिश जारी है। ईमानदारी से अपनी बात केंद्र तक रखी है। मैंने घर, परिवार, सेहत, संसाधन लगाकर दिन-रात मेहनत की है।

अपने मुकाबले खड़े अन्य उम्मीदवारों को किस तरह देखते हैं?

सभी उम्मीदवार अपनी बात लेकर जनता के बीच जाएंगे। यह उनका अधिकार भी है। लोकतंत्र में फैसला लोग करते हैं। मैं उनकी उम्मीदवारी को किसी अन्य तरीकेे से नहीं लेता हूं। सब अलग-अलग पार्टियों के उम्मीदवार हैं।

आप जनता के बीच नहीं जा पा रहे हैं तो आपका चुनाव प्रचार कौन करेंगे?

मैंने बहुत मेहनत की। डॉक्टर मुझे आराम के लिए कहते थे मगर मैंने परवाह नहीं की। अब कमर दर्द इतना है कि डॉक्टरों ने आराम करने के लिए कहा है। इसलिए मेरी मां आशा हुड्डा रोहतक शहर में चुनाव प्रचार करेंगी। पिता और मुख्यमंत्री चौधरी भूपेंद्र सिंह हुड्डा भी समय निकालकर प्रचार करेंगे। हालांकि उन पर प्रदेश की जिम्मेवारी है।


मेरे ताया इंद्र सिंह, मेरे भाई मोनू हुड्डा और मेरे समर्थक, वर्कर, सब विधायक चुनाव प्रचार में लगे हैं। मुझे उम्मीद है कि जनता मेरा साथ देगी। मैं 21 मार्च को नामांकन पत्र भरते समय जरूर जाऊंगा। उस दिन बड़ी जनसभा रखी गई है।

विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed