सरकारी शिक्षकों की रिटायरमेंट पर सरकार का अहम फैसला
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सरकारी स्कूलों में पढ़ाने वाले शिक्षकों के रिटायमेंट मामले में सरकार ने अहम फैसला लिया है। फरमान जारी। दरअसल पंजाब सरकार ने बच्चों की पढ़ाई को लेकर अहम फैसला किया है।
अब सरकारी स्कूलों के टीचर सिर्फ 31 मार्च को ही रिटायर होंगे। भले ही उनका रिटायरमेंट किसी भी महीने में ड्यू हो। सरकार ने इस फैसले को अमलीजामा पहना दिया है।
पंजाब के स्कूलों में बड़ी संख्या में टीचर हर साल रिटायर होते हैं। बीच सेशन में टीचरों के रिटायर हो जाने के बाद तुरंत नई नियुक्ति करना संभव नहीं होता है।
ऐसे में बच्चों की पढ़ाई प्रभावित होती थी। इसे देखते हुए सरकार ने सभी टीचरों को 31 मार्च को रिटायर करने का फैसला किया है। सरकार ने इस संबंध में बाकायदा नोटीफिकेशन जारी कर दिया है।
एक्सटेंशन पीरियड में टीचरों को प्रमोशन या इनक्रीमेंट नहीं मिलेंगे
सरकार के नोटीफिकेशन के बाद शिक्षा विभाग ने भी इसके संबंध में औपचारिक पत्र जारी कर दिया है। यह आदेश लागू होने के साथ अब साल के किसी भी महीने में रिटायर होने वाले टीचरों को 31 मार्च तक का एक्सटेंशन मिल जाएगा।
हालांकि एक्सटेंशन पीरियड में उन्हें प्रमोशन या इनक्रीमेंट नहीं मिल सकेंगे। यह आदेश सिर्फ टीचरों पर लागू होगा। शिक्षा विभाग के दूसरे स्टाफ पर नहीं। सरकार ने रेगुलर टीचरों के लिए तो यह आदेश जारी कर दिया है। लेकिन बहुत से टीचर एक्सटेंशन पर काम कर रहे हैं।
उन पर यह आदेश लागू नहीं होगा। ऐसे में उनका कार्यकाल खत्म होने के बाद संबंधित स्कूल के बच्चों की पढ़ाई प्रभावित होगी। उधर, गवर्नमेंट टीचर्स यूनियन ने कहा है कि सरकार का यह कदम समस्या का स्थायी हल नहीं है।
जीटीयू पंजाब के प्रेस सचिव हरनेक सिंह मावी ने कहा कि सरकार को रेगुलर भर्ती करके एक वेटिंग लिस्ट रखनी चाहिए। जैसे ही किसी स्कूल से कोई टीचर रिटायर होता है, वहां वेटिंग लिस्ट में से फौरन नई नियुक्ति कर ली जाए।