सावधान! पानी बर्बाद किया तो कटेगा चालान
नगर निगम के जनस्वास्थ्य विभाग ने 15 अप्रैल से शहर में गाड़ियां धोने के साथ-साथ बगीचों में सिंचाई पर भी पाबंदी लगाने का निर्णय लिया है। पेयजल बर्बाद करने वालों का दो हजार रुपये का चालान काटा जाएगा। चालान के बाद दोबारा पकड़े जाने पर जुर्माने के नोटिस के साथ ही पानी का कनेक्शन भी काट दिया जाएगा।
नगर निगम अधिकारियों के अनुसार कनेक्शन काटने के लिए कोई अलग से नोटिस भी जारी नहीं किया जाएगा। निगम ने गर्मी शुरू होने पर पानी की किल्लत को दूर करने के लिए यह निर्णय लिया है।
शहर में पानी की बर्बादी करने वालों पर नजर रखने के लिए नगर निगम एक दर्जन से ज्यादा टीमों का गठन कर रहा है, जिसकी जल्द ही नोटिफिकेशन जारी कर दी जाएगी। इस बार चीफ इंजीनियर मुकेश आनंद के साथ-साथ कार्यकारी अभियंताओं को भी सुबह चेकिंग की जिम्मेदारी दी जा रही है।
चीफ इंजीनियर खुद भी शहर के अलग-अलग हिस्सों का दौरा करेंगे। मालूम हो कि सबसे ज्यादा बागवानी में साफ पीने के पानी की बर्बादी वीआईपी इलाकों में होती है, क्योंकि वहां पर ही लोगों के बगीचे हैं। शहर में जिन घरों की छतों की टंकियों से पानी बहता है उनका भी चालान काटने का प्रावधान है।
पानी की लीकेज पर भी चालान
अगर किसी के घर के आगे पानी की लीकेज हो रही है या फिर मीटर में से पानी बह रहा है या फिर कूलर में से पानी बहेगा तो भी दो हजार रुपये का चालान काटा जाएगा। नगर निगम का यह कार्रवाई अभियान 15 अप्रैल से लेकर 30 जून तक जारी रहेगा।
अगर कोई जुर्माने की राशि अदा नहीं करेगा तो पानी के बिल में यह राशि जुड़कर आ जाएगी। अधिकारियों के अनुसार बूस्टर पंप और पानी चढ़ाने के लिए मोटर का इस्तेमाल करने वालों पर भी नजर रखी जाएगी।
लोगों को पानी की किल्लत से जूझना पड़ सकता है
बाल्टी का प्रयोग कर सकते हैं: अगर कोई बाल्टी में से कम पानी का प्रयोग करके गाड़ी साफ करता है या फिर सिंचाई करता है तो उस पर कार्रवाई नहीं की जाएगी।
इसलिए आएगी पानी की किल्लत
जल्द ही गर्मी दस्तक देने जा रही है। इस दौरान पानी का प्रैशर लो रहेगा और लोगों को पानी की किल्लत से जूझना पड़ सकता है। इसलिए भी ज्यादा दिक्कत आएगी क्योंकि शहर ने पंचकूला को छह एमजीडी पानी की सप्लाई देने की तैयारी कर दी है।
टरशरी वाटर का प्रयोग नहीं करते रेजिडेंट्स: शहर में नगर निगम ने टरशरी वाटर की सप्लाई शुरू की हुई है, लेकिन इसके कनेक्शन लेने के लिए निगम लोगों को जागरूक नहीं कर रहा है। लोगों का कहना है कि टरशरी वाटर से दुर्गंध आती है।
गर्मी में कितनी रहती है पानी की मांग: शहर में इस समय 87 एमजीडी पानी की सप्लाई हो रही है, जबकि गर्मी के दिनों में यह मांग बढ़कर 116 एमजीडी हो जाती है। 67 एमजीडी की सप्लाई कजौली वाटर वर्क्स से और 20 एमजीडी की सप्लाई टयूबवैल से हो रही है।
मुकेश आनंद, चीफ इंजीनियर ने बताया कि 15 अप्रैल से पानी की बर्बादी करने वालों के खिलाफ मुहिम छेड़ दी जाएगी। शहर के अलग-अलग कोनों में गाड़ियों को पानी से धोने और सिंचाई करने वालों पर नजर रखी जाएगी। इस बार शहर में पानी की किल्लत नहीं होने दी जाएगी। पानी की बर्बादी करने वालों की शिकायत दर्ज करवाने के लिए एक हेल्पलाइन नंबर भी जारी किया जाएगा।