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Chandigarh News: चंडीगढ़ पुलिस के डीएसपी की आईपीएस में पदोन्नति का दावा खारिज करने का फैसला रद्द
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चंडीगढ़। केंद्रीय प्रशासनिक अधिकरण (कैट) की चंडीगढ़ पीठ ने चंडीगढ़ पुलिस के डीएसपी राम गोपाल को बड़ी राहत देते हुए आईपीएस में पदोन्नति के उनके दावे को खारिज करने वाले 2019 के आदेशों को रद्द कर दिया है। अधिकरण ने चंडीगढ़ प्रशासन को डीएसपी कैडर से जुड़े भर्ती नियम और आवश्यक रिकॉर्ड दो सप्ताह के भीतर केंद्र सरकार को भेजने के निर्देश दिए हैं। इसके बाद केंद्र सरकार को आठ सप्ताह में मामले पर नियमानुसार निर्णय लेना होगा।
राम गोपाल ने 2019 में जारी उन आदेशों को चुनौती दी थी, जिनमें चंडीगढ़ पुलिस के डीएसपी कैडर को आईपीएस पदोन्नति के लिए मान्यता प्राप्त फीडर कैडर नहीं माना गया था। याचिकाकर्ता ने बताया कि उन्होंने वर्ष 1991 में एएसआई के पद से सेवा शुरू की थी और बाद में इंस्पेक्टर से डीएसपी बने। उनका दावा था कि वह वरिष्ठ डीएसपी हैं और आईपीएस पदोन्नति के लिए जरूरी सेवा अवधि व अन्य पात्रताएं पूरी करते हैं।
कैट ने कहा कि रिकॉर्ड के अनुसार राम गोपाल वर्ष 2017 में जरूरी सेवा अवधि पूरी कर चुके थे। प्रशासनिक देरी के कारण किसी कर्मचारी के वैधानिक अधिकार प्रभावित नहीं किए जा सकते। अधिकरण ने संबंधित आदेशों को रद्द करते हुए केंद्र सरकार को नियमों के अनुसार उनके मामले पर दोबारा विचार करने के निर्देश दिए हैं।
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राम गोपाल ने 2019 में जारी उन आदेशों को चुनौती दी थी, जिनमें चंडीगढ़ पुलिस के डीएसपी कैडर को आईपीएस पदोन्नति के लिए मान्यता प्राप्त फीडर कैडर नहीं माना गया था। याचिकाकर्ता ने बताया कि उन्होंने वर्ष 1991 में एएसआई के पद से सेवा शुरू की थी और बाद में इंस्पेक्टर से डीएसपी बने। उनका दावा था कि वह वरिष्ठ डीएसपी हैं और आईपीएस पदोन्नति के लिए जरूरी सेवा अवधि व अन्य पात्रताएं पूरी करते हैं।
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कैट ने कहा कि रिकॉर्ड के अनुसार राम गोपाल वर्ष 2017 में जरूरी सेवा अवधि पूरी कर चुके थे। प्रशासनिक देरी के कारण किसी कर्मचारी के वैधानिक अधिकार प्रभावित नहीं किए जा सकते। अधिकरण ने संबंधित आदेशों को रद्द करते हुए केंद्र सरकार को नियमों के अनुसार उनके मामले पर दोबारा विचार करने के निर्देश दिए हैं।
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