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Hindi News ›   Chandigarh ›   Debt Waiver: Government asks for data from banks

कर्ज माफी: सरकार ने बैंकों से सवा दस लाख किसानों का डाटा मांगा

Wed, 26 Jul 2017 09:30 AM IST
ब्यूरो/अमर उजाला, चंडीगढ़
ब्यूरो/अमर उजाला, चंडीगढ़ Updated Wed, 26 Jul 2017 09:30 AM IST
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Debt Waiver: Government asks for data from banks
Punjab farmer - फोटो : File Photo
पंजाब सरकार ने सूबे के लगभग सवा दस लाख किसानों का कर्ज माफ करने के लिए उनके बैंक खातों के विवरण हासिल करने की परेशानी का हल ढूंढ लिया है। कर्जदार किसानों को केवल इतना करना होगा कि वे अपने-अपने बैंक में यह लिखकर दें कि उनके बैंक खाते का विवरण राज्य सरकार को दिए जाने पर उन्हें कोई आपत्ति नहीं है। वित्त मंत्री मनप्रीत बादल ने बताया कि बैंकों से तालमेल कर किसानों के कर्ज माफी का मामला एक महीने में सुलझा लिया जाएगा।
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मंगलवार को पंजाब भवन में स्टेट बैंकर्स कमेटी के पदाधिकारियों और राज्य सरकार द्वारा किसान कर्ज के निपटारे के लिए गठित की गई डॉ. टी. हक कमेटी के बीच बैठक हुई। बैठक में वित्त मंत्री ने भी शिरकत की। उन्होंने सभी बैंकों को कर्जदार किसानों के खातों का विवरण सरकार को मुहैया कराने को कहा। इस पर बैंकर्स द्वारा नियमों का हवाला देते हुए वित्त मंत्री को बताया गया कि बैंक अपने किसी भी ग्राहक की अनुमति के बिना उनके खाते की जानकारी किसी अन्य को नहीं दे सकते।
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आखिरकार यह हल निकला कि खाताधारक किसानों से बैंक लिखित रूप में यह अनुमति हासिल करें कि उनके खाते की जानकारी सरकार को देने में उन्हें कोई आपत्ति नहीं है। बैंकर्स का कहना है कि जैसे ही किसान अपने खाते के बारे में बैंक को लिखित अनुमति देंगे, बैंक अगले 15-20 दिन में राज्य सरकार को डाटा मुहैया करा देंगे।
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बैंकों से वन टाइम सेटलमेंट पर भी चर्चा :

Debt Waiver: Government asks for data from banks
मनप्रीत बादल - फोटो : File Photo
बैठक के बाद वित्त मंत्री ने बताया कि बैंकों से तालमेल कर किसानों के कर्ज माफी का मामला एक महीने में सुलझा लिया जाएगा। उन्होंने बताया कि इस मसले पर आगे चर्चा के लिए बैंकर्स के साथ डॉ. हक कमेटी अगले बुधवार को दोबारा बैठक करेगी। 

बैंकों से वन टाइम सेटलमेंट पर भी चर्चा :
बैंकर्स और डॉ. टी. हक कमेटी की बैठक के दौरान राज्य सरकार ने बैंकों से किसानों के कर्ज की राशि को लेकर वन टाइम सेटलमेंट के तरीके पर भी विचार करने को कहा। राज्य सरकार किसानों के दो लाख रुपये तक के कर्ज की बैंकों को अदायगी का सारा जिम्मा अपने सिर लेकर किसानों को तुरंत प्रभाव से मुक्त करना चाहती है। इसके बाद कर्ज की राशि को लेकर राज्य सरकार और बैंकर्स के बीच ही सारा लेन-देन चलेगा। 
 
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