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Hindi News ›   Chandigarh ›   Death sentence for misdeed convict in Kapurthala of Punjab

हैवान को मौत की सजा: सात साल की मासूम से किया था दुष्कर्म, निजी अंग को पहुंचाया था नुकसान

Thu, 10 Feb 2022 06:47 PM IST
ajay kumar संवाद न्यूज एजेंसी, कपूरथला (पंजाब)
संवाद न्यूज एजेंसी, कपूरथला (पंजाब) Published by: ajay kumar Updated Thu, 10 Feb 2022 06:47 PM IST
सार

पंजाब के कपूरथला में एक अदालत ने हैवान को मौत की सजा सुनाई है। दोषी ने सात साल की बच्ची के साथ दुष्कर्म किया। उसने मासूम के साथ हैवानियत की हदें भी पार कीं।

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Death sentence for misdeed convict in Kapurthala of Punjab
सांकेतिक फोटो - फोटो : सोशल मीडिया

विस्तार

नाबालिग से दुष्कर्म के बाद दरिंदगी के मामले में अतिरिक्त जिला सत्र न्यायाधीश की अदालत ने पीड़ित परिवार को सबसे तेज न्याय दिलाया है। अदालत ने दुष्कर्म के आरोपी को दोषी मान मौत की सजा सुनाई है। वहीं पीड़ित परिवार को आठ लाख रुपये का मुआवजा देने का भी आदेश दिया है। इस ऐतिहासिक फैसले की पुष्टि विशेष लोक अभियोजक व डिप्टी डीए लीगल अनिल बोपाराय ने की है। 

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15 मार्च 2021 को रेल कोच फैक्टरी (आरसीएफ) के करीब झुग्गियों में सात साल की नाबालिग बच्ची को एक व्यक्ति बिस्किट देने का लालच देकर एक खाली झुग्गी में ले गया और वहां दुष्कर्म की वारदात को अंजाम दिया। सूचना के बाद जिला पुलिस ने नाबालिग के पिता के बयान पर आरोपी मुकेश कुमार निवासी बंगाली टोला (बिहार) के खिलाफ धारा 376 ए-बी, 307, 4, 6 पॉस्को एक्ट के तहत मामला दर्ज किया था। 
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यह मामला अतिरिक्त जिला-कम-सेशन जज राजविंदर कौर की अदालत में विचाराधीन था। गुरुवार को सुनवाई के दौरान विशेष लोक अभियोजक अनिल कुमार बोपाराय ने बताया कि आरोपी मुकेश कुमार ने नाबालिग से दुष्कर्म के अलावा हैवानियत की हदें पार की और प्राइवेट पार्ट में डंडे से नुकसान पहुंचाया। जिसके बाद वह लंबे समय तक जिंदगी और मौत के बीच जूझती रही। 
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आखिरकार डॉक्टरों ने काफी जद्दोजहद से ऑपरेशन कर उसकी जान बचाई और उसकी बच्चेदानी निकालनी पड़ी। जिससे बच्ची का नारीत्व पूरी तरह से खत्म हो गया। अनिल बोपाराय ने बताया कि अतिरिक्त जिला-कम-सेशन जज की अदालत ने सभी तथ्यों और सबूतों व वकीलों की दलीलें सुनने के बाद आरोपी मुकेश कुमार को दोषी मानत मौत की सजा सुनाई। 

वहीं पंजाब सरकार को पीड़ित परिवार को आठ लाख रुपये मुआवजा देने का आदेश दिया। अनिल कुमार बोपाराय ने बताया कि मुकेश को फांसी देने का निर्णय हाईकोर्ट करेगा। हाईकोर्ट इस सजा को उम्रकैद में भी तब्दील कर सकता है। हाईकोर्ट की अनुमति के बाद जहां फांसी का प्रावधान होगा, वहां मुकेश को फांसी दी जाएगी। 


ट्रिपल मर्डर केस में भी सुनाई थी फांसी की सजा
जज राजविंदर कौर ने इससे पहले 2019 में फगवाड़ा के ट्रिपल मर्डर केस में आरोपी को दोषी मान फांसी की सजा सुनाई थी। अब 2022 में एक साल से पहले ही दोषी को मौत की सजा सुनाकर जनता का न्याय पर विश्वास बढ़ाया है। अनिल कुमार बोपाराय के अनुसार इस मामले में कोविड के चलते कुछ देरी हुई, अन्यथा मामले में सजा पहले ही हो जानी थी। इस केस में सबसे तेज न्याय दिया गया है।

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