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Chandigarh News: हेमकुंड साहिब में माथा टेकने गए व्यक्ति की मौत
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जीरकपुर। गुरुद्वारा हेमकुंड साहिब में माथा टेकने गए गांव दयालपुरा के एक युवक की सांस लेने में समस्या आने के बाद सोते हुए मौत हो गई। इस कारण परिवार सदमे में है। उनके पिता भी विदेश से पैतृक गांव पहुंच गए हैं। अमनप्रीत सिंह का संस्कार देर शाम मंगलवार को कर दिया गया।
अमनप्रीत सिंह के दोस्त अशविंदर सिंह ने बताया कि वह चार दोस्त वीरवार शाम पांच बजे घर से गुरुद्वारा हेमकुंड साहिब में माथा टेकने के लिए निकले थे और रास्ते में रुकते हुए गुरुद्वारों में माथा टेकते हुए जा रहे थे। वह रविवार को शाम करीब साढ़े छह बजे गोबिंद धाम गुरुद्वारा साहिब पहुंच गए थे। अमनप्रीत ने कहा कि उसका बीपी कम हो रहा है। इसके बाद उसे अस्पताल की डिस्पेंसरी में दिखाया तो डॉक्टर ने दवाई देकर आराम करने के लिए कहा। रात करीब साढ़े दस बजे जब हम लंगर खाने जाने के लिए उठे तो अमनप्रीत को उठाने की कोशिश की लेकिन वह नहीं उठा तो हमने सोचा की गहरी नींद में है। उन्होंने लंगर छका और कमरे में आकर सो गए। हेमकुंड साहिब जाने के लिए सब सुबह साढ़े चार बजे उठे और अमनप्रीत को उठाया तो वह नहीं उठा। इसके बाद हम उसे उठाकर डॉक्टर के पास ले गए तो उन्होंने उसे मृत घोषित कर दिया। शव को डेराबस्सी के सिविल अस्पताल में रखवा दिया गया है।
सांस घुटने से वहां हो रही थी कई मौतें
अशविंदर ने बताया कि जब हम अस्पताल में थे तो ऊपर हेमकुंड साहिब गुरुद्वारे से तीन शव नीचे लाए जा रहे थे। बताया जा रहा था कि इनकी मौत भी सांस घुटने की वजह से हुई है। लोगों व स्टाफ ने बताया कि ऐसे कई मौतें हो चुकी हैं। अशविंदर ने बताया कि हम शव को लेकर मंगलवार को 12 बजे तक पहुंच गए थे और देर शाम पिता के आने के बाद संस्कार कर दिया गया।
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अमनप्रीत सिंह के दोस्त अशविंदर सिंह ने बताया कि वह चार दोस्त वीरवार शाम पांच बजे घर से गुरुद्वारा हेमकुंड साहिब में माथा टेकने के लिए निकले थे और रास्ते में रुकते हुए गुरुद्वारों में माथा टेकते हुए जा रहे थे। वह रविवार को शाम करीब साढ़े छह बजे गोबिंद धाम गुरुद्वारा साहिब पहुंच गए थे। अमनप्रीत ने कहा कि उसका बीपी कम हो रहा है। इसके बाद उसे अस्पताल की डिस्पेंसरी में दिखाया तो डॉक्टर ने दवाई देकर आराम करने के लिए कहा। रात करीब साढ़े दस बजे जब हम लंगर खाने जाने के लिए उठे तो अमनप्रीत को उठाने की कोशिश की लेकिन वह नहीं उठा तो हमने सोचा की गहरी नींद में है। उन्होंने लंगर छका और कमरे में आकर सो गए। हेमकुंड साहिब जाने के लिए सब सुबह साढ़े चार बजे उठे और अमनप्रीत को उठाया तो वह नहीं उठा। इसके बाद हम उसे उठाकर डॉक्टर के पास ले गए तो उन्होंने उसे मृत घोषित कर दिया। शव को डेराबस्सी के सिविल अस्पताल में रखवा दिया गया है।
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सांस घुटने से वहां हो रही थी कई मौतें
अशविंदर ने बताया कि जब हम अस्पताल में थे तो ऊपर हेमकुंड साहिब गुरुद्वारे से तीन शव नीचे लाए जा रहे थे। बताया जा रहा था कि इनकी मौत भी सांस घुटने की वजह से हुई है। लोगों व स्टाफ ने बताया कि ऐसे कई मौतें हो चुकी हैं। अशविंदर ने बताया कि हम शव को लेकर मंगलवार को 12 बजे तक पहुंच गए थे और देर शाम पिता के आने के बाद संस्कार कर दिया गया।
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