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नोटबंदी का असर: नहीं हुआ नई करेंसी का इंतजाम, मरीज की मौत
ब्यूरो/अमर उजाला, जालंधर
Updated Tue, 15 Nov 2016 09:26 AM IST
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- फोटो : Demo Pic
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नए नोटों का इंतजाम करने में देर होने के चलते एक मरीज की मौत हो गई। हालांकि मामले की किसी तरह की कोई शिकायत नहीं की गई है। देश में बंद किए गए 500 व 1000 के नोट लोगों की समस्या बन गए है।
प्रधानमंत्री ने अस्पतालों को पुराने नोट लेने का आह्वान किया है। इसके बावजूद अस्पताल वाले पुराने नोट नही ले रहे हैं। महानगर जालंधर में सोमवार को इन्हीं पुराने नोटों के चक्कर में इलाज न होने पर एक मरीज की मौत हो गई है। यहां के एक निजी अस्पताल में पुराने नोट होने के कारण मरीज को दाखिल नहीं करवाया जा सका। करीब दो घंटे बाद नए नोटों का इंतजाम हुआ पर तब तक बहुत देर हो चुकी थी।
समय पर मरीज का इलाज न होने के कारण मरीज की जान चली गई। इस बारे कालिया कालोनी निवासी सुखदेव ने बताया कि शाहपुर से उनके रिश्तेदार संक्रमण के कारण अस्पताल लाए गए थे।अस्पताल ने दाखिल करने के लिए नए नोट मांगे। हमारे पास पुराने नोट ही थे। हम नए नोट का इंतजाम करने में लग गए। इस काम में लगभग 2 घंटे का समय लग गया। इस दौरान मरीज की हालत ज्यादा खराब होने से उसकी मौत हो गई।
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प्रधानमंत्री ने अस्पतालों को पुराने नोट लेने का आह्वान किया है। इसके बावजूद अस्पताल वाले पुराने नोट नही ले रहे हैं। महानगर जालंधर में सोमवार को इन्हीं पुराने नोटों के चक्कर में इलाज न होने पर एक मरीज की मौत हो गई है। यहां के एक निजी अस्पताल में पुराने नोट होने के कारण मरीज को दाखिल नहीं करवाया जा सका। करीब दो घंटे बाद नए नोटों का इंतजाम हुआ पर तब तक बहुत देर हो चुकी थी।
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समय पर मरीज का इलाज न होने के कारण मरीज की जान चली गई। इस बारे कालिया कालोनी निवासी सुखदेव ने बताया कि शाहपुर से उनके रिश्तेदार संक्रमण के कारण अस्पताल लाए गए थे।अस्पताल ने दाखिल करने के लिए नए नोट मांगे। हमारे पास पुराने नोट ही थे। हम नए नोट का इंतजाम करने में लग गए। इस काम में लगभग 2 घंटे का समय लग गया। इस दौरान मरीज की हालत ज्यादा खराब होने से उसकी मौत हो गई।
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