चंडीगढ़ अग्निकांडः 4 प्रदेशों का रिकॉर्ड जलकर स्वाह
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
चंडीगढ़ के सेक्टर-17 स्थित नेशनल इंस्टीट्यूट ऑफ इलेक्ट्रानिक्स एंड इंफॉरमेशन टेक्नोलॉजी (एनआईईएलआईटी) की चार मंजिला इमारत रविवार को भीषण आग में ढेर हो गई।
साथ ही इस चार मंजिला इमारत में रखे कंप्यूटर और चार प्रदेशों का रिकार्ड जलकर राख हो गए। इससे संस्थान को करोड़ों रुपये का नुकसान हुआ। यहां पर कंप्यूटर इंस्टीट्यूट भी चलता है, जहां सैकड़ों बच्चे पढ़ते हैं।
पंजाब, हरियाणा, यूटी के बिजली और पानी के बिल और कई परीक्षाओं के लिए पेपर भी तैयार होते हैं। साथ ही इंस्टीट्यूट की कंप्यूटर लैब भी जल गई।
दो फायर फाइटर की मौत, चार और दबे होने की आशंका
हादसे में एक वायुसेना कर्मी और एक फायर फाइटर की मौत हो गई। मलबे में तीन से चार फायर फाइटर के दबे होने की आशंका जताई गई है। धुएं से दम घुटने पर बेहोश होने के बाद दो कर्मियों को जीएमएसएच-16 में भर्ती कराया गया।
200 से ज्यादा फायर फाइटर, पर आग काबू न हुई
धराशायी होने से पहले करीब पांच घंटे तक इमारत धमाकों के साथ धू-धू कर जलती रही, जबकि देर रात तक मलबा सुलग रहा था। आग को बुझाने में एयर फोर्स, थ्री-बीआरडी और फायर ब्रिगेड के 200 से ज्यादा फायर फाइटर और पुलिसकर्मी लगे रहे मगर यह काबू नहीं आई।
एसी प्लांट से हुई शुरुआत
संस्थान के बेसमेंट में स्थित एसी प्लांट की रिपेयर का काम चल रहा था। चार दशक से ज्यादा पुराने इस एसी प्लांट की मरम्मत ब्लू स्टार कंपनी कर रही थी। करीब पौने पांच बजे अचानक प्लांट में धमका हुआ और चिंगारियां निकलने लगीं।
मरम्मत कर रहे कर्मचारी बाहर की ओर भागे। इमारत के सुरक्षाकर्मी जसबीर सिंह ने बताया आग शार्ट सर्किट से लगी। बिल्डिंग के अंदर लकड़ी और थर्माकोल का काफी इस्तेमाल हो रखा था। यहां लकड़ी के कैबिन बने हुए थे जिस कारण आग भड़कती रही।