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Chandigarh News: डेड लाइन बीती, 3.2 किलोमीटर का साइकिल ट्रैक अब भी अधूरा
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चंडीगढ़। शहर में साइकिल सवारों को सुरक्षित और अलग रास्ता देने के लिए पूर्व मार्ग पर बनाया जा रहा करीब 3.2 किलोमीटर लंबा साइकिल ट्रैक तय समय सीमा बीतने के करीब छह महीने बाद भी पूरी तरह तैयार नहीं हो पाया है। ट्रिब्यून चौक से ट्रांसपोर्ट चौक तक बनने वाले इस ट्रैक को 31 मार्च तक पूरा किया जाना था। अमर उजाला की जमीनी पड़ताल में सामने आया कि ट्रांसपोर्ट लाइट प्वाइंट से ट्रैक शुरू होने वाले हिस्से में करीब 150 से 200 मीटर तक अभी निर्माण शुरू होने की स्थिति में है। यहां फिलहाल मिट्टी डाली जा रही है। इसके बाद सीमेंटेड ट्रैक बनाया जाना है।
ट्रांसपोर्ट लाइट प्वाइंट से पीवीआर लाइट प्वाइंट, सेक्टर-29 और औद्योगिक क्षेत्र फेज-1 की ओर ट्रैक काफी हद तक तैयार है। हालांकि, एक जगह बिजली का खंभा ट्रैक के बीच में खड़ा है, जो रात में साइकिल सवारों के लिए खतरा बन सकता है।
रात में अंधेरे में डूब जाता है मार्ग
करीब 3.2 किलोमीटर का बड़ा हिस्सा आम के पेड़ों वाले बाग से होकर गुजरता है। दिन में हराभरा दिखने वाला यह मार्ग रात में कई जगह अंधेरे में डूब जाता है। ट्रैक पर पर्याप्त स्ट्रीट लाइट की व्यवस्था नजर नहीं आती। ऐसे में रात में हादसे के साथ सुरक्षा को लेकर भी चिंता बनी रहती है। इसी मार्ग पर झपटमारी और लूट की घटनाएं सामने आती रही हैं।
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साइकिल ट्रैक को केवल सीमेंटेड रास्ते तक सीमित रखने के बजाय पर्याप्त रोशनी, बाधामुक्त मार्ग और रात में सुरक्षा के इंतजाम भी जरूरी हैं।
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ट्रांसपोर्ट लाइट प्वाइंट से पीवीआर लाइट प्वाइंट, सेक्टर-29 और औद्योगिक क्षेत्र फेज-1 की ओर ट्रैक काफी हद तक तैयार है। हालांकि, एक जगह बिजली का खंभा ट्रैक के बीच में खड़ा है, जो रात में साइकिल सवारों के लिए खतरा बन सकता है।
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रात में अंधेरे में डूब जाता है मार्ग
करीब 3.2 किलोमीटर का बड़ा हिस्सा आम के पेड़ों वाले बाग से होकर गुजरता है। दिन में हराभरा दिखने वाला यह मार्ग रात में कई जगह अंधेरे में डूब जाता है। ट्रैक पर पर्याप्त स्ट्रीट लाइट की व्यवस्था नजर नहीं आती। ऐसे में रात में हादसे के साथ सुरक्षा को लेकर भी चिंता बनी रहती है। इसी मार्ग पर झपटमारी और लूट की घटनाएं सामने आती रही हैं।
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साइकिल ट्रैक को केवल सीमेंटेड रास्ते तक सीमित रखने के बजाय पर्याप्त रोशनी, बाधामुक्त मार्ग और रात में सुरक्षा के इंतजाम भी जरूरी हैं।