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बटाला: 20 दिन बाद कनाडा से गांव पहुंचा करणपाल का शव, गमगीन माहौल में हुआ अंतिम संस्कार, पिता ने दी मुखाग्नि
Wed, 30 Mar 2022 06:43 PM IST
ajay kumar
संवाद न्यूज एजेंसी, बटाला (पंजाब)
संवाद न्यूज एजेंसी, बटाला (पंजाब)
Published by: ajay kumar
Updated Wed, 30 Mar 2022 06:43 PM IST
सार
जनवरी 2021 में गांव अम्मोनंगल के रहने वाले 22 वर्षीय करणपाल सिंह कनाडा पढ़ने गया था। वहां पढ़ाई के बाद अपने परिवार के सपनों को साकार करना था लेकिन बदकिस्मती से 11 मार्च 2022 को जब करणपाल सिंह अपना आखिरी पेपर देकर साथियों संग एक कार में वापस आ रहा था तो रास्ते में एक ट्राले से उनकी कार को टक्कर मार दी थी।
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करणपाल सिंह की फाइल फोटो
- फोटो : संवाद न्यूज एजेंसी
विस्तार
कनाडा में 11 मार्च को सड़क हादसे में मारे गए करणपाल सिंह का शव बुधवार को 20 दिन के बाद बटाला के गांव अम्मोनंगल पहुंचा। जैसे ही शव गांव पहुंचा तो माहौल गमगीन हो गया। करणपाल सिंह का शव देखकर पारिवारिक सदस्य बिलख-बिलख कर रोने लगे। हर आंख में आंसू थे। बुधवार को दोपहर बाद गमगीन माहौल में अम्मोनंगल में करणपाल सिंह का अंतिम संस्कार कर दिया गया।
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पिता परजीत सिंह ने अपने बेटे करणपाल को मुखाग्नि दी। करणपाल सिंह के मामा मलकीत सिंह ने कहा कि करणपाल सिंह पढ़ने कनाडा गया था। उन्होंने कर्ज लेकर उसे विदेश भेजा था, ताकि वह वहां रोजगार हासिल कर सके, क्योंकि देश में रोजगार नहीं है और न ही युवाओं के लिए सरकार रोजगार का प्रबंध करती है।
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करणपाल सिंह की मौत के बाद न तो कनाडा और ना ही भारत सरकार ने उनकी कोई मदद की है। उन्होंने कनाडा के छात्रों और कनाडा में रहने वाले पंजाबियों का धन्यवाद किया और कहा कि इन लोगों ने ही करणपाल सिंह का शव गांव में भेजने के लिए हर तरह मदद की है। वह कनाडा में स्थित पंजाबी छात्रों की मदद कभी नहीं भूल पाएंगे।
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मृतक करणपाल सिंह की दादी रजवंत कौर ने केंद्र और राज्य सरकार से नौजवानों को अपने देश में ही रोजगार मुहैया करवाने की अपील की, ताकि अपने मुल्क के बच्चों को विदेश में भेजने की जरूरत ही न पड़े। सरकार बेरोजगारी को दूर करे, ताकि करणपाल सिंह जैसे होनहार छात्र ऐसे हादसों से बच सकें।
बता दें कि जनवरी 2021 में गांव अम्मोनंगल के रहने वाले 22 वर्षीय करणपाल सिंह कनाडा पढ़ने गया था। वहां पढ़ाई के बाद अपने परिवार के सपनों को साकार करना था लेकिन बदकिस्मती से 11 मार्च 2022 को जब करणपाल सिंह अपना आखिरी पेपर देकर साथियों संग एक कार में वापस आ रहा था तो रास्ते में एक ट्राले से उनकी कार को टक्कर मार दी थी। हादसे में करणपाल समेत पांच छात्रों की मौत हो गई थी।