ध्यान दें, बारिश में बढ़ेगा स्वाइन फ्लू, बचकर रहें
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
बारिश के बाद स्वाइन फ्लू का असर बढ़ सकता है। डॉक्टरों का कहना है कि वातावरण में ठंड और नमी बढ़ने से यह वायरस और तेजी से फैलेगा। इसलिए अब लोगों को पहले से ज्यादा अलर्ट रहने की जरूरत है।
पीजीआई के विशेषज्ञों का कहना है कि वातावरण में अचानक बदलाव से शरीर का अंदरुनी तापमान कम हो जाता है। इससे बॉडी का इम्यून सिस्टम कमजोर होता है। ऐसे में जो बीमार और बच्चों को ज्यादा खतरा होता है।
वायरस को खत्म करने के लिए 30 डिग्री तापमान जरूरी
वायरस को खत्म करने के लिए कम से कम सात दिन तक 30 डिग्री तक पारा रहना जरूरी है। डाक्टरों ने बताया कि पिछले साल तक फरवरी के आखिरी सप्ताह तक तापमान काफी बढ़ जाता था, इसलिए स्वाइन फ्लू कंट्रोल में आ जाता था। इस बार मौसम भी स्वाइन फ्लू का साथ दे रहा है।
मोहाली सहित पंजाब में फिर से दो की मौत
स्वाइन फ्लू से पंजाब में दो और मरीजों की मौत हो गई है। पहली मौत मोहाली के रहने वाले भूपिंदर की हुई है। वे सेक्टर 80 में रहते थे। दूसरी मौत की खबर फगवाड़ा से है। वहां 60 वर्षीय दीदार पीजीआई में दाखिल थे। रविवार को उन्होंने दम तोड़ दिया।
चंडीगढ़ में जमकर हुई बारिश, लौटी ठंड
सिटी ब्यूटीफुल के आसपास के इलाकों में सुबह से शुरू हुई बारिश देर रात तक जारी रही। तेज हवाओं और बारिश से दिन के तापमान में शनिवार के मुकाबले पांच डिग्री की गिरावट देखी गई, जो सामान्य से छह डिग्री कम था।
मौसम विभाग के मुताबिक सिटी में कुल 16 एमएम बारिश रिकार्ड की गई, जबकि देर रात तक बारिश का दौर जारी था। मौसम विभाग ने बताया है कि सोमवार को भी बारिश जारी रहेगी। दिन में हवा करीब 20 किलोमीटर प्रति घंटा की रफ्तार से चलती रही। मौसम विभाग का कहना है कि चंडीगढ़ और आसपास के इलाकों में वेस्टर्न डिस्टरबेंस एक्टिव है।
मंगलवार को कमजोर पड़ेगा वेस्टर्न डिस्टरबेंस
मौसम विभाग के मुताबिक मंगलवार से वेस्टर्न डिस्टरबेंस कमजोर पड़ने लगेगा। इससे दिन और रात के तापमान में कमी आएगी। दो दिन तक ठंड जारी रहेगी। सोमवार और मंगलवार को दिन का तापमान 16 से 18 डिग्री के बीच दर्ज किया जा सकता है।
बर्बादी और बीमारी की ‘बारिश’
पंजाब में रविवार को दिनभर बारिश होती रही। इससे जहां एक ओर तापमान में गिरावट दर्ज हुई, वहीं किसानों की चिंता बढ़ती चली गई। बेमौसम बारिश से सूबे में गेहूं और आलू की फसल की बर्बादी के साथ स्वाइन फ्लू के मामलों में बढ़ोतरी होने की आशंका जताई जा रही है।
रविवार को बारिश से जालंधर का अधिकतम तापमान 25-26 डिग्री से गिरकर 15 डिग्री तक पहुंच गया। वहीं लुधियाना में 9.2 एमएम बरसात से अधिकतम तापमान 23 डिग्री और न्यूनतम 13 डिग्री रहा। पटियाला में तेज हवाओं से कई जगह गेहूं की फसल बिछ गई।
पंजाब खेतीबाड़ी यूनिवर्सिटी के कृषि वैज्ञानिक डॉ. सुखदेव सिंह ने कहा कि यह मौसम गेहूं के लिए बेहद खराब है। फसल बिछ जाएगी तो दोबारा खड़ी नहीं हो सकेगी। इस समय तो गेहूं को धूप की जरूरत है, पर बारिश से फसल की ग्रोथ धीमी हो जाएगी।
बारिश से ये लोग रहें ज्यादा अलर्ट
- 5 साल से कम उम्र के बच्चे
- 65 साल से ज्यादा उम्र के बुजुर्ग और गर्भवती महिलाएं
- फेफड़ों, किडनी या दिल के मरीज
- कमजोर इम्यून सिस्टम वाले
- डायबिटीज के मरीज
- अस्थमा के मरीज, जिनका इलाज चल रहा हो