फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Chandigarh ›   Cycle Traders Facing Loss due to Atlas Cycle Industry Shut Down

एटलस पर 100 करोड़ से कम की है देनदारी, प्लांट बंद होने से कारोबारियों के करोड़ों रुपये फंसे

Sat, 06 Jun 2020 02:41 PM IST
खुशबू गोयल अमर उजाला, लुधियाना
अमर उजाला, लुधियाना Published by: खुशबू गोयल Updated Sat, 06 Jun 2020 02:41 PM IST
विज्ञापन
Cycle Traders Facing Loss due to Atlas Cycle Industry Shut Down
फाइल फोटो
विश्व साइकिल दिवस पर साहिबाबाद स्थित साइकिल कंपनी एटलस द्वारा प्लांट में उत्पादन बंद (ले ऑफ) करने के फैसले से लुधियाना के साइकिल कारोबारी सकते में हैं। लुधियाना के कई कारोबारियों के करोड़ों रुपये कंपनी की तरफ बकाया हैं। साइकिल निर्माण के लिए ज्यादा पार्ट्स लुधियाना से ही सप्लाई किए जा रहे थे। ऐसे में सभी को यह चिंता सता रही है कि उनका पैसा कैसे मिलेगा।
विज्ञापन


हालांकि लुधियाना के कारोबारियों की चिंता को देखते यूनाइटेड साइकिल पार्ट्स मैन्यूफेक्चरर्स एसोसिएशन ने एटलस कंपनी से बातचीत शुरू कर दी है, ताकि किसी तरह पैसे को निकाला जा सके। साइकिल निर्माण की नामी कंपनी एटलस ने तीन जून को अपने साहिबाबाद स्थित प्लांट में उत्पादन का काम बंद कर दिया था।
विज्ञापन


इससे पहले कंपनी की तरफ से मध्य प्रदेश के मालनपुर और हरियाणा के सोनीपत स्थित प्लांट को बंद किया जा चुका है। साहिबाबाद प्लांट को अभी ले ऑफ करने की बात कही जा रही है। ले ऑफ यानी कंपनी के पास उत्पादन के लिए पैसा नहीं है, उस स्थिति में कंपनी कर्मचारियों की छंटनी करने की जगह अतिरिक्त काम न कराकर सिर्फ उनकी हाजिरी लगाती है और आधे वेतन का भुगतान करती है।
विज्ञापन
विज्ञापन

कंपनी पर 100 करोड़ से कम की है देनदारी

यूनाइटेड साइकिल पार्ट्स मैन्यूफेक्चरर्स एसोसिएशन प्रधान डीएस चावला ने बताया कि फैक्टरी बंद होने की खबर से उन्हें भी झटका लगा, इसलिए उन्होंने तुरंत एटलस साइकिल के सीनियर लेवल पर बात की है। उन्हें बताया गया कि फैक्टरी को बंद नहीं किया गया है, ले ऑफ किया गया है।

एनसीएलटी (नेशनल कंपनी लॉ ट्रिब्यूनल) में भी कंपनी का मामला चल रहा है, इसमें 18 जून को सुनवाई है। कंपनी की तरफ से एनसीएलटी को सोनीपत में पड़ी 25 एकड़ जमीन बेचने की परमिशन देने के लिए कहा गया है। इससे लगभग 150 करोड़ कंपनी को मिल सकता है। इस समय कंपनी की देनदारी 100 करोड़ से भी कम है।

जमीन बेचने के बाद कंपनी के पास पैसा सरप्लस हो जाएगा, फैक्टरी को दोबारा शुरू करेंगे। चावला के अनुसार वह लुधियाना के कारोबारियों का पैसा निकलवाने के लिए पूरा प्रयास कर रहे है। क्योंकि कोरोना संक्रमण के कारण पहले से साइकिल कारोबार ठंडा चल रहा है। अगर समय रहते कंपनी ने पैसा नहीं दिया तो लुधियाना के कारोबारियों पर संकट के बादल छा सकते है।

घरेलू विवाद है एक कारण
एटलस कंपनी उत्पादन बंद के पीछे पैसा नहीं होने का कारण बता रही है। वही साइकिल निर्माण से जुड़े दिग्गज इसके पीछे दो कारण मान रहे हैं। पहला कारण कंपनी का घरेलू विवाद और दूसरा इनोवेशन की तरफ ध्यान न देना।
विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed