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सुखना लेक से निकली साइकिल रैली, मुख्य जज ने दिखाई हरी झंडी
ब्यूरो/अमर उजाला, चंडीगढ़।
Updated Sat, 23 Apr 2016 10:28 PM IST
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मुख्य न्यायाधीश सूर्यकांत ने झंडी दिखाकर रैली को रवाना किया
- फोटो : amarujala
अंग दान के लिए प्रोत्साहित करने के उद्देश्य से ‘गिफ्ट आफ लाइन आर्गन डोनेशन अवेयरनेस सोसाइटी’ एनजीओ ने पंजाब-हरियाणा हाईकोर्ट बार एसोसिएशन के साथ मिलकर साइकिल रैली निकाली। रैली का नेतृत्व एनजीओ के प्रेसिडेंट और डीएमसी लुधियाना के सर्जन डॉ. बलदेव सिंह औलख ने किया।
पंजाब-हरियाणा उच्च न्यायालय के मुख्य न्यायाधीश सूर्यकांत ने झंडी दिखाकर रैली को रवाना किया। इसमें लगभग तीन सौ लोगों ने भाग लिया। इस मौके पर न्यायाधीश टीपीएस मान, न्यायाधीश चौधरी, पीजीआई के निदेशक प्रोफेसर योगेश चावला, वित्त सचिव सर्वजीत सिंह, बीएफयूएचएस के वीसी प्रो. राज बब्बर, आईपीएस नौनिहाल सिंह औलख, एसएसपी डॉ. सुखचैन सिंह गिल और हाईकोर्ट बार एसोसिएशन के पदाधिकारी उपस्थित थे।
डॉ. औलख ने कहा कि वर्तमान में हर साल डेढ़ लाख लोगों को शरीर के अंग और किडनी की जरूरत है। 40-50 हजार लोग अपने रिश्तेदारों से मिली किडनी बदलवाने में सफल हो पाते हैं। रैली के माध्यम से लोगों को मृत्यु उपरांत अंग दान करने के लिए प्रेरित करने का प्रयास किया जा रहा है, ताकि लोगों की जान बचाई जा सके।
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मुख्य न्यायाधीश सूर्यकांत ने डॉ. औलख के प्रयासों की सराहना करते हुए कहा कि मानवता की सेवा के लिए यह एक अच्छा कदम है। पीजीआई के निदेशक योगेश चावला ने कहा कि उत्तर भारत में अंग दान के लिए लोगों को जागरूक करने की जरूरत है।
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पंजाब-हरियाणा उच्च न्यायालय के मुख्य न्यायाधीश सूर्यकांत ने झंडी दिखाकर रैली को रवाना किया। इसमें लगभग तीन सौ लोगों ने भाग लिया। इस मौके पर न्यायाधीश टीपीएस मान, न्यायाधीश चौधरी, पीजीआई के निदेशक प्रोफेसर योगेश चावला, वित्त सचिव सर्वजीत सिंह, बीएफयूएचएस के वीसी प्रो. राज बब्बर, आईपीएस नौनिहाल सिंह औलख, एसएसपी डॉ. सुखचैन सिंह गिल और हाईकोर्ट बार एसोसिएशन के पदाधिकारी उपस्थित थे।
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डॉ. औलख ने कहा कि वर्तमान में हर साल डेढ़ लाख लोगों को शरीर के अंग और किडनी की जरूरत है। 40-50 हजार लोग अपने रिश्तेदारों से मिली किडनी बदलवाने में सफल हो पाते हैं। रैली के माध्यम से लोगों को मृत्यु उपरांत अंग दान करने के लिए प्रेरित करने का प्रयास किया जा रहा है, ताकि लोगों की जान बचाई जा सके।
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मुख्य न्यायाधीश सूर्यकांत ने डॉ. औलख के प्रयासों की सराहना करते हुए कहा कि मानवता की सेवा के लिए यह एक अच्छा कदम है। पीजीआई के निदेशक योगेश चावला ने कहा कि उत्तर भारत में अंग दान के लिए लोगों को जागरूक करने की जरूरत है।