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पंजाब: जेलों में कारगर नहीं सुरक्षा के मौजूदा उपाय, चार माह में 8 वारदात

Sun, 23 Apr 2017 09:27 AM IST
हर्ष कुमार सलारिया/अमर उजाला, चंडीगढ़
हर्ष कुमार सलारिया/अमर उजाला, चंडीगढ़ Updated Sun, 23 Apr 2017 09:27 AM IST
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Current security measures not effective in prisons
- फोटो : File Photo
पंजाब की जेलों में लगातार हो रहीं आपराधिक गतिविधियों को रोकने के सभी उपाय तकरीबन फेल होते दिखाई दे रहे हैं। जेलों के भीतर कैदियों के बीच गैंगवार और जेलकर्मियों पर हमले की घटनाओं से जेल प्रशासन तो परेशान है ही, जेलों के बाहर गैंगस्टरों की गतिविधियां राज्य पुलिस के लिए सिरदर्द बनी हुई हैं। 
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बीते साल नाभा जेल ब्रेक कांड के बाद राज्य पुलिस और जेल विभाग ने गैंगस्टरों को हतोत्साहित करने और जेलों में ऐसी घटनाओं की पुनरावृत्ति रोकने के जो भी उपाय किए थे, वह कारगर साबित नहीं हो सके हैं। नाभा जेल ब्रेक कांड में फरार सभी अपराधियों को अब तक पकड़ा नहीं जा सका है और बीते चार महीनों के दौरान राज्य की जेलों में गैंगवार, जेलकर्मियों पर हमले की आठ घटनाएं हो चुकी हैं।
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एकत्र जानकारी के अनुसार, इस साल 19 जनवरी को फरीदकोट जेल के बाहर एक पोस्टर चिपका मिला, जिसमें जेल विभाग और पंजाब पुलिस को खुली चुनौती दी गई थी कि ‘हम फरीदकोट, मुक्तसर और फिरोजपुर की जेलों में बंद अपने साथियों को 21 जनवरी से पहले छुड़ाकर ले जाएंगे। पंजाब पुलिस को चैलेंज है कि रोक सको तो रोक लो।’ इस पोस्टर के नीचे गुरप्रीत सेखों मुकदी का नाम लिखा था, जो पुलिस रिकार्ड में एक गैंगस्टर है। 
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जेलों में कारगर नहीं सुरक्षा के मौजूदा उपाय

Current security measures not effective in prisons
दूसरी घटना, 5 फरवरी को पटियाला सेंट्रल जेल में छापेमारी के दौरान आठ मोबाइल बरामद किए गए। उल्लेखनीय है कि राज्य की जेलों में गैंगस्टरों और कुख्यात अपराधियों को रखने के लिए विशेष सुरक्षा सेल बनाने के साथ ही जेल विभाग ने दावा किया था कि कैदियों को मोबाइल का इस्तेमाल भी नहीं करने दिया जाएगा, लेकिन जेल विभाग के दावे खोखले साबित हुए। 

12 फरवरी को अमृतसर जेल में कैदियों से 17 मोबाइल फोन और दो चाकू बरामद किए गए, जबकि 25 फरवरी को अमृतसर जेल से ही 11 और मोबाइल फोन बरामद किए गए। 26 फरवरी को नाभा की अत्यधिक सुरक्षित कही जाने वाली जेल में जांच के दौरान चार मोबाइल फोन बरामद किए गए।

20 मार्च को कपूरथला की जेल में कैदियों के बीच हुई मारपीट में तीन कैदी घायल हो गए। पुलिस ने इस मामले में पांच कैदियों के खिलाफ केस दर्ज किया है। कपूरथला जेल में ही 23 मार्च को कैदियों के दो गुटों में झड़प हुई, जिसमें बीचबचाव करते दो कैदी बुरी तरह जख्मी हो गए। 24 मार्च को गुरदासपुर जेल में भी ऐसी ही वारदात हुई।

कैदियों के आपराधिक रिकार्ड के अनुसार उन्हें जेल में रखने की व्यवस्था की गई है। गैंगस्टरों और कुख्यात अपराधियों को विशेष सुरक्षा सेल में बंद रखते हुए साधारण कैदियों से अलग रखा जा रहा है। लेकिन कई कैदियों का पिछला रिकार्ड जेल प्रशासन के पास न होने के कारण कहीं-कहीं दुर्दांत और साधारण कैदी साथ-साथ रखे जा रहे हैं। ऐसी जगहों पर कुछ घटनाएं सामने आ रही हैं। अब कैदियों का पिछला रिकार्ड खंगालकर उन्हें अलग बैरकों में रखने की व्यवस्था को बढ़ाया जा रहा है। जल्द ही जेलों में ऐसी घटनाओं पर पूरी तरह रोक लग जाएगी।
रूप कुमार अरोड़ा, आईजी (जेल), पंजाब।
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