{"_id":"0320f560de96218293b099d3d121d51e","slug":"ctu-bus-fare-will-hike-soon","type":"story","status":"publish","title_hn":"बस यात्रियों के लिए जानना जरूरी है कि...","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
बस यात्रियों के लिए जानना जरूरी है कि...
अमर उजाला, चंडीगढ़
Updated Thu, 19 Dec 2013 01:25 AM IST
विज्ञापन
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
केंद्रीय शहरी विकास मंत्रालय से फटकार के बाद अब चंडीगढ़ प्रशासन जल्द ही तीन साल बाद सीटीयू बसों के किराए में बढ़ोतरी करेगा।
केंद्रीय शहरी विकास मंत्रालय ने हाल ही में जेएनएनयूआरएम के तहत चंडीगढ़ के लिए 400 बसों को खरीदने की मंजूरी दी थी।
इस दौरान बैठक में मौजूद प्रशासन के अधिकारियों से मंत्रालय के सचिव डॉ. सुधीर कृष्णा ने कहा कि तीन सालों से प्रशासन ने बसों का किराया नहीं बढ़ाया है, जबकि तीन सालों में डीजल के दाम काफी बढ़ गए हैं।
ऐसे में नई बसों की खरीद से पहले प्रशासन को किराए में बढ़ोतरी करनी होगी। मंत्रालय की ओर से इसके लिए प्रशासन से अंडरटेकिंग भी लिया जाएगा कि वह किराए में बढ़ोतरी करेगा और नई बसों की खरीद पर होने वाले ऑपरेशन लॉस को वहन करेगा।
मंत्रालय के निर्देश पर चंडीगढ़ प्रशासन सीटीयू बस के किराए में 30 से 40 फीसदी तक बढ़ोतरी कर सकता है। सीटीयू की बसों में लोक रूटों पर रोज रोजाना लगभग दो लाख यात्री सफर करते हैं।
विज्ञापन
किराये में बढ़ोतरी होने से रोज ट्राइसिटी के दो लाख लोग प्रभावित होंगे।
सीटीयू ने कुछ महीने पहले किराए में बढ़ोतरी का प्रस्ताव तैयार कर प्रशासन के पास मंजूरी के लिए भेजा था। लेकिन, प्रशासन के अधिकारियों ने किराए में बढ़ोतरी के प्रस्ताव को रद्द कर दिया था।
प्रशासन के अधिकारियों का तर्क था कि किराए में बढ़ोतरी इसलिए नहीं की जा सकती है क्योंकि प्रशासन पब्लिक ट्रांसपोर्ट को बढ़ावा देना चाहता है।
ऐसे में किराए में बढ़ोतरी होने से प्रशासन का उद्देश्य पूरा नहीं होगा। लेकिन, अब मंत्रालय से फटकार पड़ने के बाद प्रशासन को किराए में बढ़ोतरी करनी होगी।
ध्यान रहे कि परिवहन विभाग ने किराए में बढ़ोतरी के लिए जो प्रस्ताव तैयार किया था उसमें सीटीयू को लगातार हो रहे घाटे का उल्लेख किया गया था।
इस प्रस्ताव में कहा गया था कि डीजल काफी महंगा हो गया है और स्पेयर पार्ट्स और टायरों की कीमत में भी बढ़ोतरी हुई है।
ऐसे में सीटीयू को घाटे से बचाने के लिए किराए में बढ़ोतरी जरूरी है। अभी सीटीयू की बसों में दो स्लैब बने हैं। लेकिन, अब किराए में बढ़ोतरी होने पर स्लैब बढ़ भी सकते हैं।
ऐसे में सीटीयू की बस में ज्यादा दूर तक सफर करने पर ज्यादा किराया देना पड़ सकता है। प्रशासन के अधिकारियों के अनुसार, सीटीयू बस का किराया बढ़ने के बाद रोज की आमदनी करीब ढाई से तीन लाख रुपये बढ़ने की उम्मीद है।
अभी यह है किराया
नॉन एसी बसें
5 किलोमीटर तक-5 रुपये
5 किलोमीटर से ज्यादा-10 रुपये
एसी बसों का किराया
5 किलोमीटर तक- 10 रुपये
5 किलोमीटर से ज्यादा- 15 रुपये
विज्ञापन
केंद्रीय शहरी विकास मंत्रालय ने हाल ही में जेएनएनयूआरएम के तहत चंडीगढ़ के लिए 400 बसों को खरीदने की मंजूरी दी थी।
इस दौरान बैठक में मौजूद प्रशासन के अधिकारियों से मंत्रालय के सचिव डॉ. सुधीर कृष्णा ने कहा कि तीन सालों से प्रशासन ने बसों का किराया नहीं बढ़ाया है, जबकि तीन सालों में डीजल के दाम काफी बढ़ गए हैं।
ऐसे में नई बसों की खरीद से पहले प्रशासन को किराए में बढ़ोतरी करनी होगी। मंत्रालय की ओर से इसके लिए प्रशासन से अंडरटेकिंग भी लिया जाएगा कि वह किराए में बढ़ोतरी करेगा और नई बसों की खरीद पर होने वाले ऑपरेशन लॉस को वहन करेगा।
विज्ञापन
मंत्रालय के निर्देश पर चंडीगढ़ प्रशासन सीटीयू बस के किराए में 30 से 40 फीसदी तक बढ़ोतरी कर सकता है। सीटीयू की बसों में लोक रूटों पर रोज रोजाना लगभग दो लाख यात्री सफर करते हैं।
विज्ञापन
किराये में बढ़ोतरी होने से रोज ट्राइसिटी के दो लाख लोग प्रभावित होंगे।
सीटीयू ने कुछ महीने पहले किराए में बढ़ोतरी का प्रस्ताव तैयार कर प्रशासन के पास मंजूरी के लिए भेजा था। लेकिन, प्रशासन के अधिकारियों ने किराए में बढ़ोतरी के प्रस्ताव को रद्द कर दिया था।
प्रशासन के अधिकारियों का तर्क था कि किराए में बढ़ोतरी इसलिए नहीं की जा सकती है क्योंकि प्रशासन पब्लिक ट्रांसपोर्ट को बढ़ावा देना चाहता है।
ऐसे में किराए में बढ़ोतरी होने से प्रशासन का उद्देश्य पूरा नहीं होगा। लेकिन, अब मंत्रालय से फटकार पड़ने के बाद प्रशासन को किराए में बढ़ोतरी करनी होगी।
ध्यान रहे कि परिवहन विभाग ने किराए में बढ़ोतरी के लिए जो प्रस्ताव तैयार किया था उसमें सीटीयू को लगातार हो रहे घाटे का उल्लेख किया गया था।
इस प्रस्ताव में कहा गया था कि डीजल काफी महंगा हो गया है और स्पेयर पार्ट्स और टायरों की कीमत में भी बढ़ोतरी हुई है।
ऐसे में सीटीयू को घाटे से बचाने के लिए किराए में बढ़ोतरी जरूरी है। अभी सीटीयू की बसों में दो स्लैब बने हैं। लेकिन, अब किराए में बढ़ोतरी होने पर स्लैब बढ़ भी सकते हैं।
ऐसे में सीटीयू की बस में ज्यादा दूर तक सफर करने पर ज्यादा किराया देना पड़ सकता है। प्रशासन के अधिकारियों के अनुसार, सीटीयू बस का किराया बढ़ने के बाद रोज की आमदनी करीब ढाई से तीन लाख रुपये बढ़ने की उम्मीद है।
अभी यह है किराया
नॉन एसी बसें
5 किलोमीटर तक-5 रुपये
5 किलोमीटर से ज्यादा-10 रुपये
एसी बसों का किराया
5 किलोमीटर तक- 10 रुपये
5 किलोमीटर से ज्यादा- 15 रुपये