{"_id":"5a23c6b84f1c1b4c528b72ff","slug":"crpf-commandant-chetan-cheetah-reached-home","type":"feature-story","status":"publish","title_hn":"घर पहुंचे 'चीता', मां ने कहा- हमारे लिए आज ही दिवाली, पिता ने भी आरती उतारी","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
घर पहुंचे 'चीता', मां ने कहा- हमारे लिए आज ही दिवाली, पिता ने भी आरती उतारी
रघु आदित्य/अमर उजाला, कोटा(राजस्थान)
Updated Mon, 04 Dec 2017 12:03 PM IST
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CRPF commandant Chetan Cheetah
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मौत को मात देकर जिंदगी की जंग जीतने वाले सीआरपीएफ कमांडेंट चेतन चीता के स्वागत में कोटावासियों ने पलक पावड़े बिछा दिए। दूसरी जिंदगी पाकर शुक्रवार रात अपने गृह नगर कोटा लौटे चेतन की मां ने आरती उतारीं तो मोहल्लेवासियों ने पटाखे फोड़कर दिवाली मनाई।
मां सुभद्रा देवी ने चेतन का मुंह मीठा करवाकर पूरे विधिविधान से गृह प्रवेश करवाया तो पिता रामगोपाल चीता ने भी अपने बेटे की आरती उतारी। सबसे पहले मां ने उन्हें चूमा और गले लगाया, फिर पिता सामने आए तो चेतन भावुक हो गए। आतंकियों से लड़ते हुए गंभीर जख्मी हुए चेतन चीता दिल्ली एम्स में 51 दिन तक भर्ती रहे थे। इस दौरान देशभर में उनकी सलामती के लिए दुआएं की गईं।
शक्रवार रात जैसे ही चेतन चीता खेड़ली फाटक स्थित अपने पैतृक निवास पर पहुंचे, पहले से इंतजार कर रहे परिजनों, दोस्तों व रिश्तेदारों ने गर्मजोशी से उनकी अगवानी की। खुशी का इजहार करने के लिए करीब आधा घंटे तक पटाखे फोड़े गए। पूरी गली को तिरंगे गुब्बारों से सजाया गया। घर में दाखिल होते ही चेतन चीता ने सबसे पहले अपनी तीन महीने की भतीजी मोक्षदा को चूमा। काफी देर तक वे मोक्षदा को निहारते रहे। जन्म के बाद वे पहली बार उससे मिले थे।
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मां सुभद्रा देवी ने चेतन का मुंह मीठा करवाकर पूरे विधिविधान से गृह प्रवेश करवाया तो पिता रामगोपाल चीता ने भी अपने बेटे की आरती उतारी। सबसे पहले मां ने उन्हें चूमा और गले लगाया, फिर पिता सामने आए तो चेतन भावुक हो गए। आतंकियों से लड़ते हुए गंभीर जख्मी हुए चेतन चीता दिल्ली एम्स में 51 दिन तक भर्ती रहे थे। इस दौरान देशभर में उनकी सलामती के लिए दुआएं की गईं।
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शक्रवार रात जैसे ही चेतन चीता खेड़ली फाटक स्थित अपने पैतृक निवास पर पहुंचे, पहले से इंतजार कर रहे परिजनों, दोस्तों व रिश्तेदारों ने गर्मजोशी से उनकी अगवानी की। खुशी का इजहार करने के लिए करीब आधा घंटे तक पटाखे फोड़े गए। पूरी गली को तिरंगे गुब्बारों से सजाया गया। घर में दाखिल होते ही चेतन चीता ने सबसे पहले अपनी तीन महीने की भतीजी मोक्षदा को चूमा। काफी देर तक वे मोक्षदा को निहारते रहे। जन्म के बाद वे पहली बार उससे मिले थे।
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CRPF commandant Chetan Cheetah
मां सुभद्रा बोलीं- मेरे लिए आज सबसे बड़ा त्योहार है। मेरा बेटा सीने पर गोलियां खाकर जिंदा लौटा है, यह उसका पुनर्जन्म है। इस मौके पर चेतन चीता ने कहा कि कोटा आने पर इतना जबरदस्त स्वागत होगा, सोचा भी नहीं था। मैं उन सभी लोगों का आभारी हूं जिन्होंने मेरे लिए दुआएं कीं।
इससे पहले एयरपोर्ट पर शहरवासियों ने उनकी अगवानी में फूल बरसाए। वे पूरे समय भारत माता के जयकारे लगाते रहे। सीआरपीएफ की 45 बटालियन के कमांडेंट चेतन चीता 14 फरवरी को कश्मीर के बांडीपोरा में एनकाउंटर के दौरान घायल होने के बावजूद आतंकियों से लड़ते रहे। उन्हें 8 गोलियां लगीं, इसके बाद भी उन्होंने 16 राउंड फायर किए और लश्कर के कमांडर अबु मुसैब को मार गिराया। इस असाधारण वीरता के लिए राष्ट्रपति ने चेतन चीता को कीर्ति चक्र से नवाजा है।
इससे पहले एयरपोर्ट पर शहरवासियों ने उनकी अगवानी में फूल बरसाए। वे पूरे समय भारत माता के जयकारे लगाते रहे। सीआरपीएफ की 45 बटालियन के कमांडेंट चेतन चीता 14 फरवरी को कश्मीर के बांडीपोरा में एनकाउंटर के दौरान घायल होने के बावजूद आतंकियों से लड़ते रहे। उन्हें 8 गोलियां लगीं, इसके बाद भी उन्होंने 16 राउंड फायर किए और लश्कर के कमांडर अबु मुसैब को मार गिराया। इस असाधारण वीरता के लिए राष्ट्रपति ने चेतन चीता को कीर्ति चक्र से नवाजा है।