{"_id":"5e5eb1d48ebc3eeb0e65d8c5","slug":"crop-insurance-will-optional-in-haryana","type":"story","status":"publish","title_hn":"डिप्टी सीएम दुष्यंत चौटाला बोले- हरियाणा में किसानों की मर्जी से ही होगा फसल बीमा","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
डिप्टी सीएम दुष्यंत चौटाला बोले- हरियाणा में किसानों की मर्जी से ही होगा फसल बीमा
Wed, 04 Mar 2020 01:17 AM IST
ajay kumar
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, चंडीगढ़
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, चंडीगढ़
Published by: ajay kumar
Updated Wed, 04 Mar 2020 01:17 AM IST
सार
- उप मुख्यमंत्री दुष्यंत चौटाला ने आपदा ग्रस्त फसल के मुआवजे पर बोलते हुए दावा किया।
- ओलावृष्टि के कारण हरियाणा में विभिन्न फसलों को हुआ है खासा नुकसान।
विज्ञापन
उप मुख्यमंत्री दुष्यंत चौटाला
- फोटो : अमर उजाला
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
विस्तार
प्रदेश में अब किसानों की मर्जी से ही उसकी फसल का बीमा किया जाएगा। केंद्र सरकार भी इसे वैकल्पिक बनाने जा रही है। प्रदेश सरकार केंद्र के इसी नोटिफिकेशन का इंतजार कर रही है। नोटिफिकेशन आते ही इसे लागू कर दिया जाएगा। विपक्ष के एक ध्यानाकर्षण प्रस्ताव पर जवाब देते हुए उप मुख्यमंत्री दुष्यंत चौटाला ने भी यह दावा किया कि सरकार किसानों की फसल को लेकर पूरी तरह चिंतित है और किसानों को उनकी आपदा की वजह से बर्बाद फसल का मुआवजा समय पर मिले, इसे लेकर गंभीर भी है।
विज्ञापन
उपमुख्यमंत्री दुष्यंत ने कहा कि वर्तमान राज्य सरकार द्वारा वर्ष 2014-15 से लेकर अब तक सूखा, बाढ़, भारी वर्षा, आग, ओलावृष्टि, कीटों द्वारा हमले और शीतलहर एवं पाला जैसी विभिन्न प्राकृतिक आपदाओं के कारण फसलों को नुकसान होने पर किसानों को 2695.54 करोड़ रुपये का मुआवजा दिया गया है। उन्होंने कहा कि 4 जून, 2019 को जारी आदेश के तहत धूल भरी आंधी, बिजली स्पार्किंग, आसमानी बिजली और लू इत्यादि को स्थानीय आपदाएं घोषित किया गया है तथा इनसे हुए नुकसान के लिए राज्य सरकार द्वारा सहायता प्रदान की जाती है।
विज्ञापन
उनके अनुसार राज्य सरकार द्वारा दी जाने वाली राशि भारत सरकार द्वारा दी जाने वाली मुआवजा राशि से कहीं अधिक है। सोनीपत और कुरुक्षेत्र में ओलावृष्टि और वर्षा के कारण गेहूं, सरसों और सब्जियों की खड़ी फसलों में हुए नुकसान के मुआवजे की मांग बारे उप मुख्यमंत्री कहा कि 2020 के दौरान जिला सोनीपत और कुरुक्षेत्र में वर्षा और ओलावृष्टि की घटनाओं की सूचना प्राप्त हुई थी, तदानुसार सम्बन्धित जिला उपायुक्तों से रिपोर्ट मंगवाई गई थी।
विज्ञापन
उपायुक्त, सोनीपत की रिपोर्ट के दृष्टिगत 16 जनवरी, 2020 को हुई ओलावृष्टि तथा भारी वर्षा से खड़ी फसलों को हुए नुकसान का आंकलन करके 20 जनवरी, 2020 को विशेष गिरदावरी के आदेश जारी किये गये थे। उपायुक्त, सोनीपत की रिपोर्ट अनुसार विशेष गिरदावरी में गोहाना तहसील के गांव बीघल, जौली, लाठ, बिलबिलान, सरगथल, जसराना, आंवली, भैंसवाल कलां व सोनीपत तहसील के गांव दोदवा में खड़ी फसलों को कोई नुकसान होना नहीं पाया गया। फिर भी, उपायुक्त, सोनीपत को ओलावृष्टि के कारण हुए नुकसान बारे 20 फरवरी, 2020 को दोबारा निरीक्षण करने बारे निर्देश दिये गये।