जुल्फिकार की सजा हुई 14 साल, एडीजे कोर्ट ने सुनाया फैसला
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
बच्चों से कुकर्म मामले में सजायाफ्ता जुल्फिकार खान को तीन केस में सुनाई गई 7-7 साल की सजा को एक साथ चलाने संबंधी दायर याचिका पर अतिरिक्त जिला एवं सत्र न्यायालय ने सोमवार को फैसला सुनाया।
फैसले के तहत जुल्फिकार को 14 साल की सजा सुनाई गई है। एडीजे कोर्ट ने कहा कि मामले में दो केस में सजा साथ-साथ और तीसरे में एक के बाद दूसरी सजा चलेगी। ऐसे में जुल्फिकार को कुल 14 साल जेल में गुजारने होंगे।
हालांकि वह पिछले 19 महीने से जेल में है। जुल्फिकार को अदालत ने 23 दिसंबर को तीन केस में दोषी पाते हुए 7-7 साल की सजा सुनाई थी। कोर्ट के फैसले में यह साफ नहीं हो पाया था कि तीनों सजाएं साथ-साथ चलेंगी या अलग-अलग। इस पर जुल्फिकार के वकील ने तीनों सजाएं एक साथ चलाने की अपील की थी।
तीसरे केस में साथ-साथ चलेगी सजा
उनकी ओर से दाखिल याचिका में कहा गया था कि मामले में पुलिस ने एक एफआईआर दायर की थी। पुलिस ने कोर्ट में चालान भी एक ही दायर किया था। कोर्ट के आदेश पर ही अलग-अलग चालान दाखिल करने को कहा गया और पांच अलग केस का ट्रायल हुआ। ऐसे में जिन तीन मामलों में अदालत ने सजा सुनाई है उसकी सजा अलग-अलग कैसे चल सकती है।
इसलिए उन्होंने दोषी की तीनों केस में सजा एक साथ चलाने की अपील की थी। वहीं सरकारी वकील की ओर से दाखिल जवाब में याचिका का विरोध किया था। उनका कहना था कि एक बार किसी केस में अंतिम फैसला सुनाए जाने के बाद इसमें बदलाव संभव नहीं है। साथ ही कानून में ऐसा कोई प्रावधान भी नहीं है।
उन्होंने जवाब में कुछ केसों में हाईकोर्ट और सुप्रीम कोर्ट के फैसलों को भी आधार बनाया है। साथ ही कहा है कि अदालत अपना फैसला सुना चुकी है और अब इसमें बदलाव की कोई गुंजाइश नहीं है।