संदिग्ध हालातों में हवालाती की मौत
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यहां वीरवार रात एनडीपीए एक्ट के मामले में जेल में बंद विचाराधीन कैदी गुरप्रीत सिंह उर्फ गोपी पुत्र परमजीत सिंह की संदिग्ध हालात में हुई मौत से जहां रात से हंगामा जारी है, वहीं शुक्रवार सुबह साढ़े 10 बजे से लेकर करीब 1 बजे तक मृतक के परिजनों ने अस्पताल में पुलिस कार्रवाई पर असंतोष जताते हुए जमकर हंगामा किया।
प्रदर्शनकारियों ने पहले अस्पताल में, फिर अस्पताल के सामने जीटी रोड पर तथा फिर होशियारपुर चौक में करीब दो घंटे तक जाम लगाकर पुलिस के खिलाफ प्रदर्शन किया। यह पहला मौका था जब प्रदर्शनकारियों ने सर्विस लाइनें तक ब्लाक कर दीं तथा पुलिस मौके से नदारद रही।
पुलिस की गैर मौजूदगी की वजह से दो घंटे तक प्रदर्शनकारियों ने मनमर्जी की तथा शहर को एक तरह से बंधक बनाए रखा। वीरवार की रात को कैदी की मौत के बाद परिजनों व समर्थकों ने ड्यूटी डाक्टर के साथ मारपीट की। इसको विरोध में सिविल अस्पताल स्टाफ ने भी धरना दिया।
बाद में मौके पर एडीसी इकबाल सिंह संधु तथा एसपी गुरसेवक सिंह बराड़ ने प्रदर्शनकारियों को शांत किया तथा बताया कि मामले में न्यायिक जांच के लिखा गया है, फगवाड़ा के जज मामले की जांच करेंगे।
परिजनों का आरोप, जहर देकर मारा गया
मिली जानकारी अनुसार गुरप्रीत सिंह उर्फ गोपी एनडीपीएस एक्ट के मामले में फगवाड़ा जेल में बंदी था। उसकी वीरवार रात 8 बजे खाना खाने के बाद अचानक तबीयत बिगड़ गई।
जेल कर्मियों ने उसको सिविल अस्पताल में भर्ती करवाया था, रात करीब साढ़े 9 बजे उसकी मौत हो गई। मौत की सूचना मिलते ही उसके परिजन तथा दोस्त अस्पताल पहुंचे। उन्होंने आरोप लगाया कि गोपी को जहर देकर मारा गया है।
बीमार होने पर उसकी सूचना भी परिजनों को नहीं दी गई थी। भड़के परिजनों व समर्थकों ने ड्यूटी डाक्टर की पिटाई कर दी तथा ट्रेनी अटेंटेंड को भी पीटा तथा तोड़ फोड़ की। बाद में पुलिस मौके पर पहुंची तथा हालात को नियंत्रण में किया।
घर से उठा ले गया था सीआईए स्टाफ
गोपी की मां बलविंदर कौर ने आरोप लगाया कि सीआईए स्टाफ ने उनके बेटे को 20 जून को घर से उठाया तथा उसकी तलाशी में कुछ नहीं मिला तथा पुलिस ने जांच कर छोड़ने की बात कही। बाद में उनको पता चला कि बेटे को नारंगशाहपुर से गिरफ्तार दिखा कर उसके बाद पास से 6 ग्राम हेरोइन बरामदगी दिखा कर मामला दर्ज कर गिरफ्तार कर लिया।
डाक्टरों ने उनको गोपी का मौत का कारण शुगर का बढ़ना बताया, जबकि उसे शुगर नहीं थी। एडीएसी इकबाल सिंह संधू और एसपी गुरसेवक सिंह बराड़ ने उनको मामले में न्यायिक जांच की सिफारिश की बात बताई, लेकिन वे आरोपी पुलिस अधिकारियों को उनके हवाले करने की मांग करते रहे।
बाद में नारेबाजी करते जीटी रोड पर होशियारपुर रोड चौक में पहुंच गए तथा पुलिस प्रशासन के खिलाफ नारेबाजी करते। मौके पर पुलिस का एक कर्मचारी भी मौजूद नहीं था। मामले में जेल अधिकारियों की भूमिका पर परिजन शक जता रहे हैं।
उनका कहना है कि गोपी को कपूरथला शिफ्ट करने की धमकी देकर उनसे पैसे वसूले गए। जबकि जेल अधिकारी, पुलिस अधिकारी तथा डाक्टर अपने पर लगे आरोपों को निराधार बता रहे हैं।