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आहत महिला पुलिस मुलाजिम ने पुलिस के खिलाफ मोर्चा खोल लगाया जाम
अमर उजाला, मोहाली
Updated Sat, 27 Aug 2016 07:10 PM IST
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jam by mohali women police official
- फोटो : अमर उजाला
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इंसाफ के लिए धक्के खा रही एक महिला पुलिस मुलाजिम ने शुक्रवार शाम जिला पुलिस के खिलाफ मोर्चा खोल दिया। आहत होकर महिला पुलिस मुलाजिम ने पेरेंट्स व अन्य लोगों के साथ फेज-1 स्थित प्रबंधकीय कॉम्प्लेक्स के बाहर जाम लगा दिया। इसके बाद पुलिस हरकत में आई और महिला की शिकायत दर्ज करने की कार्रवाई शुरू की।
महिला पुलिस मुलाजिम का कहना था कि मजबूरी में उसे यह कदम उठाना पड़ा। महिला पुलिस मुलाजिम रूपिंदर ने बताया कि वह गांव चमकौर साहिब के साथ लगते गांव की रहने वाली है। वह 2011 से मोहाली में तैनात है। इसी वर्ष 13 फरवरी को उसकी शादी कुराली के कालेवाल निवासी परमजीत सिंह से हुई थी। जो नौ साल से इटली में रह रहा है।
कांस्टेबल ने आरोप लगाया कि शादी के बाद उसके ससुराल वाले दहेज के लिए अक्सर उसके साथ मारपीट करते थे। इसमें उसका पति भी साथ देता था। छह जून 2016 को आहत होकर उसने इस संबंधी एसएसपी को शिकायत दी। एसएसपी ने शिकायत वुमन सेल को मार्क कर दी।
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महिला पुलिस मुलाजिम का कहना था कि मजबूरी में उसे यह कदम उठाना पड़ा। महिला पुलिस मुलाजिम रूपिंदर ने बताया कि वह गांव चमकौर साहिब के साथ लगते गांव की रहने वाली है। वह 2011 से मोहाली में तैनात है। इसी वर्ष 13 फरवरी को उसकी शादी कुराली के कालेवाल निवासी परमजीत सिंह से हुई थी। जो नौ साल से इटली में रह रहा है।
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कांस्टेबल ने आरोप लगाया कि शादी के बाद उसके ससुराल वाले दहेज के लिए अक्सर उसके साथ मारपीट करते थे। इसमें उसका पति भी साथ देता था। छह जून 2016 को आहत होकर उसने इस संबंधी एसएसपी को शिकायत दी। एसएसपी ने शिकायत वुमन सेल को मार्क कर दी।
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समझौता करने के लिए दबाव डालने लगे
jam by mohali women police official
- फोटो : अमर उजाला
जहां पर कुछ समय तक सुनवाई होती रही, लेकिन बाद में वहां पर तैनात मुलाजिम उन्हें तीन लाख में उसके ससुराल वालों से समझौता करने के लिए दबाव डालने लगे। इसके बाद उसने दोबारा एसएसपी से मुलाकात की। एसएसपी ने उसकी शिकायत डीएसपी हेडक्वार्टर को मार्क दी।
इसके बाद उसे बयान दर्ज करने के लिए बुलाया जाता था, लेकिन बयान दर्ज नहीं किए गए। शुक्रवार को वह चौथी बार बयान दर्ज करवाने के लिए पेरेंट्स के साथ आई थी, लेकिन काफी देर तक उन्हें बैठाए रखा। इसके बाद डीएसपी का रीडर बहानेबाजी करने लगा।
आखिर में उसने थोड़े से बयान दर्ज किए और बीच में काम छोड़कर चला गया। इसके बाद वह काफी समय तक इंतजार करती रही, लेकिन जब कोई कार्रवाई नहीं हुई तो उन्होंने जाम लगाने का फैैसला किया। इसके बाद उसके बयान दर्ज किए गए।
इसके बाद उसे बयान दर्ज करने के लिए बुलाया जाता था, लेकिन बयान दर्ज नहीं किए गए। शुक्रवार को वह चौथी बार बयान दर्ज करवाने के लिए पेरेंट्स के साथ आई थी, लेकिन काफी देर तक उन्हें बैठाए रखा। इसके बाद डीएसपी का रीडर बहानेबाजी करने लगा।
आखिर में उसने थोड़े से बयान दर्ज किए और बीच में काम छोड़कर चला गया। इसके बाद वह काफी समय तक इंतजार करती रही, लेकिन जब कोई कार्रवाई नहीं हुई तो उन्होंने जाम लगाने का फैैसला किया। इसके बाद उसके बयान दर्ज किए गए।