जींद में हादसा: कनाडा से संगरूर लौट रहे दंपती की कार ट्रक से भिड़ी, महिला की मौत, दो लोग घायल
दुर्घटना के बाद तीनों गाड़ी में बुरी तरह से फंस गए थे। सूचना पाकर पुलिस मौके पर पहुंची। लोगों की मदद से उन्हें बाहर निकाला गया। शव को नागरिक अस्पताल में लाया गया। यहां पोस्टमार्टम के बाद शव परिजनों को सौंप दिया।
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कनाडा से अपने घर संगरूर लौट रहे दंपती के चालक को नींद की झपकी आने से जींद के निडानी गांव के पास कार अनियंत्रित होकर ट्रक से टकरा गई। इसमें 55 वर्षीय महिला की मौत हो गई जबकि पति और कार चालक गंभीर रूप से घायल हैं। चालक को गंभीर हालत में पीजीआई रेफर किया गया है।
घटना में मृतक महिला कमलेश के पति राजेंद्र निवासी संगरूर ने बताया कि उसके बच्चे कनाडा में रहते हैं। वह और उनकी पत्नी कमलेश दो वर्ष पहले अपने बच्चों के पास कनाडा गए थे। शुक्रवार रात को वह कनाडा से दिल्ली एयरपोर्ट पर आए थे। यहां से उन्होंने एक टैक्सी किराये पर ली। वह सुबह लगभग पांच बजे दिल्ली एयरपोर्ट से चले थे। सुबह जब वह लोग निडानी गांव के पास पहुंचे तो सड़क पर खड़े ट्रक से उनकी कार टकरा गई।
कार टकराने से पहले उन्होंने चालक से पूछा था कि अगर नींद आए या फिर थकान हो तो वह कुछ देर कार रोककर आराम कर सकते हैं लेकिन चालक ने मना कर दिया। उन्होंने इससे पहले सोनीपत के पास एक होटल पर चाय भी पी थी। अचानक चालक को नींद की झपकी आ गई और कार असंतुलित होकर सड़क किनारे खड़े ट्रक से टकरा गई।
दिल्ली पहुंचकर दी थी परिवार की सूचना
दंपती ने कनाडा से दिल्ली पहुंचकर संगरूर में अपने परिजनों को फोन कर शनिवार दोपहर तक पहुंचने की सूचना दी थी लेकिन हादसे ने उनका रास्ता ही बदल दिया।
10 दिन पहले भी झपकी ने ली थी सात लोगों की जान
10 दिन पहले भी चालक को नींद आने के कारण हरिद्वार में अस्थि विसर्जित कर लौट रहे एक परिवार के सात लोगों की मौत हो गई थी, जबकि 16 घायल हो गए थे। चालक द्वारा लापरवाही बरतने के कारण हादसों की संख्या बढ़ रही है।
गाड़ी में फंस गए थे तीनों
दुर्घटना के बाद तीनों गाड़ी में बुरी तरह से फंस गए थे। सूचना पाकर पुलिस मौके पर पहुंची। लोगों की मदद से उन्हें बाहर निकाला गया। शव को नागरिक अस्पताल में लाया गया। यहां पोस्टमार्टम के बाद शव परिजनों को सौंप दिया।
...काश चालक बात मान लेता तो बच जाता हादसा
बकौल राजेंद्र कार टकराने से पहले उन्होंने चालक से पूछा था कि अगर नींद आए या फिर थकान हो तो वह कुछ देर कार रोककर आराम कर सकता हैं लेकिन चालक ने मना कर दिया। उन्होंने इससे पहले सोनीपत के पास एक होटल पर चाय भी पी थी। अचानक चालक को नींद का झटका आ गया और कार असंतुलित होकर सड़क किनारे खड़े ट्रक से टकरा गई। राजेंद्र को इस बात का मलाल है कि अगर चालक दंपती का कहना मानकर गाड़ी को कुछ समय रोक लेता तो यह हादसा होने से बच सकता था।
पुलिस ने महिला के शव का पोस्टमार्टम करवाकर परिजनों को सौंप दिया है। गाड़ी चालक मिथुन अभी बयान देने की हालत में नहीं है। उसके बयान के आधार पर ही इस मामले में आगामी कार्रवाई की जाएगी। दिनेश कुमार, सदर थाना प्रभारी