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मौत की वजह बना हेडफोन: महिला को न ट्रेन का हॉर्न सुनाई दिया, न लोगों की आवाज, पल भर में चली गई जान
Tue, 03 May 2022 10:10 PM IST
ajay kumar
संवाद न्यूज एजेंसी, जालंधर (पंजाब)
संवाद न्यूज एजेंसी, जालंधर (पंजाब)
Published by: ajay kumar
Updated Tue, 03 May 2022 10:10 PM IST
सार
ट्रेन महिला को अपने साथ 50 मीटर तक घसीटते ले गई। महिला का चेहरा बुरी तरह बिगड़ गया। इस कारण उसकी पहचान भी नहीं हो सकी। ट्रेन करीब 500 मीटर आगे जाकर रुकी और हादसे की जानकारी विभागीय अधिकारियों को देने के बाद रवाना की गई।
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ट्रेन के आगे पटरी पर पड़ा शव।
- फोटो : संवाद न्यूज एजेंसी
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विस्तार
हेडफोन लगाकर पटरी पार करती महिला की ट्रेन की चपेट में आकर मौत हो गई। हादसा मंगलवार दोपहर 1:40 बजे पंजाब के जालंधर में हुआ। आसपास के लोगों ने आवाज देकर महिला को रोकने की कोशिश भी की लेकिन उसने न तो ट्रेन का हॉर्न सुना, न लोगों की आवाज। 50 मीटर तक ट्रेन उसे घसीटते ले गई। जीआरपी ने शव को पहचान के लिए सिविल अस्पताल में रखवा दिया है।
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चश्मदीद अमरीक सिंह ने बताया कि मकसूदां फ्लाईओवर डीएवी हाल्ट जालंधर से 100 मीटर दूर फाटक बंद था। दोपहर 1:40 बजे जालंधर से लोहियाखास की ओर जा रही ट्रेन दूर से ही हॉर्न बजा रही थी। तभी कानों में हेडफोन लगाए एक महिला आई और बंद फाटक को पार कर पटरी पर पहुंच गई।
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फाटक के दोनों ओर खड़े लोग जोर-जोर से चिल्लाए लेकिन महिला ने न तो ट्रेन का हॉर्न सुना और न लोगों की आवाज। इससे पहले कि कोई कुछ कर पाता, ट्रेन महिला को अपने साथ 50 मीटर तक घसीटते ले गई। महिला का चेहरा बुरी तरह बिगड़ गया। इस कारण उसकी पहचान भी नहीं हो सकी। ट्रेन करीब 500 मीटर आगे जाकर रुकी और हादसे की जानकारी विभागीय अधिकारियों को देने के बाद रवाना की गई।
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एक घंटा देरी से पहुंची जीआरपी, शव के ऊपर से एक ट्रेन और गुजर गई
हैरत की बात तो यह है कि हादसा दोपहर 1:40 बजे हुआ और जीआरपी एक घंटे बाद 2:40 बजे मौके पर पहुंची। अभी जीआरपी ठीक से मुआयना भी नहीं कर पाई थी कि एक और ट्रेन महिला के शव के ऊपर से गुजर गई।
क्या कहते हैं अधिकारी
थाना जीआरपी के इंस्पेक्टर बलवीर सिंह घुम्मन ने सफाई देते हुए कहा कि ट्रेन से किसी की मौत हो जाने पर ड्राइवर और गार्ड डिवीजन को सूचना देते हैं। यह सूचना पटियाला पहुंचती है फिर हमारे पास आती है। इस प्रक्रिया में समय तो लगता ही है।
उधर, थाना एक की पुलिस के मुताबिक घटनास्थल पर पहुंचने में घंटे भर की देरी इसलिए हुई क्योंकि उन्हें लगा कि घटनास्थल किसी चौकी में तो नहीं आ रहा। पहले कंफर्म किया, इसके बाद वहां पहुंचे। पुलिस के सामने ही दूसरी ट्रेन शव के ऊपर से गुजर गई।