चंडीगढ़ के खूनी हादसे में चौंकाने वाला खुलासा
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एनआरआई दंपति के परिजनों ने आरोप लगाया है कि एचआरटीसी के अधिकारी हादसे में वोल्वो बस के ड्राइवर की गलती को छिपाने के लिए मुआवजे का लालच दे रहे हैं।
मुंबई से पहुंचे कविता के मामा संजय ने बताया कि उन्हें शक है कि वोल्वो बस की स्पीड काफी अधिक थी, जबकि एचआरटीसी के अधिकारी बता रहे हैं कि उसकी स्पीड मात्र 80 किलोमीटर/प्रतिघंटा की रफ्तार थी।
यदि चंडीगढ़ में वोल्वो 80 की स्पीड पर चल रही थी तब भी यह ट्रैफिक वाइलेंस है। ड्राइवर व एचआरटीसी अधिकारियों के खिलाफ कार्रवाई होनी चाहिए। जीएमसीएच 32 में एचआरटीसी के अधिकारी भी मौजूद थे।
वे व्हाट्सएप पर एनआरआई दंपति के परिजनों को हादसे की फोटो दिखाकर बताने की कोशिश कर रहे थे कि कार की स्पीड काफी अधिक थी। उनके ड्राइवर की कोई गलती नहीं है। वोल्वो से कार टकराने के बाद वे करीब आठ से दस मीटर की ऊंचाई पर उछली थी।
हॉस्पिटल के रवैये से नाखुश
अनन्या के परिजन जीएमसीएच 32 के रवैये से नाखुश हैं। दोपहर तीन बजे तक यूनिट में कोई भी कंसलटेंट नहीं था। सीनियर रेजिडेंट ही उस पर नजर रख रहे थे। उनका कहना है कि कम से कम एक तो कंसलटेंट होना चाहिए। इसके लिए ब्लड लाने के लिए भी उनसे कई चक्कर लगवाए जा रहे हैं।
उनसे कहा गया कि ब्लड ले आइए। जब ब्लड के लिए जाते तो जवाब मिलता कि कागजात पूरे नहीं है। फिर वे दोबारा यूनिट में जाते और डाक्टर से कागजात कंप्लीट करवाकर आते हैं।
इसी चक्कर में मुंबई से आई एक रिश्तेदार सी ब्लाक के रैम्प पर ब्लड बैंक जाते वक्त गिर पड़ीं। इससे उनके हाथों पर चोट आई। उनका कहना है कि यह एक गंभीर केस है। हम जैसे लोगों की मदद के लिए कोई तो होना चाहिए। यहां पर हम लोग अंजान हैं।
ब्लड बहने से अनन्या की हालत गंभीर
एनआरआई दंपति की पांच वर्षीय इकलौती बेटी अनन्या की हालत अब भी गंभीर बनी हुई है। वह जीएमसीएच 32 के आईसीयू में एडमिट है। डाक्टरों के मुताबिक रिब्ज में रॉड डाली गई है।
स्पॉट पर काफी ज्यादा खून बह जाने से उसकी हालत ज्यादा बिगड़ गई है। रविवार को फिर से उसे ब्लड चढ़ाया गया है। वह रिकवर कर रही है। बातचीत भी कर रही है। बार-बार वह अपनी मम्मी-पापा को पूछ रही है।
अनन्या के नाना-नानी, मामा-मामी व अन्य रिश्तेदार उसे समझाने की कोशिश कर रहे हैं कि वह दूसरे कमरे में एडमिट हैं। हादसे में घायल दीपाली की भी हालत काफी गंभीर है। उसे आईसीयू से नीचे वाली यूनिट एसडीयू में दाखिल कराया गया है। उसके सिर पर काफी गंभीर इंजरी आई हुई है।
वोल्वो बस का ड्राइवर गिरफ्तार
पकड़े गए ड्राइवर को सेक्टर 34 थाना पुलिस ने रविवार को ड्यूटी मजिस्ट्रेट के सामने पेश किया। पुलिस ने अदालत को बताया कि ड्राइवर की लापरवाही के कारण पांच लोगों की मौत और 15 लोग घायल हो गए।
अदालत ने पुलिस की दलील सुनने के बाद ड्राइवर सुरेंद्र को 14 दिन के लिए न्यायिक हिरासत में भेज दिया। इस हादसे में घायल हुए यात्रियों को रविवार को उपचार के बाद छुट्टी मिल गई है।
जीएमसीएच में अभी सिर्फ 18 वर्षीय दीपाली और पांच वर्षीय अनन्या दाखिल है। अनन्या आईसीयू में दाखिल है और उसका रिब्स फैक्चर है।
अनन्या के पास उनके रिश्तेदार उसकी देखभाल करने में लगे हुए हैं। होश आने पर अनन्या अपनी मां कविता और पापा रुपेश को याद कर रही है।
ऐसे हुआ था हादसा
धर्मशाला से चंडीगढ़ होकर दिल्ली जा रही हिमाचल रोडवेज की तेज रफ्तार वोल्वो बस और स्विफ्ट कार के बीच शुक्रवार रात दो बजे सेक्टर 45/46/49/50 लाइट प्वाइंट पर टक्कर हो गई थी।
टक्कर लगते ही स्विफ्ट कार में आग लग गई और कार में सवार लांडरां कालेज के तीन छात्र जिंदा जल गए थे। इसके साथ ही वोल्वो बस पलटने से यूके निवासी दंपति उसके नीचे दब गए और उनकी भी मौत हो गई। इस हादसे में 15 अन्य यात्री भी जख्मी हुए थे।
रूपेश के पैरेंट्स को सूचना चंडीगढ़ में आकर दी
रूपेश के पैरेंट्स जामनगर से करीब एक बजे चंडीगढ़ पहुंचे। उन्हें बताया गया था कि उनके बेटे की तबियत खराब हो गई है, इसलिए फौरन चले आएं। चंडीगढ़ पहुंचने के बाद उन्हें चंडीमंदिर ले जाया गया।
वहां पर उन्हें बताया गया कि रूपेश व उनकी पत्नी कविता की मौत हो गई है, जबकि बेटी अनन्या हास्पिटल में एडमिट है। उसके बाद वे अनन्या से मिलने के लिए जीएसमीएच 32 पहुंचे। उसके बाद उन्हें सेक्टर 25 के क्रिमेशन ग्राउंड में ले जाया गया। बेटे व बहु की मौत की सूचना मिलने पर टूट से गए थे।