चंडीगढ़ में बच्ची से 'दरिंदगी' पर भड़की हिंसा, 11 सच
4 साल की मासूम से दरिंदगी के बाद हत्या कर देने से चंडीगढ़ में हिंसा भड़क गई। बच्ची शुक्रवार रात 9 बजे घर के बाहर खेलते हुए गायब हो गई थी। आधे घंटे के भीतर इंडस्ट्रियल एरिया थाना पुलिस को सूचना दे दी गई।
बच्ची के परिजन और लोग गिड़गिड़ाते रहे कि पास के जंगल में सर्च अभियान चलाया जाए। पुलिस टस से मस नहीं हुई तो उन्होंने गुहार की कि पुलिस उन्हें टार्च दे दे तो वे खुद जंगल में जाकर ढूंढ लेंगे।
पुलिसवालों ने इससे भी इंकार कर दिया और लोगों को टरकाकर चैन से सो गई। सुबह बच्ची की लाश मिलने के बाद भी पुलिस अधिकारी लापरवाही बरतने वालों पर कार्रवाई को राजी नहीं हुए तो भीड़ ने उपद्रव कर दिया।
बच्ची कालोनी नंबर चार की थी। कालोनी के लोग सुबह चार बजे खुद जंगल में निकल गए। सुबह छह बजे सीटीयू वर्कशाप के पास जंगल के नाले में बच्ची की लाश मिली। बच्ची का सिर दलदल में धंसा था।
जैसा बच्ची के पिता ने बताया
बच्ची के पिता एक मॉल में हाउसकीपर हैं। पत्नी और पौने चार साल की इकलौती बच्ची के साथ कलोनी नंबर चार में रहते हैं। शुक्रवार को वह काम पर गए थे और रात नौ बजे बच्ची घर के बाहर खेल रही थी। दस मिनट बाद बच्ची की मां बाहर आई तो देखा बच्ची गुम थी।
इस पर परिजनों ने उसकी तलाश शुरू की तो पड़ोस की महिला ने बताया कि कुछ देर पहले बच्ची को कोई व्यक्ति कुछ खिला रहा था। इसके बाद परिजन घबरा गए और रात साढ़े 9 बजे पुलिस को बच्ची के अगवा होने की सूचना देने इंडस्ट्रियल एरिया थाना पहुंचे।
थाने में मौजूद पुलिसकर्मियों ने शिकायत सुनने के बाद कहा कि तुम जाओ पुलिस अपनी कार्रवाई करेगी। एसएचओ के बारे में पूछने पर पुलिसकर्मियों ने बताया कि वह घर पर खाना खाने गए है, जबकि पिता का आरोप है कि एसएचओ देवेंदर शर्मा थाने में ही एक कमरे में आराम कर रहे थे।
पिता के अनुसार थाने में शिकायत के बाद भी पुलिस काफी समय तक नहीं आई। एसएचओ के मोबाइल नंबर प कई बार कॉल किया मगर उन्होंने फोन नहीं उठाया।
पिता ने होली पर मारपीट करने वाले पर शक जताया
पीड़ित के पिता के अनुसार उन्हें किसी पर शक नहीं है। हालांकि होली पर शराब के नशे में एक व्यक्ति ने उनसे मारपीट की थी। पुलिस शनिवार देर रात उस व्यक्ति और बच्ची के चाचा को भी पूछताछ के लिए थाने ले गई।
तीन घंटे चला पोस्टमार्टम
पुलिस ने शव को जीएमएसएच-16 पहुंचाया। इसके बाद उसके पोस्टमार्टम की प्रक्रिया चली। पूरे तीन घंटे के बाद पोस्टमार्टम पूरा होने के बाद भारी पुलिस बल के साथ परिजनों ने बच्ची को सेक्टर-25 में दफनाया।
पायल से पहचाना
डीआईजी ए एस चीमा ने बताया कि बच्ची का शव नाले में सिर के बल दलदल में धंसा था। एक पैर ऊपर उठा था। उसकी पायल देखते ही परिजनों ने पहचान कर ली। हालांकि शव वहां से 6 घंटे बाद निकाला गया। प्राथमिक जांच में रेप के बाद हत्या की बात सामने आई है। पुलिस पोस्टमार्टम रिपोर्ट का इंतजार कर रही है।
पुलिस से क्यों है नाराजगी
डेढ़ घंटे तक नहीं पहुंची पुलिस
शव मिलने की सूचना देने पर भी डेढ़ घंटे तक पुलिस नहीं पहुंची। इसबीच घटना स्थल पर लोगों की भीड़ बढ़ती गई। साथ ही उनका गुस्सा भी। साढ़े सात बजे पुलिस पहुंची। उसके बाद अधिकारी भी पहुंचने लगे। भीड़ ने लापरवाह थाना प्रभारी को सस्पैंड करने की मांग करते हुए मौके पर धरना दे दिया और पुलिस को शव नहीं उठाने दिया।
दोपहर 12 बजे यानी छह घंटे तक पुलिस अधिकारी कोई फैसला नहीं कर सके और अंत में थाना प्रभारी की सस्पैंड करने की मांग को खारिज कर दी और बच्ची का शव जबरन उठाने के लिए लोगों पर लाठीचार्ज कर दिया। इस पर गुस्साये लोगों ने पुलिस पर पथराव कर दिया।
8 कॉल के बाद पहुंची पीसीआर
बच्ची के पिता के अनुसार रात दस बजे थाने को सूचना देने के बाद भी जब पुलिस नहीं पहुंची तो उन्होंने पुलिस कंट्रोल रूम में सूचना दी। करीब आठ कॉल करने के बाद ही 10:45 बजे पुलिस मौके पर पहुंची।
पीसीआर पुलिस व दो थाना पुलिसकर्मी आए। उन्होंने बयान दर्ज करवाने के लिए करीब डेढ़ घंटे रास्ते में रोक रखा। इस पर कालोनी के लोगों ने गुस्सा जताया तो एसएचओ अपनी टीम के साथ मौके पर पहुंचे।
खाना खाने का कहकर गायब
पिता का आरोप है कि पौने ग्यारह बजे पुलिस टीम पहुंची और दो बजे एसएचओ ने कहा कि पुलिसकर्मी खाना खाने जा रहें और फिर तलाश शुरू करेंगे मगर इसके बाद कोई पुलिसकर्मी वापस नहीं आया।
डीआईजी को लगा पत्थर पुलिसवालों में भगदड़
पुलिस के रवैये और लाठीचार्ज से गुस्साये लोगों ने जंगल में ही पुलिस को घेर कर पथराव कर दिया। एक पत्थर डीआईजी एएस चीमा को पत्थर लगा। एएसपी परमिंदर सिंह की कनपटी के पास भी खून बहते दिख रहा था। भीड़ से चारों ओर से घिरा पाकर पुलिस के हाथपांव फूल गए और किसी तरह से बच्ची का शव निकाल कर जान बचाकर भाग लिए।
जांच के आदेश
डीआईजी एएस चीमा के अनुसार एसएचओ देवेंदर शर्मा को दस दिन की छुट्टी पर भेजा गया है। उनके खिलाफ जांच के आदेश दे दिए गए हैं। जांच डीएसपी मीणा को सौंपी गई है। उन्हें दस दिन में रिपोर्ट देनी होगी।
10 से ज्यादा काबू
डीआईजी चीमा के अनुसार मामले में दर्जन भर लोगों पर शांति भंग करने और पुलिस की जांच में अड़चन डालने का मामला दर्ज कर इन्हें गिरफ्तार कर लिया गया है। फोटो और वीडियो से अन्य की पहचान की जा रही है।