दो दिन में दूसरी बड़ी सफलता: केटीएफ के बाद मोहाली में बंबीहा गैंग के गुर्गे काबू, पिस्तौल और कारतूस बरामद
आरोपियों से चार पिस्तौल (तीन .32 बोर पिस्तौल और एक .30 बोर पिस्तौल) और छह मैगजीन व 16 कारतूस मिले हैं। आरोपियों से एक मोटरसाइकिल को भी कब्जे में लिया गया है।
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एंटी गैंगस्टर टास्क फोर्स (एटीजीटीएफ) और मोहाली पुलिस ने ज्वाइंट ऑपरेशन में दविंदर बंबीहा गैंग के दो गुर्गों को जीरकपुर एरिया से हथियारों समेत काबू किया है। पकड़े गए आरोपी अपने गिरोह के सदस्यों को लॉजिस्टिक्स मदद, ठिकाने और हथियार मुहैया करवाने के साथ वारदातों को अंजाम देते थे। आरोपियों की पहचान अवतार सिंह उर्फ गोरा निवासी गांव सेवे वाला फरीदकोट और अजय कुमार उर्फ प्रीत पंडित निवासी गांव गदापुर पटियाला के तौर पर हुई है।
अवतार गोरा गैंगस्टर गुरबख्श सेवेवाल का नदीकी है। वह 2014 में जैतो में हुए दोहरे हत्याकांड समेत दो आपराधिक मामलों में भगोड़ा था। डीजीपी गौरव यादव ने बताया कि आरोपियों पर थाना ढकोली में आर्म्स एक्ट की धारा 25(6) (7) के अंतर्गत मामला दर्ज किया गया है। दोनों से पूछताछ के बाद कई बड़े खुलासे होने की उम्मीद है।
सोनीपत में रविवार को दविंदर बंबीहा ग्रुप के गैंगस्टर दीपक मान की हत्या हुई थी। इसके बाद पंजाब पुलिस पूरी से अलर्ट है, क्योंकि अंदेशा था कि किसी भी जगह पर गैंगस्टरों में भिड़त हो सकती है। पंजाब, हरियाणा और राजस्थान के सीमावर्ती इलाके पर खास फोकस था। इसी बीच एजीटीएफ को सूचना मिली थी कि आरोपी जीरकपुर एरिया में हैं। इसके बाद एजीटीएफ व मोहाली पुलिस ने साझे ऑपरेशन में दोनों आरोपियों को पुराने अंबाला- कालका रोड पर स्थित ढकोली से गिरफ्तार किया। इस ऑपरेशन में डीएसपी एजीटीएफ बिक्रम सिंह बराड़ भी शामिल थे। एआईजी एजीटीएफ संदीप गोयल ने बताया कि उनकी टीमें पूरी तरह से सतर्क हैं।
यह हथियार गैंगस्टरों के पास से मिले
आरोपियों से चार पिस्तौल (तीन .32 बोर पिस्तौल और एक .30 बोर पिस्तौल) और छह मैगजीन व 16 कारतूस मिले हैं। आरोपियों से एक मोटरसाइकिल को भी कब्जे में लिया गया है।
दो दिन में मोहाली से दूसरा गैंगस्टर गिरोह काबू
पंजाब पुलिस को दो दिनों में मोहाली में दूसरी बड़ी सफलता मिली है। इससे पहले खरड़ सब डिवीजन में खालिस्तान टाइगर फोर्स (केटीएफ) के दो गुर्गों को पुलिस ने दबोचा था। दोनों अर्श डल्ला के करीबी थे। पूछताछ में उन्होंने बताया कि वह किसी वारदात को अंजाम देने की तैयारी में थे। करीब एक साल में एजीटीएफ ने लगभग 170 गैंगस्टर मॉड्यूल का पर्दाफाश किया और 582 से अधिक अपराधियों को दबोचा है। 586 हथियार और 131 वाहन पकड़े थे।
मोहाली बना अपराधियों का सुरक्षित ठिकाना
मोहाली गैंगस्टरों और अपराधियों का सबसे सुरक्षित ठिकाना माना जाता है। दरअसल, जिले की सीमा हिमाचल प्रदेश, हरियाणा और चंडीगढ़ से जुड़ी है। जिले के तीनों सब डिवीजन मोहाली, खरड़ और डेराबस्सी में खाली पड़े 16 हजार से अधिक फ्लैट हैं। ये गैंगस्टरों को आसानी से किराये पर मिल जाते हैं। वारदातों को अंजाम देने के बाद वह किसी भी राज्य में आसानी से निकल जाते हैं।