फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Chandigarh ›   Torture by police, teenager commit suicide

पुलिस टार्चर से तंग किशोर ने लगाया फंदा

Mon, 01 Sep 2014 08:59 AM IST
ब्यूरो/अमर उजाला, अमृतसर
ब्यूरो/अमर उजाला, अमृतसर Updated Mon, 01 Sep 2014 08:59 AM IST
विज्ञापन
Torture by police, teenager commit suicide

चोरी के अरोप में पुलिस ने 15 साल के लड़के हरजीत सिंह को इस कदर टार्चर किया कि उसने दहशत में आकर खेतों में जाकर एक पेड़ पर फंदा लगाकर आत्महत्या कर ली।

विज्ञापन


वहीं उसका एक साथी दविंदर सिंह दो दिन से घर से लापता है। परिवार वालों को पता नहीं कि वह कहां गया। दोनों के खिलाफ चोरी का आरोप लगा तो तरनतारन में चौकी दुबर्जी की पुलिस ने उन्हें हिरासत में लेकर टार्चर किया।
विज्ञापन


मामले में कोई कार्रवाई न होने के कारण मृतक के परिजनों ने रविवार शाम जालंधर जीटी रोड जाम कर दिया। सुल्तानविंड पिंड के मुहल्ला मंदिर वाला प्लाट निवासी दविंदर सिंह किसी ट्रांसपोर्ट कंपनी में काम करता है। बुधवार को उसे सीवरेज के पाइप देकर तरनतारन भेजा गया।
विज्ञापन
विज्ञापन


वह हरजीत सिंह के साथ माल छोड़ऩे के बाद लौट रहे थे कि रास्ते में गोहलवाड के पास इन्हें सड़क के किनारे दो पाइप पड़े दिखे। लावारिस समझकर उन्होंने पाइप अपनी गाड़ी में रख लिए। लेकिन इसके मालिक अकाली पार्षद ने यह देख लिया और दोनों को पुलिस के हवाले कर दिया।

दोनों को पुलिस ने बुरी तरह पीटा और शाम को यह कहकर घर वापस भेज दिया कि वीरवार सुबह दोबारा चौकी में आएं। दोनों लड़के अपने घर जाने के बजाय अपनी मामी के घर चले गए ताकि घर वालों को पता न चले कि पुलिस ने उन्हें बुरी तरह पीटा।

मामी ने दोनों की हालत देखी और पेनकिलर देकर सुला दिया। वीरवार सुबह दोनों फिर चौकी जाने के लिए निकले। पुलिस वालों ने उनकी दोबारा पिटाई की। इसके बाद शुक्रवार शाम को जब दोनों घर लौटे तो उनकी हालत ऐसी थी कि वे ठीक से चल भी न पा रहे थे।


दोनों पुलिस की मार से दहशत में थे। पीडि़त हरजीत ने खेतों में जाकर पेड़ पर फंदा लगा लिया, जबकि दविंदर डर से ही कहीं चला गया। वह अभी तक नहीं लौटा है।

जानकारी मिलने पर थाना सुल्तानविंड पुलिस पहुंची और शव को कब्जे में लेकर 174 की कार्रवाई शुरू कर दी। वहीं पुलिस कमिश्नर जतिंदर सिंह औलख ने इस मामले से अनभिज्ञता जताई है। उनका कहना है कि वे थाने के पुलिस अधिकारियों से बात कर केस पर जरूरी कार्रवाई करेंगे।

पुलिस का दोहरा रवैया
गौरतलब है कि एक हेड कांस्टेबल दिलबाग सिंह की पिटाई करने के आरोप में खुद डीजीपी सुमैध सिंह सैनी तुरंत अमृतसर पहुंच गए थे और इंस्पेक्टर उपकार सिंह सहित चार कर्मियों के खिलाफ केस दर्ज कर उन्हें नौकरी से डिसमिस कर दिया था लेकिन इस किशोर की आत्महत्या के मामले में पुलिस औपचारिकता पूरी करने के लिए 174 की कार्रवाई कर रही है। पुलिस यह बताने की कोशिश कर रही है कि मृतक मानसिक तौर पर परेशान था।

विज्ञापन
विज्ञापन
सबसे विश्वसनीय Hindi News वेबसाइट अमर उजाला पर पढ़ें हर राज्य और शहर से जुड़ी क्राइम समाचार की
ब्रेकिंग अपडेट।
 
रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें अमर उजाला हिंदी न्यूज़ APP अपने मोबाइल पर।
Amar Ujala Android Hindi News APP Amar Ujala iOS Hindi News APP
विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed