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NRI का लोन पास कराने को पैसे मांग रहा था वकील, सजा और जुर्माना
ब्यूरो/अमर उजाला, चंडीगढ़
Updated Thu, 29 Sep 2016 07:07 PM IST
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एनआरआई का लोन पास करने की एवज में वकील पैसे मांग रहा था, लेकिन अब वह सजा भुगतेगा और जुर्माना भी भरेगा। 1.5 लाख रुपये रिश्वत लेते पकड़े गए लुधियाना निवासी एडवोकेट/चार्टेड अकाउंटेंट हरविंदर बहल को सीबीआई की विशेष अदालत ने 3 साल कैद की सजा सुनाई है। साथ ही उस पर 20 हजार रुपये जुर्माना लगाया है।
सीबीआई ने बहल को 2012 में सेक्टर-17 के एक होटल के पास से डेढ़ लाख रुपये की रिश्वत लेते रंगेहाथ गिरफ्तार किया था। सीबीआई को दी शिकायत में एनआरआई भूपिंदर सिंह ने कहा था कि वह कुछ दिनों पहले ही यूएसए से आया था। वह रोपड़ में मशरूम प्रोजेक्ट लगाना चाहता था। इसके लिए उन्होंने सेक्टर-17 स्थित आंध्र बैंक से 68 लाख रुपये के लोन के लिए आवेदन किया था।
बैंक अधिकारी काफी समय से उनका लोन पास नहीं कर रहे थे। इसी दौरान उनकी मुलाकात एडवोकेट हरविंदर बहल से हुई। उन्होंने उन्हें बताया कि उनकी बैंक अधिकारियों से अच्छी जान पहचान है और वह उनका लोन पास करा सकते हैं। इसकी एवज में बहल ने उनसे रिश्वत की डिमांड की थी। भूपिंदर सिंह ने हरविंदर से मोबाइल पर हुई बातचीत को रिकार्ड कर लिया था।
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26 जुलाई 2012 को रिश्वत की रकम में से एक लाख रुपये देने की बात तय हुई थी। बाकी बचे 50 हजार रुपये बाद में देना तय हुआ था। बहल ने भूपिंदर सिंह को आश्वस्त किया था कि उसने बैंक के डीजीएम से इस बारे में बात कर ली है। इसके बाद एनआरआई ने सीबीआई से इसकी शिकायत की।
जांच में शिकायत की पुष्टि होने पर सीबीआई ने 28 जुलाई 2012 को ट्रैप लगाया और बहल को सेक्टर-17 स्थित महफिल होटल के पास से डेढ़ लाख रुपये रिश्वत लेते रंगेहाथ गिरफ्तार कर लिया था। बहल के खिलाफ भ्रष्टाचार निरोधक अधिनियम की धारा 8 के तहत केस दर्ज किया गया था।
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सीबीआई ने बहल को 2012 में सेक्टर-17 के एक होटल के पास से डेढ़ लाख रुपये की रिश्वत लेते रंगेहाथ गिरफ्तार किया था। सीबीआई को दी शिकायत में एनआरआई भूपिंदर सिंह ने कहा था कि वह कुछ दिनों पहले ही यूएसए से आया था। वह रोपड़ में मशरूम प्रोजेक्ट लगाना चाहता था। इसके लिए उन्होंने सेक्टर-17 स्थित आंध्र बैंक से 68 लाख रुपये के लोन के लिए आवेदन किया था।
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बैंक अधिकारी काफी समय से उनका लोन पास नहीं कर रहे थे। इसी दौरान उनकी मुलाकात एडवोकेट हरविंदर बहल से हुई। उन्होंने उन्हें बताया कि उनकी बैंक अधिकारियों से अच्छी जान पहचान है और वह उनका लोन पास करा सकते हैं। इसकी एवज में बहल ने उनसे रिश्वत की डिमांड की थी। भूपिंदर सिंह ने हरविंदर से मोबाइल पर हुई बातचीत को रिकार्ड कर लिया था।
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26 जुलाई 2012 को रिश्वत की रकम में से एक लाख रुपये देने की बात तय हुई थी। बाकी बचे 50 हजार रुपये बाद में देना तय हुआ था। बहल ने भूपिंदर सिंह को आश्वस्त किया था कि उसने बैंक के डीजीएम से इस बारे में बात कर ली है। इसके बाद एनआरआई ने सीबीआई से इसकी शिकायत की।
जांच में शिकायत की पुष्टि होने पर सीबीआई ने 28 जुलाई 2012 को ट्रैप लगाया और बहल को सेक्टर-17 स्थित महफिल होटल के पास से डेढ़ लाख रुपये रिश्वत लेते रंगेहाथ गिरफ्तार कर लिया था। बहल के खिलाफ भ्रष्टाचार निरोधक अधिनियम की धारा 8 के तहत केस दर्ज किया गया था।