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एक दिन में 3 ने खत्म कर ली जिंदगी, वजह बनी कर्ज और आर्थिक तंगी
ब्यूरो/अमर उजाला, पटियाला(पंजाब)
Updated Tue, 01 Nov 2016 06:15 PM IST
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कर्ज की परेशानी के चलते तीन किसानों ने दी जान
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कर्ज और आर्थिक तंगी इंसान को इस कदर परेशान कर देती है कि उसके पास जिंदगी खत्म करने के अलावा कोई रास्ता नहीं बचता। एक ही दिन में तीन लोगों ने जान दे दी। पटियाला जिले में नाभा के गांव ककराला में आर्थिक तंगी से परेशान नौजवान किसान ने अपने घर पर फंदा लगाकर खुदकशी कर ली। सोमवार देर रात यह घटना हुई और मरने वाला किसान गुरमेल सिंह (35) पुत्र करतार सिंह है।
थाना सदर नाभा पुलिस ने मां महिंदर कौर के बयान पर मामले में 174 की कार्रवाई की है। मामले के जांच अधिकारी एएसआई मनमोहन सिंह ने बताया कि महिंदर कौर के मुताबिक उसके पति ने गरीबी के कारण कई साल पहले जमीन बेच दी थी। इसके चलते अब गुरमेल सिंह समेत उसके तीन लड़के कंबाइन पर लेबर करके गुजारा करते थे। गुरमेल सिंह पैसों की तंगी के कारण पिछले कुछ समय से मानसिक तौर पर काफी परेशान रहता था।
गुरमेल सिंह अविवाहित था और मां के साथ ही रहता था। कई महीने कंबाइन पर लेबर करने के बाद दो-तीन दिन पहले वह घर लौटा था। सोमवार को मां महिंदर कौर अपनी लड़की के घर गई हुई थी। पीछे से गुरमेल सिंह ने पंखे की कुंडी से रस्सी की मदद से लटक कर आत्महत्या कर ली। मंगलवार को सुबह जब काफी देर तक दरवाजा न खुला, तो लोगों ने पुलिस को सूचना दी। थाना सदर नाभा पुलिस ने लाश को कब्जे में लेकर जांच शुरू कर दी है।
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थाना सदर नाभा पुलिस ने मां महिंदर कौर के बयान पर मामले में 174 की कार्रवाई की है। मामले के जांच अधिकारी एएसआई मनमोहन सिंह ने बताया कि महिंदर कौर के मुताबिक उसके पति ने गरीबी के कारण कई साल पहले जमीन बेच दी थी। इसके चलते अब गुरमेल सिंह समेत उसके तीन लड़के कंबाइन पर लेबर करके गुजारा करते थे। गुरमेल सिंह पैसों की तंगी के कारण पिछले कुछ समय से मानसिक तौर पर काफी परेशान रहता था।
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गुरमेल सिंह अविवाहित था और मां के साथ ही रहता था। कई महीने कंबाइन पर लेबर करने के बाद दो-तीन दिन पहले वह घर लौटा था। सोमवार को मां महिंदर कौर अपनी लड़की के घर गई हुई थी। पीछे से गुरमेल सिंह ने पंखे की कुंडी से रस्सी की मदद से लटक कर आत्महत्या कर ली। मंगलवार को सुबह जब काफी देर तक दरवाजा न खुला, तो लोगों ने पुलिस को सूचना दी। थाना सदर नाभा पुलिस ने लाश को कब्जे में लेकर जांच शुरू कर दी है।
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आठ लाख का कर्ज था, नहर में कूद गया
सीजोफ्रेनिक लोग होते हैं अंधविश्वासी
- फोटो : demo pic
फिरोजपुर के गांव शकूर में कर्जें तले दबे पचास वर्षीय किसान ने नहर में छलांग लगाकर खुदकुशी कर ली। नहर में से किसान की लाश बरामद कर ली है। किसान पर लगभग आठ लाख रुपये का कर्ज था।
किसान के परिजनों ने बताया कि किसान गुरबिंदर सिंह (50) वासी गांव शकूर ने बैंक, आढ़ती व अन्य लोगों से कर्ज लेकर बेटी की शादी की थी।किसान के पास तीन एकड़ जमीन थी। कर्ज उतर नहीं पा रहा था और ब्याज के कारण कर्ज की रकम बढ़ती जा रही थी। धनराशि लेने वाले उसे तंग करते थे। बैंक का भी कर्ज था। मंगलवार की दोपहर को किसान ने सरहंद नहर में छलांग लगाकर खुदकुशी कर ली।
किसान का एक 18 साल का बेटा है। गांव के लोगों का कहना है कि जब तक जिला प्रशासन पंजाब सरकार की तरफ से खुदकुशी करने वाले किसान के परिजनों को तीन लाख रुपये का चेक नहीं देंगे तब तक शव का अंतिम संस्कार नहीं किया जाएगा। लेकिन देर शाम तक जिला प्रशासन की ओर से किसान के परिजनों को चेक नहीं दिया गया था।
किसान के परिजनों ने बताया कि किसान गुरबिंदर सिंह (50) वासी गांव शकूर ने बैंक, आढ़ती व अन्य लोगों से कर्ज लेकर बेटी की शादी की थी।किसान के पास तीन एकड़ जमीन थी। कर्ज उतर नहीं पा रहा था और ब्याज के कारण कर्ज की रकम बढ़ती जा रही थी। धनराशि लेने वाले उसे तंग करते थे। बैंक का भी कर्ज था। मंगलवार की दोपहर को किसान ने सरहंद नहर में छलांग लगाकर खुदकुशी कर ली।
किसान का एक 18 साल का बेटा है। गांव के लोगों का कहना है कि जब तक जिला प्रशासन पंजाब सरकार की तरफ से खुदकुशी करने वाले किसान के परिजनों को तीन लाख रुपये का चेक नहीं देंगे तब तक शव का अंतिम संस्कार नहीं किया जाएगा। लेकिन देर शाम तक जिला प्रशासन की ओर से किसान के परिजनों को चेक नहीं दिया गया था।
कर्ज से परेशान किसान ने लगाया फंदा, मौत
तनावग्रस्त व्यक्ति
- फोटो : डेमो फोटो
मानसा के गांव टाडियां के एक कर्जदार किसान ने सोमवार की रात घर में ही फंदा लगाकर खुदकुशी कर ली। उसके सिर बैंक व आढ़ती का करीब 4 लाख रुपये का कर्ज था। गांव टाडिय़ा के सरपंच गमदूर सिंह ने बताया कि किसान जगरूप सिंह 50 पुत्र निरंजन सिंह के पास 3 एकडु जमीन थी। उसके सिर 4 लाख रुपये का कर्ज था।
कर्ज न लौटाने के कारण वह परेशान रहता था, जिसने सोमवार की सुबह घर में फंदा लगाकर खुदकुशी कर ली। पोस्टमार्टम के बाद मृतक किसान जगरूप सिंह का मंगलवार को गांव में अंतिम संस्कार कर दिया गया है। वह अपने पीछे अपनी पत्नी व तीन बच्चे छोड़ गए है। सरपंच गमदूर ने सरकार से परिवार के लिए सहायता व कर्ज मुआफी की मांग की है।
कर्ज न लौटाने के कारण वह परेशान रहता था, जिसने सोमवार की सुबह घर में फंदा लगाकर खुदकुशी कर ली। पोस्टमार्टम के बाद मृतक किसान जगरूप सिंह का मंगलवार को गांव में अंतिम संस्कार कर दिया गया है। वह अपने पीछे अपनी पत्नी व तीन बच्चे छोड़ गए है। सरपंच गमदूर ने सरकार से परिवार के लिए सहायता व कर्ज मुआफी की मांग की है।