डेंगू की दहशत: हिसार में एक ही दिन में तीन बच्चियों की मौत, स्वास्थ्य विभाग में हड़कंप
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हरियाणा के हिसार शहर में एक ही दिन में दो अलग-अलग जगह डेंगू के कारण तीन बच्चियों की मौत हो गई। मृतकों में जिंदल कॉलोनी निवासी 15 वर्षीय आंचल, 10 वर्षीय कोमल और मिलगेट के सुंदर नगर निवासी तीन वर्षीय खुशी शामिल हैं। आंचल और कोमल रिश्ते में मौसी-भांजी हैं। एक साथ तीन मौत से स्वास्थ्य विभाग में हड़कंप मच गया। पहले मामले से बेखबर स्वास्थ्य विभाग बच्चियों की मौत होते ही हरकत में आया।
तुरंत मलेरिया विभाग की टीम जिंदल कालोनी और बच्चियों के स्कूल में भेजी गई। घरों में लारवा जांचा गया। टंकियों से लेकर टायर तक खंगाले गए। हालांकि विभाग से लेकर जिंदल अस्पताल प्रशासन इन मौतों की सीधे तौर पर डेंगू से पुष्टि करने से बच रहा है। मगर परिजनों के मुताबिक दोनों बच्चियों का डेंगू का इलाज चल रहा था।
तीनों बच्चियों का सोमवार से चल रहा था इलाज
मृतक तीनों बच्चियों का शहर के अलग-अलग अस्पतालों में सोमवार से इलाज चल रहा था। मृतका आंचल व कोमल अर्बन एस्टेट स्थित विश्वास स्कूल की छात्राएं थीं। जिंदल इंडस्ट्री में असिस्टेंट इंजीनियर राजेश्वर ने बताया कि उनकी बेटी आंचल विश्वास स्कूल में 8वीं कक्षा की छात्रा थी व उनकी दोहती कोमल भी इसी स्कूल में 5वीं कक्षा की छात्रा थी। दोनों बच्चियां स्कूल से शनिवार को घर आई तो उन्हें उलटियां हो रही थीं।
जब पूछताछ की तो दोनों ने बताया कि उनके स्कूल में एक दोस्त का जन्मदिन मनाया था और पेटीज खाई थी। इसके बाद सामान्य इलाज करवाने पर दोनों की हालत ठीक हो गई। इसके बाद सोमवार को दोनों को बुखार हो गया। जब दोनों को जिंदल अस्पताल में दाखिल कराया गया तो डॉक्टर ने दोनों को डेंगू बताया। इसके बाद दोनों का वहां पर इलाज चलता रहा। मंगलवार को उनकी तबीयत में कुछ सुधार भी हुआ।
बुधवार को दोबारा बिगड़ गई हालात
दोनों बच्चियों की बुधवार को दोबारा से तबीयत बिगड़ गई। इसके बाद उनको आईसीयू में दाखिल करवाया गया। यहां पर गुरुवार रात दोनों की मौत हो गई। वहीं दूसरे मामले में तीन वर्षीय बच्ची खुशी के पिता अनिल कुमार ने बताया कि उनकी बेटी को सोमवार से बुखार की शिकायत थी। इलाज के लिए वे उसको निजी अस्पताल में लेकर गए थे। वहां पर प्लेटलेट्स कम होने की बात सामने आई और बच्ची की हालत बिगड़ गई। गुरुवार रात को बच्ची की हालत खराब होने पर अस्पताल ने उसको रेफर कर दिया। इसके बाद वह उसको नागरिक अस्पताल लेकर गए, जहां पर डॉक्टरों ने उसे मृत घोषित कर दिया।
जिंदल कालोनी निवासी दो बच्चियों की मौत की जानकारी सामने आई हैं। यदि संभावित डेंगू भी हो तो हमें सैंपल सरकारी अस्पताल में भेजने होते हैं। मैं बाहर हूं। मगर रिपोर्ट्स की जांच की जा रही है। उसके बाद अस्पताल प्रबंधन अपनी रिपोर्ट तैयार करेगा, जिसके बाद ही इस मामले में कुछ कहा जा सकेगा। -डॉ. शेखर सिन्हा, डायरेक्टर, जिंदल अस्पताल, हिसार
डेंगू या मलेरिया आशंकित केस प्राइवेट अस्पताल में आने पर इसकी जानकारी स्वास्थ्य विभाग को देनी होती है। मगर इन तीनों ही केस में हमारे पास जानकारी नहीं भेजी गई। जिंदल कॉलोनी व विश्वास स्कूल में फॉगिंग करवाई गई। टीम भेजी गई, लेकिन वहां पर डेंगू का लारवा नहीं मिला। तीनों केसों में इलाज करने वाले अस्पताल से कागजात मंगवाए गए हैं। जांच के बाद ही पता लगेगा कि मौत की वजह क्या रही है। -डॉ. जया गोयल, जिला मलेरिया रोकथाम विभाग अधिकारी, हिसार