सेलरी न मिली तो नाबालिग ने खौफनाक कदम उठाया
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दो महीने से वेतन न मिलने पर निजी स्कूल की बस के हेल्पर ने सोमवार को खुद पर डीजल छिड़ककर आत्मदाह कर लिया। गंभीर हालत में उसे अग्रोहा मेडीकल कॉलेज ले जाया गया, जहां उपचार के दौरान उसकी मौत हो गई।
पुलिस ने स्कूल बस के ठेकेदार सहित दो के खिलाफ आत्महत्या के लिए मजबूर करने के आरोप में मामला दर्ज कर लिया है। जानकारी के अनुसार गांव बरसीन निवासी 17 वर्षीय राकेश पुत्र गुरमेल फतेहाबाद में स्कूल बस के ठेकेदार मोहन लाल लूथरा, काका मिस्त्री के पास बस में हेल्पर के तौर पर काम करता था।
ठेकेदार सेलरी को लेकर करता था मारपीट
झुलसने के बाद मजिस्ट्रेट के सामने दिए बयान में राकेश ने बताया कि ठेकेदार मोहनलाल और उसके पार्टनर काका मिस्त्री के पास वह हेल्पर का काम करता था।
ठेकेदार उसे दो महीने से सैलरी के लिए तंग कर रहा था। जब उसने सैलरी मांगी तो दोनों ने पहले तो उससे लिखवा लिया और बाद में सैलरी नहीं दी। उसे मारपीट कर भगा दिया और प्रताड़ित किया।
दोनों से परेशान होकर उसने खुद पर डीजल छिड़ककर आग लगा ली। परिजन राकेश को झुलसी हालत में सामान्य अस्पताल ले गए, चिकित्सकों ने प्राथमिक उपचार के बाद उसे अग्रोहा मेडीकल कॉलेज रेफर कर दिया।
इलाज के दौरान ही पुलिस ने मजिस्ट्रेट के सामने राकेश के बयान दर्ज किए। उपचार के दौरान राकेश की मौत हो गई। पुलिस ने आरोपियों के खिलाफ धारा 306, 34 आईपीसी के तहत मामला दर्ज किया है।