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NRI ने किया रिश्वत मांगने वाले थानेदार का स्टिंग, वीडियो बनाकर डीजीपी को सौंपा
ब्यूरो/अमर उजाला, मोहाली(पंजाब)
Updated Sun, 15 Oct 2017 09:26 AM IST
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Mohali Bribe
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एक एनआरआई से मामले को रफादफा करने के एवज में सोहाना थाने के एएसआई द्वारा पांच हजार रुपये रिश्वत लेने का मामला सामने आया है। एनआरआई ने पैसे मांगने वाले एएसआई का स्टिंग करके वीडियो डीजीपी, एसएसपी और विजिलेंस को सौंपा था। इसके बाद एसएसपी ने कार्रवाई करते हुए सोहाना थाने में तैनात एसआई अवतार सिंह को लाइन हाजिर कर दिया है। साथ ही इस मामले की विभागीय जांच डीएसपी सिटी-2 रमनदीप सिंह को सौंप दी है। एसएसपी कुलदीप सिंह चहल ने इसकी पुष्टि की है। उन्होंने बताया कि मामले की जांच चल रही है।
कनाडा निवासी परमजीत सिंह ने पुलिस को दी शिकायत मेें बताया है कि वह 1996 से कनाडा में रहा है। उसका सेक्टर-77 में अपना मकान है। उसने अपने मकान की पावर ऑफ अटॉर्नी अपने साले सतविंदर सिंह के नाम करवा रखी थी। उन्होंने बताया कि गांव बलाचौर में उनका परिवार रहता था। कई सालों से उसका भाई भी इंग्लैंड में रह रहा है। वर्ष 2000 में मां भी इंग्लैंड चल गईं थीं। उन्होंने बताया कि कुछ समय बाद परिवार में बिखराव हो गया। 2012 में मां और भाई भारत आए।
इसके बाद उन्होंने उसके साले पर चोरी का केस दर्ज करवा दिया था। इसके बाद वह साले को छुड़वाने के लिए भारत आ गए। लेकिन उनको कोई रास्ता नहीं दिखा। इसके बाद वह वापस चले गए। इसके बाद भी उन्होंने साले को लगातार परेशान करना जारी रखा। जब 2015 दोबारा भारत आए तो उन्होंने उनपर व परिवार के मेंबरों पर एक और केस दर्ज करवा दिया। इसके बाद मामला अदालत में चला गया।
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कनाडा निवासी परमजीत सिंह ने पुलिस को दी शिकायत मेें बताया है कि वह 1996 से कनाडा में रहा है। उसका सेक्टर-77 में अपना मकान है। उसने अपने मकान की पावर ऑफ अटॉर्नी अपने साले सतविंदर सिंह के नाम करवा रखी थी। उन्होंने बताया कि गांव बलाचौर में उनका परिवार रहता था। कई सालों से उसका भाई भी इंग्लैंड में रह रहा है। वर्ष 2000 में मां भी इंग्लैंड चल गईं थीं। उन्होंने बताया कि कुछ समय बाद परिवार में बिखराव हो गया। 2012 में मां और भाई भारत आए।
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इसके बाद उन्होंने उसके साले पर चोरी का केस दर्ज करवा दिया था। इसके बाद वह साले को छुड़वाने के लिए भारत आ गए। लेकिन उनको कोई रास्ता नहीं दिखा। इसके बाद वह वापस चले गए। इसके बाद भी उन्होंने साले को लगातार परेशान करना जारी रखा। जब 2015 दोबारा भारत आए तो उन्होंने उनपर व परिवार के मेंबरों पर एक और केस दर्ज करवा दिया। इसके बाद मामला अदालत में चला गया।
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चंडीगढ़ में हुआ पैसे का लेन देन
Mohali Bribe
थानेदार ने फोन कर सेटिंग के लिए बुलाया थाने
एनआरआई ने बताया कि 18 सितंबर 2017 को मामले के जांच अधिकारी अवतार सिंह ने उनको फोन करके थाने बुलाया। उनके मामा प्रीतम सिंह भी साथ गए। उन्होंने आरोप लगाया कि अवतार सिंह ने कहा कि आपका भाई पुलिस को पैसे खिलाकर आपके ऊपर कार्रवाई करवा रहा है। जो केस आप पर दर्ज है, उनमें दम नहीं है। ऐसे में सेवा पानी कर देंगे तो आपको इन केसों से मुक्ति दिलवा दूंगा।
चंडीगढ़ में हुआ पैसे का लेन देन
आरोपी थानेदार ने एनआरआई परमजीत सिंह को सेक्टर-43 चंडीगढ़ बुलाया। इस दौरान उसने पैसे की मांग की। उन्होंने थानेदार को कहा कि उनके पास इतना कैश नहीं है तो आरोपी ने कहा कि सामने एटीएम में चलते हैं। वहां से पैसे निकाल कर दे देना। इसके बाद मैं केस की कार्रवाई शुरू कर दूंगा। उन्होंने बताया कि उन्हेें थानेदार पर संदेह था इसलिए वह उसकी वीडियो बनाते रहे। इसके अलावा वह आरोपी थानेदार की फोन कॉल भी रिकॉर्ड करते रहे। जिसकी सीडी बनाकर उन्होंने अधिकारियों को सौंपी है।
पंजाब पुलिस के चक्कर में हुए बर्बाद
पता चला है कि यह एनआरआई पंजाब पुलिस में मुलाजिम था। बिना विभाग को सूचित किए विदेश जाने के चलते गैर हाजिर रहने के कारण उसे नौकरी से डिसमिस कर दिया गया था। एनआरआई का कहना है कि वह टोरंटो में ट्रक ड्राइवर था। लेकिन पंजाब पुलिस के चक्कर में बर्बाद होकर रह गया है। आज उसके पास इतने पैसे भी नहीं है कि दोबारा विदेश जा पाए। रिश्तेदारों से उधार मांगकर काम चला रहे हैं।
एनआरआई ने बताया कि 18 सितंबर 2017 को मामले के जांच अधिकारी अवतार सिंह ने उनको फोन करके थाने बुलाया। उनके मामा प्रीतम सिंह भी साथ गए। उन्होंने आरोप लगाया कि अवतार सिंह ने कहा कि आपका भाई पुलिस को पैसे खिलाकर आपके ऊपर कार्रवाई करवा रहा है। जो केस आप पर दर्ज है, उनमें दम नहीं है। ऐसे में सेवा पानी कर देंगे तो आपको इन केसों से मुक्ति दिलवा दूंगा।
चंडीगढ़ में हुआ पैसे का लेन देन
आरोपी थानेदार ने एनआरआई परमजीत सिंह को सेक्टर-43 चंडीगढ़ बुलाया। इस दौरान उसने पैसे की मांग की। उन्होंने थानेदार को कहा कि उनके पास इतना कैश नहीं है तो आरोपी ने कहा कि सामने एटीएम में चलते हैं। वहां से पैसे निकाल कर दे देना। इसके बाद मैं केस की कार्रवाई शुरू कर दूंगा। उन्होंने बताया कि उन्हेें थानेदार पर संदेह था इसलिए वह उसकी वीडियो बनाते रहे। इसके अलावा वह आरोपी थानेदार की फोन कॉल भी रिकॉर्ड करते रहे। जिसकी सीडी बनाकर उन्होंने अधिकारियों को सौंपी है।
पंजाब पुलिस के चक्कर में हुए बर्बाद
पता चला है कि यह एनआरआई पंजाब पुलिस में मुलाजिम था। बिना विभाग को सूचित किए विदेश जाने के चलते गैर हाजिर रहने के कारण उसे नौकरी से डिसमिस कर दिया गया था। एनआरआई का कहना है कि वह टोरंटो में ट्रक ड्राइवर था। लेकिन पंजाब पुलिस के चक्कर में बर्बाद होकर रह गया है। आज उसके पास इतने पैसे भी नहीं है कि दोबारा विदेश जा पाए। रिश्तेदारों से उधार मांगकर काम चला रहे हैं।