वकील टॉर्चर मामला: एसपी, थानेदार समेत तीन गिरफ्तार, डीआईजी व एसएसपी का तबादला, एसआईटी करेगी जांच
एआईजी (जांच) पंजाब ने मुक्तसर के थाना सिटी में वकील और पुलिस अधिकारियों पर दर्ज मामले की जांच के लिए चार अधिकारियों पर आधारित विशेष जांच दल (एसआईटी) का गठन कर दिया है। लुधियाना के पुलिस कमिश्नर मनदीप सिंह सिद्धू को एसआईटी का प्रमुख बनाया गया है।
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मुक्तसर साहिब में वकील व उनके साथी से पुलिस हिरासत में मारपीट और अमानवीय व्यवहार मामले में सरकार ने कड़ी कार्रवाई करते हुए एसपी, थानेदार व सीनियर कांस्टेबल को गिरफ्तार कर लिया है। इसी के साथ मुख्यमंत्री भगवंत मान ने डीआईजी फरीदकोट रेंज अजय मलूजा व मुक्तसर के एसएसपी हरमनबीर सिंह गिल को ट्रांसफर करने का भी आदेश दिया है।
एडीजीपी इंटेलिजेंस जसकरण सिंह ने इसकी पुष्टि की है। गिरफ्तार पुलिसकर्मियों में एसपी रमनदीप भुल्लर, सीआईए इंचार्ज रमन कुमार कंबोज और कांस्टेबल हरबंस शामिल हैं। इससे पहले सीआई इंचार्ज इंस्पेक्टर रमन कुमार कंबोज व सीनियर कांस्टेबल हरबंस सिंह को सस्पेंड कर दिया गया था।
थाने में वकील को टॉर्चर करने के विरोध में अधिवक्ताओं की हड़ताल के बीच सरकार ने बुधवार को मामले की जांच के लिए लुधियाना के पुलिस कमिश्नर मनदीप सिंह सिद्धू की अगुवाई में चार सदस्यीय विशेष जांच दल (एसआईटी) का गठन किया है। एसआईटी एडीजीपी इंटेलिजेंस जसकरण सिंह की निगरानी में जांच करेगी। डीसीपी इन्वेटिगेशन लुधियाना हरमीत सिंह हुंदल, एडीसीपी-2 कमिश्नरेट लुधियाना सोहेल कासिम मीर और संगरूर के एसपी इन्वेटिगेशन पलविंदर सिंह चीमा एसआईटी का हिस्सा होंगे।
वकीलों को सीएम ने दिया कार्रवाई का भरोसा
इस बीच वकीलों ने मंगलवार से जारी अनिश्चितकालीन हड़ताल बुधवार को खत्म कर दी। मांगें पूरी होने पर बार काउंसिल ऑफ पंजाब एंड हरियाणा के चेयरमैन अशोक सिंगला ने इसकी घोषणा की। ऐसे में अब गुरुवार से करीब डेढ़ लाख वकील हरियाणा, पंजाब और चंडीगढ़ की अदालतों में काम पर लौट आएंगे। हालांकि, पंजाब-हरियाणा हाईकोर्ट बार एसोसिएशन ने शुक्रवार तक कार्य निलंबित रखने का फैसला लिया है। सिंगला ने बताया कि बुधवार को दोपहर एक बजे हुई बैठक में मुख्यमंत्री भगवंत मान ने उन्हें विश्वास दिलाया था कि उनकी मांगों पर आज ही फैसला ले लिया जाएगा।
यह है मामला
मुक्तसर के रहने वाले वकील और उनके साथी को पुलिस ने नशे के एक मामले में हिरासत में लिया था। पूछताछ के दौरान दोनों के साथ मारपीट व अमानवीय व्यवहार किया गया। इसके बाद वकील ने एक अन्य वकील के माध्यम से स्थानीय अदालत में याचिका दायर कर आरोप लगाया गया था कि सीआईए स्टाफ के प्रभारी रमन कुमार कंबोज ने उन्हें और उनके साथी शलिंदरजीत सिंह को मुक्तसर पुलिस स्टेशन लाकर दोनों के साथ अमानवीय व्यवहार किया गया। उन्हें धमकी भी दी गई कि अगर उन्होंने बाहर जाकर किसी से यह बात कही तो उनका वीडियो लीक कर वायरल कर देंगे।
उन्होंने इस मामले की शिकायत सीजीएम की अदालत में की तो अदालत ने 22 सितंबर को पुलिस अधिकारियों के खिलाफ प्राथमिकी दर्ज करने का आदेश दिया। इस मामले में एसपी और इंस्पेक्टर के अलावा सीनियर कांस्टेबल हरबंस सिंह, सीनियर कांस्टेबल भूपिंदर सिंह, कांस्टेबल गुरप्रीत सिंह व दारा सिंह के नाम केस में दर्ज हैं। यह सभी सीआईए स्टाफ में तैनात थे।