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बैंक में जमा पॉलिसी के पैसे न मिले तो शिअद नेता के बेटे ने जान दी

Sat, 19 Mar 2016 07:18 PM IST
ब्यूरो/अमर उजाला, लुधियाना(पंजाब)
ब्यूरो/अमर उजाला, लुधियाना(पंजाब) Updated Sat, 19 Mar 2016 07:18 PM IST
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son of akali leader commit suicide in ludhiana
आत्‍महत्‍या - फोटो : file

लुधियाना में पॉलिसी के पांच साल पूरे होने के बावजूद बैंक की तरफ से पैसे न देने से परेशान शिरोमणि अकाली दल बीसी विंग के जिला प्रधान निर्मल सिंह एसएस के बेटे मंदीप सिंह ने सल्फास निगल लिया। उसने सल्फास निगलकर अपने भाई को फोन कर दिया था।

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परिजनों ने उसे मुंडियां कलां स्थित फोर्टिस अस्पताल में दाखिल कराया, जहां इलाज के दौरान उसकी मौत हो गई। थाना डिवीजन सात की पुलिस भी मौके पर पहुंची। पुलिस ने मंदीप सिंह के कब्जे से एक सुसाइड नोट बरामद किया है, जिसमें उसने अपनी मौत का जिम्मेदार गोपीनाथ, अशोक, श्रीवास्तव और एचडीएफसी बैंक के अन्य मुलाजिमों को जिम्मेदार बताया है। पुलिस ने जांच के बाद आरोपियों के खिलाफ आत्महत्या के लिए मजबूर करने का मामला दर्ज किया है। आरोपियों की तलाश की जा रही है।
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अकाली नेता निर्मल सिंह का छोटा बेटा मंदीप सिंह (25) पढ़ाई कर रहा था। उसने पांच वर्ष पहले विशाल मेगा मार्ट के पास स्थित एचडीएफसी बैंक से अपनी मां ज्ञान कौर के नाम से 99 हजार रुपये सालाना का इंश्योरेंस करवाया था। उस समय बैंक वालों ने ज्यादा रिटर्न मिलने की बात कही थी। इसके बाद वह सालाना पैसे देता रहा। 2014 में पॉलिसी पूरी हो गई। मंदीप ने पैसों के लिए बैंक के कई चक्कर लगाए, लेकिन कोई सुनवाई नहीं हुई। कई बार उसकी माता भी उसके साथ गई। इसके बाद वहां उसे अशोक, श्रीवास्तव और गोपीनाथ मिले।
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उन लोगों ने उसकी मैच्योर हुई पॉलिसी के रुपये धोखे से शेयर मार्केट वाली पॉलिसी में लगवा दिए। उन लोगों ने उसे विश्वास में लिया कि उसे ज्यादा पैसे मिलेंगे। जब मंदीप ने बाद में पॉलिसी मैच्योर होने पर पेमेंट की बात की तो वे लोग टाल मटोल करने लगे। उसने ये सारी बात अपने बड़े भाई गुरदीप सिंह को बताई। जब कोई हल नही हुआ तो वीरवार को उसने सल्फास निगल लिया।

सल्फास निगलने के बाद मंदीप ने गुरदीप सिंह को फोन किया। उसने कहा कि वह विशाल मेगा मार्ट के पीछे गाड़ी में है और वह उसे यहां से ले जाएं। यह सुन कर गुरदीप अपने दफ्तर से निकला और रास्ते में उसने अपने कजन को फोन कर मौके पर जाने को कहा। जब वह वहां पहुंचा तो मंदीप कार में लेटा हुआ था। वह तुरंत उसे फोर्टिस अस्पताल ले गए। जहां मंदीप ने इलाज के दौरान दम तोड़ दिया।


पुलिस को मौका ए वारदात से मंदीप का लिखा हुआ सुसाइड नोट भी बरामद किया, जिसमें उसने इन लोगों को अपनी मौत के लिए जिम्मेदार ठहराया। थाना डिवीजन सात के आईओ मलकीत सिंह ने कहा कि पुलिस ने आरोपियों के खिलाफ मामला दर्ज कर लिया है। पुलिस आरोपियों की तलाश में छापामारी कर रही है।

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