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मां के संग गलत काम होता देख सह न पाए बेटे, पिता का गला घोंटा
ब्यूरो/अमर उजाला, जालंधर(पंजाब)
Updated Thu, 08 Sep 2016 09:39 AM IST
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हत्या
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खून के रिश्ते पानी हो गए हैं। जालंधर में मां संग गलत काम होते देख दो बेटों ने ही पिता की हत्या कर दी। सीआईए देहाती पुलिस ने दोनों आरोपी बेटों को काबू कर लिया है। उनसे पूछताछ की जा रही है।
एसपी परमिंदर सिंह भंडाल व डीएसपी सरबजीत सिंह ने बताया कि जुलाई माह में फिल्लौर के साथ सटे गांव खैहरा में संत राम नामक व्यक्ति की शव मिला था। इस कत्ल की गुत्थी को सुलझाने के लिए पुलिस कई लोगों से पूछताछ कर रही थी, लेकिन सुराग नहीं मिल पा रहा था। पुलिस की टीम पारिवारिक सदस्यों से भी संपर्क में थी। संत राम के बेटे नरिंदर कुमार और गुरप्रीत से भी लगातार पूछताछ कर रही थी। एसपी भंडाल ने बताया कि कई बार पूछताछ के दौरान पुलिस को नरिंदर और गुरप्रीत पर शक हो रहा था। पुलिस ने दोनों से सख्ती से पूछताछ की तो उन्होंने सच्चाई उगल दी।
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एसपी परमिंदर सिंह भंडाल व डीएसपी सरबजीत सिंह ने बताया कि जुलाई माह में फिल्लौर के साथ सटे गांव खैहरा में संत राम नामक व्यक्ति की शव मिला था। इस कत्ल की गुत्थी को सुलझाने के लिए पुलिस कई लोगों से पूछताछ कर रही थी, लेकिन सुराग नहीं मिल पा रहा था। पुलिस की टीम पारिवारिक सदस्यों से भी संपर्क में थी। संत राम के बेटे नरिंदर कुमार और गुरप्रीत से भी लगातार पूछताछ कर रही थी। एसपी भंडाल ने बताया कि कई बार पूछताछ के दौरान पुलिस को नरिंदर और गुरप्रीत पर शक हो रहा था। पुलिस ने दोनों से सख्ती से पूछताछ की तो उन्होंने सच्चाई उगल दी।
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पुलिस ने दोनों आरोपी बेटों को काबू किया
Murder
दोनों भाइयों ने बताया कि उनका पिता संत राम उनकी मां की अकसर पिटाई करता था। उन्होंने बताया कि उनका पिता गढ़ा पिंड में साइकिल पंक्चर की दुकान चलाता था और वह शराब पीने का आदी था। वह अक्सर घर में क्लेश करता और उनकी मां की पिटाई कर देता था। 8 जुलाई की रात को भी संत राम का बेटों के साथ किसी बात पर झगड़ा हुआ। इस पर बड़े बेटे नरिंदर ने गुस्से में आकर उसका गला दबा दिया, जिससे संत राम की मौत हो गई।
नरिंदर और गुरप्रीत ने बताया कि वह लाश को मोटरसाइकिल पर लेकर ठिकाने लगाने जा रहे थे कि रास्ते में उनको एक वाहन आता दिखाई दिया। उसकी लाइट देखकर वह घबरा गए और लाश को वह राजविंदर सिंह के खेतों में फेंककर फरार हो गए। 9 जुलाई की सुबह राजविंदर सिंह खेतों में खाद डालने आया तो लाश देख पुलिस को सूचित किया।
जांच अधिकारियों के मुताबिक आरोपी नरिंदर और गुरप्रीत पर शक होने की मुख्य वजह उनका चुप रहना था। पिता की हत्या आठ जुलाई को हो गई थी। दो माह के बीत जाने के बावजूद वह पुलिस पर प्रेशर नहीं बना रहे थे कि उनके पिता के कातिलों को खोजा जाए।
नरिंदर और गुरप्रीत ने बताया कि वह लाश को मोटरसाइकिल पर लेकर ठिकाने लगाने जा रहे थे कि रास्ते में उनको एक वाहन आता दिखाई दिया। उसकी लाइट देखकर वह घबरा गए और लाश को वह राजविंदर सिंह के खेतों में फेंककर फरार हो गए। 9 जुलाई की सुबह राजविंदर सिंह खेतों में खाद डालने आया तो लाश देख पुलिस को सूचित किया।
जांच अधिकारियों के मुताबिक आरोपी नरिंदर और गुरप्रीत पर शक होने की मुख्य वजह उनका चुप रहना था। पिता की हत्या आठ जुलाई को हो गई थी। दो माह के बीत जाने के बावजूद वह पुलिस पर प्रेशर नहीं बना रहे थे कि उनके पिता के कातिलों को खोजा जाए।