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वाह री पुलिस! हेरोइन के साथ एसएचओ गिरफ्तार, जेल में तैनात सब इंस्पेक्टर से स्मैक बरामद

Wed, 19 Feb 2020 07:36 PM IST
ajay kumar संवाद न्यूज एजेंसी, लुधियाना/संगरूर ( पंजाब)
संवाद न्यूज एजेंसी, लुधियाना/संगरूर ( पंजाब) Published by: ajay kumar Updated Wed, 19 Feb 2020 07:36 PM IST
सार

  • एसटीएफ टीम ने आरोपी के निजी ड्राइवर को भी दबोचा।
  • तस्करों को पैसे लेकर छोड़ने के बाद हेरोइन खुद रखी थी।

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SHO has arrested with heroin in Ludhiana of Punjab
गिरफ्तार आरोपी एसएचओ।

विस्तार

स्पेशल टास्क फोर्स (एसटीएफ) ने मंगलवार की देर रात थाना डिवीजन दो के एसएचओ सब इंस्पेक्टर अमनदीप सिंह गिल को हेरोइन के साथ गिरफ्तार किया। पुलिस ने एसएचओ के निजी ड्राइवर को भी दबोचा है। दोनों के कब्जे से 10.35 ग्राम हेरोइन बरामद और छह मोबाइल फोन बरामद किए है। एसएचओ ने पांच दिन पहले पैसे लेकर नशा तस्करों को छोड़ा था। उनसे बरामद की गई हेरोइन, उनके मोबाइल फोन व कार भी खुद के पास रखी और बाकी पैसे लेकर सामान देने की बात की। आरोपियों के खिलाफ एनडीपीएस एक्ट के तहत मामला दर्ज किया गया है। 

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आईजी एसटीएफ आरके जायसवाल ने बताया कि लुधियाना के एंटी नारकोटिक्स विभाग में रहे सस्पेंड हेड कांस्टेबल बलबीर सिंह को थाना सराभा नगर की पुलिस ने नाजायज वसूली के आरोप में गिरफ्तार किया था। जेल से बाहर आने के बाद उसे नशा तस्करी का धंधा शुरू कर दिया। आरोपी बलबीर सिंह सस्पेंड होने के बाद भी बाहर सभी को बताता था कि वह अभी भी पुलिस में नौकरी कर रहा है। 
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बीती 11 फरवरी को आरोपी बलबीर सिंह ने अपने कुछ साथियों के साथ मिल गांव जस्सोवाल के सतवीर सिंह और गुरपाल सिंह, गांव दाखा के हरप्रीत सिंह और गगन और सतवीर के मौसी के बेटे यादविंदर सिंह को हेरोइन के साथ काबू किया और उनकी कार को लेकर सीधे थाना डिवीजन नंबर दो पहुंचा। प्लानिंग के मुताबिक आरोपी बलबीर सिंह ने एसएचओ अमनदीप सिंह और उसके ड्राइवर अजय से सारी बात की और हेरोइन के साथ गिरफ्तार किए आरोपियों को उनके हवाले कर दिया।  

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एसएचओ अमनदीप सिंह गिल ने आरोपियों को दो तीन दिन तक अपने पास नाजायज हिरासत में रखा। जब आरोपियों के रिश्तेदारों से बात हुई तो गाड़ी लेकर आए गुरपाल और यादविंदर के परिजनों से एक लाख रुपये लाने की बात की। इस पर तीस हजार रुपये मिले। इसके बाद एसएचओ अमनदीप सिंह गिल ने सभी को छोड़ दिया और उनसे बरामद हेरोइन, मोबाइल फोन और कार अपने पास रख ली और कहा वह बाकी के रुपये लेकर आए और अपना सामान ले जाए। 

इसके बाद सस्पेंड हेड कांस्टेबल को एसटीएफ ने गिरफ्तार किया तो सारा मामला खुलकर सामने आया। आईजी जायसवाल ने बताया कि सतवीर, हरप्रीत और गगन के खिलाफ पहले भी मामले दर्ज है। इन तीनों ने ही गुरपाल और यादविंदर को बुलाया था कि वह गाड़ी लेकर आए। सभी लोग फंस गए। सतवीर हत्या के मामले में सजा भी काट चुका है। 

2008 में एएसआई भर्ती हुआ था एसएचओ
आईजी एसटीएफ आरके जायसवाल ने बताया कि एसएचओ अमनदीप सिंह पंजाब पुलिस में बतौर एएसआई 2008 में भर्ती हुआ था। उसे भर्ती करने वाले भी वह खुद ही थे। उस समय वह लुधियाना में बतौर एसएसपी तैनात थे। एएसआई के तौर पर भी अमनदीप ने लुधियाना के कई थानों में कार्य किया। प्रमोट होने के बाद वह थाना कोतवाली में भी बतौर एसएचओ तैनात रहा। उसके बाद जालंधर और फिर थाना डिविजन सात में एसएचओ की तैनाती हुई। थाना डिविजन सात से कुछ समय पहले ही बदल कर अमनदीप सिंह थाना डिविजन दो में तैनात हुआ था। 

एसएचओ का मेडिकल कराएगी एसटीएफ

एसएचओ अमनदीप सिंह गिल खुद नशा करता है या नहीं के सवाल पर आईजी जायसवाल ने बताया कि अभी यह कहना मुश्किल होगा कि वह नशा करता है या नहीं। दो दिन पहले गिरफ्तार किया गया हेड कांस्टेबल बलबीर तो नशा करता है, इसकी पुष्टि हो गई है। एसटीएफ की टीम ने उसकी मेडिकल जांच करवाई थी, जिसमें साफ हो गया है कि वह नशा करने के आदी है। 

अब एसटीएफ की टीम एसएचओ अमनदीप गिल का भी मेडिकल कराएगी। रिपोर्ट आने पर ही स्पष्ट किया जाएगा कि वह नशा करता है या नहीं। उन्होंने कहा कि टीम अब यह जांचने में जुटी है कि एसएचओ अमनदीप गिल नशा तस्करों के संपर्क में कितने समय से था और वह पहले भी नशा तस्करी के धंधे में संलिप्त रह चुका है या नहीं।  

सरकारी के बजाए साथ रखता था निजी ड्राइवर 
एसएचओ अमनदीप सिंह गिल के साथ गिरफ्तार किया गया उनका ड्राइवर अजय पिछले करीब नौ साल से नौकरी कर रहा है। अमनदीप सिंह ज्यादातर अजय को ही अपने साथ रखता था। पुलिस टीम आरोपी अजय से पूछताछ कर पता लगाने में जुटी है कि वह किन-किन गलत कार्यो में संलिप्त था। पुलिस की टीमें अलग-अलग तरीकों से जांच कर रही है। आईजी आरके जायसवाल का कहना है कि अभी इस मामले में कई और बड़े खुलासे होने की उम्मीद है। 

कांग्रेसी पार्षद का रिश्तेदार है एसएचओ अमनदीप सिंह गिल
बताया जा रहा है कि एसएचओ अमनदीप सिंह गिल का एक रिश्तेदार लुधियाना में कांग्रेसी पार्षद है। कांग्रेसी पार्षद की एक पूर्व मंत्री के साथ काफी नजदीकियां है और इस समय विधायक भी है। बताया जा रहा है कि अपनी राजनीतिक पैठ के चलते अमनदीप सिंह थाना प्रभारी लगा था और उसके बाद वह कुछ समय जालंधर में रहने के बाद फिर से बदली कराकर लुधियाना आ गया था। 

जेल में तैनात सब इंस्पेक्टर स्मैक, सुल्फा समेत काबू

संगरूर जिला जेल में तैनात एक सब इंस्पेक्टर को 20 ग्राम स्मैक और तीन ग्राम सुल्फा सहित गिरफ्तार किया है। आरोपी एसआई जेल में बंद गैंगस्टरों की निगरानी करता था और उन्हें ही नशा सप्लाई करता था। जेल सुपरिंटेंडेंट बलविंद्र सिंह ने बताया कि सब इंस्पेक्टर प्रितपाल सिंह जेल में बंद गैंगस्टरों पर निगरानी के लिए तैनात था। उसके साथ 12 अन्य पुलिस मुलाजिम भी तैनात थे। 

जेल में तैनात हुए उसे करीब डेढ़ माह का समय हुआ था। जेल कर्मियों को शक था कि गैंगस्टरों को कोई व्यक्ति नशा सप्लाई करने की फिराक में है। हेड वार्डन जोगिंदर सिंह को सब इंस्पेक्टर प्रितपाल सिंह पर शक था। जब सब इंस्पेक्टर प्रितपाल सिंह की तलाशी ली तो उसकी पगड़ी से लिफाफे में तकरीबन 20 ग्राम स्मैक और 2 ग्राम सुल्फा बरामद हुआ। डीएसपी मनजीत सिंह ने बताया कि सब इंस्पेक्टर के खिलाफ मामला दर्ज कर लिया गया है।
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