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ऑनर किलिंग व एसआई हत्याकांड में पुलिस को मिली बड़ी कामयाबी, शार्प शूटर और चचेरा भाई गिरफ्तार

Wed, 15 Aug 2018 08:45 AM IST
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, रोहतक (हरियाणा)
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, रोहतक (हरियाणा) Updated Wed, 15 Aug 2018 08:45 AM IST
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Sharp shooter and cousin brother are Arrested in Rohtak Honor Killing case
सांकेतिक तस्वीर
पुलिस ने मंगलवार तड़के मुठभेड़ के बाद आठ अगस्त को अंतरजातीय विवाह करने वाली ममता व उसके बचाव में आए करनाल के सब इंस्पेक्टर नरेंद्र सिंह की हत्या के आरोपी यूपी के शार्प शूटर प्रिंस व प्रशांत और युवती के चचेरे भाई मोहित उर्फ मंगल को गिरफ्तार कर लिया है। सात मिनट तक चली मुठभेड़ में प्रिंस के पैर में गोली लगी है। उसे पीजीआई में दाखिल कराया गया। 
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पूछताछ में पता चला कि सिंहपुरा गांव निवासी सरोज व टिंकू की हत्या करने के लिए आए थे, लेकिन पुलिस ने पहले ही घेर लिया। आरोपियों के कब्जे से कार के अलावा भारी मात्रा में हथियार भी बरामद किए गए। एसपी जशनदीप सिंह रंधावा ने मीडिया से बातचीत में बताया कि मंगलवार सुबह करीब साढ़े चार बजे सीआईए-1 को सूचना मिली कि सिंहपुरा गांव के निकट कुछ बदमाश घूम रहे हैं। सूचना पाते ही पुलिस मौके पर पहुंची। 
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शराब के ठेके के पास पुलिस को एक स्विफ्ट कार दिखाई दी। पुलिस ने कार को रुकवाने के लिए इशारा किया, लेकिन कार सवार युवकों ने पुलिस पर फायरिंग करनी शुरू कर दी। पुलिसकर्मियों ने किसी तरह भागकर जान बचाई। इसके बाद जवाब में पुलिस ने भी फायरिंग की। मुठभेड़ के दौरान एक गोली मेरठ के कंकरखेड़ा के संतनगर निवासी प्रिंस को लगी। जबकि उसके भाई प्रशांत और गद्दी खेड़ी निवासी मोहित उर्र्फ  मंगल को पुलिस ने गिरफ्तार कर लिया। 
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तीनों पर पुलिस ने एक-एक लाख का इनाम घोषित किया था। आरोपियों की कार से चार पिस्तौल, दो देशी पिस्तौल और कारतूस बरामद किए गए हैं। तीनों ने लघु सचिवालय के बाहर दोहरे हत्याकांड को अंजाम देना स्वीकार कर लिया।

सोमी के भाई टिंकू व मां सरोज को लगाना था ठिकाने 

Sharp shooter and cousin brother are Arrested in Rohtak Honor Killing case
सांकेतिक तस्वीर
पूछताछ में आरोपियों ने बताया कि वह ममता की हत्या के बाद मंगलवार को सोमी के भाई टिंकू और उसकी मां सरोज की हत्या के लिए पहुंचे थे। 

सुनारिया जेल में बंद मनबीर ने तय किए यूपी के शार्प शूटर 
पूछताछ में मोहित ने बताया कि दो माह पहले वह नेपाली गैंगरेप व हत्या के चलते सजायाफ्ता चचेरे भाई मनबीर से सुनारिया जेल में मिला। मनबीर को बताया कि ममता द्वारा अंतरजातीय विवाह करने के कारण काफी बदनामी हो रही है। ममता समझाने पर भी नहीं मान रही। इस कारण उसे ठिकाने लगाना है। मोहित के मुताबिक मनबीर ने सलाह दी कि वह भाई सोमबीर से मिले, जो मर्चेंट नेवी में रहा है। मोहित सोमबीर से मिला। इसके बाद यूपी के शार्प शूटर प्रिंस व प्रशांत को यह काम अंजाम देने की जिम्मेदारी दी। 

वारदात के बाद विदेश भाग जाते थे आरोपी
पुलिस के मुताबिक जांच में पता चला कि प्रिंस मर्चेंट नेवी में रहा है। निजी कंपनियों के माध्यम से अक्सर वारदात अंजाम देने के बाद विदेश चला जाता था। वह दक्षिण अफ्रीका, ब्रिटेन, फांस, इंडोनेशिया भी जा चुका है। इस बार ममता की हत्या के बाद जेल से बाहर टिंकू व सरोज को भी ठिकाने लगाना था। इस कारण दोनों की हत्या करने के बाद जाने का फैसला किया, लेकिन पहले ही पुलिस ने आरोपियों को धर दबोचा।

यह था मामला
मूलरूप से गद्दी खेड़ी गांव की रहने वाली ममता को उसके फू फा हिसार रोड निवासी रमेश ने गोद ले रखा था। उनके मकान में सिंहपुरा गांव निवासी सोमी किराए पर रहता था, जो प्रॉपर्टी का काम करता था। कुछ माह पहले ममता और सोमी ने घर से भागकर प्रेम विवाह कर लिया। दोनों के अलग-अलग जाति के होने के कारण ममता के परिजनों ने उन्हें नहीं स्वीकारा। ममता को गोद लेने और देने वाले माता-पिता, मौसेरे भाई मोहित ने मेरठ के शार्प शूटर प्रशांत और प्रिंस के साथ मिलकर ममता और एसआई नरेंद्र की हत्या कर दी थी। 

बाइक और स्विफ्ट कार हुई थी हत्या में प्रयुक्त
माना जा रहा था कि हमलावरों ने बाइक पर आकर हत्याकांड को अंजाम दिया है, लेकिन जांच में सामने आया है कि बाइक पर प्रशांत और उसका भाई प्रवीत था, जिन्होंने गोली चलाई, जबकि उनकी कार यूपी 15 बीके 7217 में मोहित व अन्य थे। पुलिस ने बाइक बरामद कर ली थी। मंगलवार को आरोपी मेरठ नंबर की उसी कार को लेकर सिंहपुरा गांव में आए थे।

टीम होगी सम्मानित
बदमाशों को पकड़ने वाली टीम में इंस्पेक्टर नवीन कुमार, एएसआई विनोद कुमार, एएसआई अमित कुमार, एएसआई नफे सिंह, हेड कांस्टेबल विकास कुमार, यशवीर, सिपाही महाबीर, श्रीभगवान, हरपाल, परमजीत और विश्वजीत शामिल रहे। एसपी ने बताया कि सीआइए-1 की पूरी टीम को 15 अगस्त पर सम्मानित किया जाएगा।

ग्रामीणों में फैल गई दहशत
दिन निकलते ही सिंहपुरा गांव के पास हुई मुठभेड़ से ग्रामीणों में भी दहशत में फैल गई। गोलियों की आवाज सुनकर ग्रामीण मौके पर पहुंचे। हालांकि, जब तक ग्रामीण मौके पर पहुंचे, पुलिस बदमाशों को पकड़ चुकी थी। ग्रामीण सोहनवीर, मनोज ने बताया कि गोलियों की आवाज सुनकर उन्हें लगा कि गांव में बदमाशों ने धावा बोल दिया है। वह सभी बदमाशों को पकड़ने के लिए दौड़े थे।

हरिद्वार, मेरठ, गाजियाबाद और बुलंदशहर में ली शरण
पूछताछ में आरोपियों ने बताया कि फरारी के दौरान मेरठ के अलावा, गाजियाबाद, हरिद्वार, बुलंदशहर में शरण ली। यही नहीं बागपत के भी कई लोगों से शरण लेने के लिए संपर्क किया था, मगर उन्होंने शरण देने से साफ  इनकार कर दिया था।
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