लिंग जांच और गर्भपात के धंधे का घिनौना तरीका शर्मसार करेगा
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
लिंग जांच और गर्भपात करते तीन लोगों को पुलिस ने दबोचा। उन्होंने जब यह घिनौना धंधा चलाने का तरीका बताया तो पुलिस के होश उड़ गए। उन्होंने बताया कि वे लड़के को भी लड़की बताकर गर्भपात करा देते थे, ताकि मोटी रकम मिल सके।
पुलिस इनोवा गाड़ी से बरामद अल्ट्रासाउंड मशीन व अन्य सामान को देखकर भी हैरान है। मशीन वर्किंग कंडीशन में नहीं है। ऐसे में इस रैकेट का पुलिस के हाथ आना जितना फिल्मी रहा, उतना ही रोंगटे खड़े कर देने वाला इनके काम का तरीका रहा है। पुलिस की प्रारंभिक पूछताछ में जो सामने आया, वह सिर चकरा देने वाला है।
मामला हरियाणा के भिवानी का है। स्वास्थ्य विभाग की टीम ने रेवाड़ी जिले के सीहा गांव में छापा मारकर एक इनोवा गाड़ी में हो रही लिंग जांच का भंडाफोड़ किया कर दिया। गाड़ी पर किसी को शक न हो इसके लिए उस पर पंचायत चुनाव में उतरने के इच्छुक प्रत्याशी के पोस्टर लगा रखे थे।
विभाग को मोबाइल लिंग जांच का पर्दाफाश करने में यह सफलता बोगस क्लाइंट के जरिये मिली। इस मामले में महिला दलाल समेत इनोवा में सवार तीन लोगों को गिरफ्तार किया है,जबिक दो लोग फरार हो गए। आरोपियों के खिलाफ सिटी थाने में पीएनडीटी एक्ट के तहत मामला दर्ज किया गया है।
एक से 15 हजार रुपये वसूलते थे आरोपी
डीएसपी अभिमन्यु ने बताया कि गाड़ी में बरामद अल्ट्रासाउंड मशीन का मॉनिटर बोगस तरीके से बंद किया गया है। उससे लग रहा है कि ये लोग ग्राहक को बेवकूफ बनाकर पैसा ऐंठते रहे हैं। लिंग जांच के बाद गर्भ में लड़की बताते, फिर गर्भपात के लिए ग्राहक को फांसते। उन्होंने बताया कि आरंभिक जांच में इतना सामने आया है, पुख्ता जानकारी व्यापक जांच के बाद ही सामने आ पाएंगी। प्रारंभिक पूछताछ में आरोपियों ने बताया कि वे लिंग जांच और गर्भपात के लिए ये ग्राहक से 15-15 हजार रुपये वसूलते थे।
भिवानी के अलावा दूसरे जिलों में भी है नेटवर्क
इस रैकेट का नेटवर्क भिवानी के अलावा रेवाड़ी और महेंद्रगढ़ जिलों में भी होने का अनुमान है। हालांकि, यह बात किसी जांच में सामने नहीं आई है, लेकिन आज ग्राहक को महेंद्रगढ़ से बाइक पर बैठा कर इनोवा गाड़ी तक पहुंचाया गया, उससे जाहिर है कि रैकेट का नेटवर्क महेंद्रगढ़ व रेवाड़ी में भी है।
अपुष्ट तौर पर यह भी बताया जा रहा है कि रैकेट के मार्फत इन जिलों में गर्भपात भी कराया जाता है। यदि पुलिस गर्भपात के रैकेट की जड़ खंगालने में कामयाब हो गई तो इस डर्टी गेम के ‘असली खिलाड़ी’ भी सामने आ सकते हैं।
पुलिस ने जाल बिछाकर पकड़ा रैकेट
इनोवा गाड़ी में गांव-गांव घूमकर लिंग जांच करने वाले गिरोह की सूचना पर तीन दिन पहले स्वास्थ्य विभाग ने पुलिस के साथ मिलकर उनको पकड़ने की योजना बनाई। इसके तहत विभाग की ही कर्मचारी मोनिका को बोगस क्लाइंट बनाया गया। शनिवार को मोनिका चरखी दादरी पहुंची और वहां रैकेट के साथ जुड़ी महिला दलाल सुमन से संपर्क किया। इस दौरान 15 हजार रुपये में लिंग जांच का सौदा तय हुआ।
गिरोह के सदस्य मोनिका को कार में गांव चिड़िया, कनीना, बागोत आदि क्षेत्रों से घुमाते हुए रेवाड़ी ले गए। उसे झज्जर-रेवाड़ी जिलों के बॉर्डर स्थित गांव सीहा के खेतों की ओर ले जाया गया। महेंद्रगढ़ के पास मोनिका को एक युवक के साथ बाइक पर रवाना कर दिया,जो उसे इनोवा तक ले गया।
डीसी डॉ. साकेत कुमार ने बताया कि सीहा में जैसे ही इनोवा गाड़ी में लिंग जांच का काम शुरू हुआ, तभी टीम ने सुमन समेत तीन लोगों को रंगे हाथ दबोच लिया और दो लोग भाग गए। पकड़े गए लोगों की पहचान रेवाड़ी के बड़ौली निवासी दिनेश व गोकल निवासी अनिल के रूप में हुई है।