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गिरफ्तारी के 21 दिन बाद रामपाल क्या 'गजब' बोला?

Fri, 12 Dec 2014 09:34 AM IST
ब्यूरो/अमर उजाला, हिसार
ब्यूरो/अमर उजाला, हिसार Updated Fri, 12 Dec 2014 09:34 AM IST
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Sant Rampal says real truth at satlok ashram

गिरफ्तारी के 21 दिन बाद हिसार कोर्ट में पेशी के बाद वापस लौट रहे रामपाल ने मीडिया के सामने क्या गजब बयान दिए।

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रामपाल ने खुद को निर्दोष बताया है। रिमांड के बाद पहली बार मीडिया के सामने रामपाल ने साफ कहा है कि उसने किसी को बंधक नहीं बनाया। लोग बाहर निकल रहे थे। यहां तक की किसी को रोकने तक की कोशिश भी नहीं की गई।

रामपाल को कोर्ट ने जब ज्यूडिशिल भेजा तो पुलिस उसे कोर्ट से बाहर लेकर जा रही थी। एक सवाल के जवाब में उसने कहा कि उस पर लगे देशद्रोह के मामले व हत्या के सब मामले झूठे हैं। वह पूरी तरह से बेकसूर है। पुलिस उसे साजिश के तहत फंसाना चाहती है।
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रामपाल से मीडिया ने पूछे चार सवाल

Sant Rampal says real truth at satlok ashram

सवाल : रामपाल, आप पर देशद्रोह की धाराएं लगी हैं, क्या कहना है आपका ?
जवाब : नहीं मैंने कोई ऐसी साजिश नहीं की जो देशद्रोह की धारा लगती, वह गलत लगी है।

सवाल : आप पर हत्या का भी मुकदमा दर्ज है, क्या आपने या आपके अनुयायियों ने हत्या की थी ?
जवाब : नहीं हमने किसी की कोई हत्या नहीं की, मैं बेकसूर हूं, सब मुकदमे झूठे हैं।

सवाल : बाबा तुमने महिलाओं व बच्चों को बंधक बनाया ?
जवाब :  मैंने किसी को बंधक नहीं बनाया, वे खुद आश्रम में ठहरे हुए थे।

सवाल : तो फिर वे आश्रम में क्यों रुके हुए थे ?
जवाब : सत्संग के लिए रुके थे, हमने उन्हें नहीं रोका।

सेंट्रल जेल टू में भेजा गया रामपाल

Sant Rampal says real truth at satlok ashram

सतलोक आश्रम प्रकरण में गिरफ्तार गिए गए रामपाल को कोर्ट ने 21 दिन के रिमांड के बाद बृहस्पतिवार को जेल भेज दिया। रामपाल को सेंट्रल जेल टू में रखा गया है। बबीता को छोड़कर उसके बाकी सभी अनुयायी सेंट्रल जेल वन में बंद हैं। जेल प्रशासन ने एहतियात के तौर पर रामपाल को अनुयायियों से अलग रखा है।

जेल प्रशासन की मानें तो कहीं रामपाल व उसके अनुयायी एक जेल में एकत्रित होकर गैंग न बना ले अथवा जेल प्रशासन के खिलाफ कोई रणनीति न बना लें, इससे बचने के लिए ऐसा किया गया है। जेल प्रशासन की मानें तो रामपाल को देखकर उसके जेल में बंद सवा नौ सौ से अधिक अनुयायी कहीं उत्तेजित होकर जेल में उत्पात न मचा दें, इसलिए भी उसे दूसरी जेल में शिफ्ट किया गया है।

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बच्चों की चक्कियों में बने कमरे में रखा

Sant Rampal says real truth at satlok ashram

रामपाल को पुरानी बोस्टर्ल जेल की बच्चों की चक्कियों में बने कमरे में रखा गया है। यह कमरा बेहद छोटा सा है, जिसमें केवल एक व्यक्ति ही रह सकता है। रामपाल को शाम करीब 5 बजकर 55 मिनट पर जेल ले जाया गया।

जेल में जाते ही उसके हाव भाव से लगा कि वह हवालात की तुलना में यहां सहज महसूस कर रहा है। जेल सूत्रों का कहना है कि उसने जेल की रोटियां भी ठीक ढंग से खाईं और फिर रजाई लपेटकर कंबल पर बैठ गया। रामपाल का जेल प्रशासन द्वारा शुक्रवार को मेडिकल व पहचान करवाई जाएगी।

रामपाल, बेटे वीरेंद्र और भांजे जोगेंद्र को भेजा जेल

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सतलोक आश्रम के मुखी रामपाल को बृहस्पतिवार को जेएमआईसी प्रतीक जैन की कोर्ट में पेश किया गया, जहां से कोर्ट नेे उसे दस दिन तक न्यायिक हिरासत में भेज दिया। इसके साथ ही रामपाल के बेटे वीरेंद्र, भांजे जोगेंद्र, बलजीत, मनोज और रामफल को भी कोर्ट में पेश किया गया, जहां से कोर्ट ने इन सभी कोजेल भेज दिया। कोर्ट में रामपाल की पेशी अब 22 दिसंबर को, वीरेंद्र और रामफल की पेशी 15 दिसंबर और अन्य सभी की पेशी 17 दिसंबर को होगी।

पुलिस प्रवक्ता चंद्रभान ने बताया कि बृहस्पतिवार को रामपाल को तीन मुकदमों में पेश किया गया, जिसमें मुकदमा नंबर 427, 428 और 429 है। देशद्रोह और हत्या सहित तीनों मुकदमों में रामपाल को कोर्ट ने ज्यूडिशियल भेज दिया।

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