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whatsapp की दीवानगी ने 'बंटी और बबली' को पहुंचाया जेल

Tue, 23 Jun 2015 02:27 PM IST
ब्यूरो/अमर उजाला, चंडीगढ़
ब्यूरो/अमर उजाला, चंडीगढ़ Updated Tue, 23 Jun 2015 02:27 PM IST
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robbers caught by police through whatsapp

रांची निवासी सुशील और सुषमा की यह कहानी प्रेम से शुरू होकर जेल तक जाती है। सुषमा वही है, जिस पर नौकरानी बनकर सेक्टर-22 सी में ऑडिट इंस्पेक्टर नीतू के घर चोरी करने का आरोप है। सुशील आईटी एक्सपर्ट है। एक साल पहले तक बलात्कार के आरोप में दिल्ली की तिहाड़ जेल में बंद था।

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जेल में ही उसने अपने भविष्य का वह प्लान बनाया, जिसका रास्ता फिर जेल तक ही आता है और दोनों को जेल में पहुंचाया सुषमा की व्हाट्सएप के प्रति दीवानगी ने। पुलिस ने दोनों को कोर्ट में पेश कर छह दिन के रिमांड पर लिया है।
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चंडीगढ़ पुलिस के अनुसार करीब छह महीने पहले सुशील जमानत पर छूटा। जेल में उसकी पहचान कुछ साइबर क्राइम में फंसे युवकों से हुई। पैसा बनाने के लिए उनका तरीका सुशील को पसंद आया। जेल से बाहर आकर उसने सुषमा को अपने प्रेम जाल में फंसाया।
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उसके बाद सुषमा को भी अपने प्लान में शामिल करते हुए आईएसएस नाम से एक फर्जी साइट बनाई। इस साइट से नौकर हायर करने के ऑफर दिए गए। लोगों ने नौकरों के लिए इनसे संपर्क करना शुरू किया। इस दौरान आरोपियों ने नीतू मोगा को झांसे में ले लिया। इसके सुशील ने सुषमा को नौकरानी बनाकर चंडीगढ़ भेज दिया।

पहली कस्टमर चंडीगढ़ से

सुशील और सुषमा के जाल में पहले कस्टमर के रूप में चंडीगढ़ की ऑडिट इंस्पेक्टर नीतू मोगा आईं। उन्होंने साइट के ऑफर पर रिस्पांस देते हुए नौकरानी की मांग की। तीस मई को सुषमा नौकरानी बनकर उनके घर पहुंच गई। ठीक दस दिन बाद 9 जून की रात नीतू मोगा ने सेक्टर-22 की पुलिस चौकी में सुषमा के खिलाफ लॉकर से गहन और रुपये चुरा ले जाने की शिकायत दर्ज करवाई। नौकरानी के गायब होने पर उन्होंने आईएसएस एजेंसी मालिक से बात की तो उसके दो तरह के बयान से वह भी शक के घेरे में आ गया।


नौकरानी के नंबर का व्हाट्सएप चल रहा था
उसी रात नौकरानी और एजेंसी मालिक के मोबाइल फोन भी बंद हो गए। दोनों की अंतिम लोकेशन दिल्ली का रोहिणी क्षेत्र था। दस जून को चौकी इंचार्ज जयवीर सिंह ने एसआई दलजीत के नेतृत्व में एक टीम बनाई। जांच में पाया गया कि नौकरानी के नंबर का व्हाट्सएप चल रहा था। यह जिस नए नंबर पर चल रहा था वह भी दिल्ली का ही थी। इसीसे पुलिस ने सुषमा और सुशील को 12 जून को नोयडा से गिरफ्तार कर लिया।

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