'मैं नहीं मानता कोर्ट की सजा, नहीं करुंगा मरीजों की सेवा'
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कोर्ट की सजा मानने से इंकार किए जाने का मामला सामने आया है। सजा रेप के आरोपी को सुनाई गई थी। मामले में उसकी गिरफ्तारी के वारंट जारी हो गए हैं। युवक का कहना है कि वह कोर्ट की इस सजा को नहीं माना और मरीजों की सेवा नहीं करेगा।
इस पर मेडिकल सुपरिंडेंटेंड ने उससे काम न करने के बारे में लिखित में ले लिया। उन्होंने कोर्ट में दोषी का पत्र प्रस्तुत किया। इसके बाद कोर्ट ने आदेशों की अवमानना करने पर दोषी के खिलाफ गिरफ्तारी वारंट जारी कर दिए हैं। साथ ही पुलिस को उसे 5 अक्तूबर तक पेश करने को कहा है।
युवक को किशोरी से दुराचार के मामले में जुवेनाइल एक एक्ट के तहत दो साल तक समाज सेवा की सजा सुनाई गई थी। उसे आदेश था कि वह रोज तीन घंटे चंडीगढ़ पीजीआई में मरीजों की सेवा करेगा। सजा 21 से शुरू होनी थी, लेकिन युवक ने ऐसा करने से इंकार कर दिया।
इस मामले में सुनाई गई थी सजा
अगस्त 2012 में पीड़िता के पिता की शिकायत पर सेक्टर-11 की पुलिस ने खुड्डा लाहौरा निवासी चंचल नामक महिला समेत उसके पड़ोस में रहने वाले नाबालिग को गिरफ्तार किया था।
पिता ने बताया था कि चंचल ने नाबालिग को किसी काम के लिए घर पर बुलाया। वहां पीड़िता पहले से मौजूद थी। इसके बाद चंचल ने कमरे की बाहर से कुंडी लगा दी। दोषी ने पीड़िता से चार बार दुष्कर्म किया।
साथ ही इस बारे में किसी को बताने पर उसे जान से मारने की धमकी दी। डर के कारण पहले तो पीड़िता ने वारदात की जानकारी किसी को नहीं दी, लेकिन डेढ़ माह बाद उसकी बार-बार तबीयत खराब रहने पर उसने मां को आपबीती सुनाई। जिसके बाद युवक को गिरफ्तार करके उसके खिलाफ केस चलाया गया।