पंजाब ड्रग केस: जांच में मिली डायरी ने खोले कई राज
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पंजाब में बहुचर्चित ड्रग रैकेट में इंफोर्समेंट डायरेक्टोरेट द्वारा की जा रही जांच का दायरा बढ़ना शुरू हो गया है। इस जांच के दायरे में पंजाब के एक सीपीएस और उनके नजदीकी डीएसपी का नाम भी आ गया है।
ईडी ने अपने नेटवर्क के माध्यम से दोनों के खिलाफ पुख्ता सबूत जुटाने शुरू कर दिए हैं और आने वाले दिनों में ईडी सीपीएस और डीएसपी को तलब करने की तैयारी कर रही है। गोराया के प्रसिद्ध कारोबारी चुन्नी लाल गाबा और उसके बेटे गुरमेज गाबा के घर पर आयकर विभाग ने छापेमारी की थी तो वहां से एक डायरी मिली थी, जिसमें करोड़ों रुपये का लेनदेन का जिक्र किया गया था।
इस डायरी को आयकर विभाग के अधिकारियों ने कब्जे में ले लिया था। गोराया के गाबा परिवार का नाम रिटायर डीएसपी और करोड़ों की तस्करी के आरोप में जेल में बंद जगदीश भोला ने भी लिया था।
ईडी ने जब भोला को तलब किया तो उसने अपने बयान में राजस्व मंत्री बिक्रम सिंह मजीठिया के अलावा पूर्व जेल मंत्री फिल्लौर के बेटे का नाम भी लिया था।
सीपीएस से 60 बार पैसे का लेनदेन
ईडी ने अपनी जांच शुरू की तो वह रास्ते में अटक गई क्योंकि आयकर विभाग के पास जो डायरी थी, वह उनका मुख्य आधार थी। आयकर विभाग के अधिकारी डायरी देने में आनाकानी करने लगे तो ईडी ने कोर्ट का रास्ता अख्तियार कर डायरी को हासिल कर लिया।
ईडी ने डायरी की जांच शुरू की तो उसमें एक सीपीएस के साथ करीब 60 बार पैसे का लेनदेन किए जाने का जिक्र था, जिसमें होटल का भी जिक्र आया था। इसके अलावा डायरी में एक डीएसपी से भी करीब 18 लाख रुपये के लेनदेन का जिक्र था। ईडी ने डायरी को अच्छी तरह से खंगाला तो उनको जांच का दायरा बढ़ाने की जरूरत महसूस हुई।
अभी तक जिस केस में पंजाब के राजस्व मंत्री बिक्रम सिंह मजीठिया का नाम आ रहा था, उसमें विधायक व सीपीएस का नाम आने से पंजाब की सियासत गर्माने के आसार बन गए हैं।
डीएसपी और सीपीएस को लाखों रुपये दिए गए
सूत्रों के अनुसार सीपीएस के नाम पर एक बार 67 लाख रुपये राशि एकमुश्त देने का जिक्र है, जिसके साथ ही होटल लिखा हुआ है। ईडी अब इस बात की जांच कर रही है क्या राशि होटल में अदा की गई थी या फिर यह राशि होटल बनाने के लिए सीपीएस को दी गई थी।
डीएसपी को लाखों रुपये क्यों अदा किए गए, इसका जिक्र डायरी में नहीं मिल पाया है। सीपीएस के नाम करीब 60 एंट्री थी, जिसमें उनके नाम पर करीब 1.5 करोड़ की राशि का जिक्र था। इन नामों को बाद में पैन से काटा भी गया है लेकिन कई स्थानों पर इसको काटा नहीं सका है।
ईडी ने अपने एक्सपर्ट के माध्यम से पता भी करवा लिया है, जिसमें साफ हो गया है कि यह नाम सीपीएस का है। ईडी के सूत्रों के मुताबिक अभी चुन्नी लाल गाबा, उनके बेटे गुरमेज गाबा को जांच में शामिल होने के लिए नोटिस किया गया है, जिसमें उनसे सीपीएस को डेढ़ करोड़ की राशि देने के बारे में भी विस्तार से पूछताछ की जाएगी।