युवती को थाने ले जाना पुलिसवालों को पड़ा महंगा
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शहर के डल्हौजी रोड स्थित एक शोरूम में युवक के संग अश्लील हरकत करते पकड़ी गई युवती को बगैर महिला पुलिस कर्मी की मदद से थाने ले जाना पुलिस के एक जवान को महंगा पड़ा।
मामले में कड़ा रुख अख्तियार करते हुए एसएसपी पठानकोट राकेश कौशल ने तत्काल प्रभाव से उसे निलंबित कर दिया है। संबंधित जवान के खिलाफ विभागीय जांच शुरू कर दी गई है।
गत 31 मई की रात डल्हौजी रोड पर स्थित शोरूम से युवक-युवती पकड़े गए थे। उन पर आरोप था कि वे शोरूम में अश्लील हरकतें कर रहे थे।
थाने में पुलिसवाले ने किया युवती से दुर्व्यवहार
बताया जाता है कि स्थानीय लोगों की सूचना पर वहां पहुंचे थाना डिवीजन नं.एक पर तैनात कुछ पुलिस कर्मी दोनों को थाने ले गए। हालांकि इस दौरान पुलिस कर्मियों के साथ कोई महिला पुलिस मुलाजिम मौजूद नहीं थी।
पुलिसकर्मियों की इस मनमानी का मामला सामने आने पर एसएसपी ने उक्त मामले की प्राथमिक जांच एसपी डी जसपाल सिंह और डीएसपी सिटी मनोज कुमार से कराई।
जांच रिपोर्ट के आधार पर एसएसपी ने बताया कि सिपाही बलविंद्र सिंह ने युवती के साथ दुर्व्यवहार किया। इससे पुलिस की छवि प्रभावित हुई है। यही वजह है कि सिपाही बलविंद्र सिंह को निलंबित कर दिया गया है। मामले की जांच की जिम्मेदारी डीएसपी (हेडक्वार्टर) रणजीत सिंह को सौंपी गई है।
एसएचओ और एसआई भी लपेटे में
थाना डिवीजन नं. एक के एसएचओ सुखजिंद्र सिंह और क्यूआरटी टीम के इंचार्ज एसआई सरदूल सिंह ने युवती के साथ दुर्व्यवहार का मामला संज्ञान में होने के बावजूद मामले में न तो कोई सख्ती दिखाई और न ही वाकये से सीनियर अधिकारियों को अवगत कराया।
इस संबंध में एसएसपी ने बताया कि इंस्पेक्टर सुखजिंद्र सिंह और एसआई सरदूल सिंह ने घटना को छिपाने का प्रयास किया, जोकि दंडनीय और निंदनीय दोनों हैं।
यही वजह है कि दोनों के खिलाफ विभागीय जांच का आदेश दिया गया है। जांच की जिम्मेदारी एसपी (हेडक्वार्टर) एनके बेदी को सौंपी गई है। आरोपी सही पाए जाने पर उनके खिलाफ भी कार्रवाई की जाएगी।