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पुलिस ने सुलझाया करनदीप धीमान हत्याकांड!

Wed, 28 Jan 2015 01:22 AM IST
ब्यूरो/अमर उजाला, मोहाली
ब्यूरो/अमर उजाला, मोहाली Updated Wed, 28 Jan 2015 01:22 AM IST
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police solved karandeep murder case in mohali

फेज-9 स्थित इंडस्ट्रियल एरिया में हुए करनदीप धीमान हत्याकांड को पुलिस ने सुलझा लिया है। फैक्टरी के एक मुलाजिम ने अपने दो साथियों सहित मिलकर करन की हत्या की थी। पुलिस ने आरोपियों से लूट की रकम और ज्वेलरी भी बरामद कर ली है।

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आरोपियों की पहचान सुनील यादव (24) निवासी गांव अतरेलिया जिला आजमगढ़ यूपी, मोनू (23)व आबिद खान (27) शामिल है। यह तीनों चंडीगढ़ स्थित रामदरबार में किराए पर रहते थे। सुनील यादव चार महीने से फैक्टरी में काम कर रहा था।
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मंगलवार को एसएसपी गुरप्रीत सिंह भुल्लर ने प्रेस कांफ्रेंस बताया कि मृतक के पिता ने कंपनी बेचने की तैयारी की थी। फैक्टरी की टोकन मनी घर पर थी। इसकी भनक आरोपियों को लग गई। वहीं, आरोपियों को पता था कि 24 जनवरी को फैक्टरी मालिक को लुधियाना जाना है।
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वहीं, करन भी शाम के समय ट्यूशन पर होता है। इसी चीज को ध्यान में रखकर उन्होंने घर के पिछले हिस्से से घुसकर वारदात को अंजाम दिया, लेकिन जैसे ही वे अगली साइड से निकल रहे थे तो करन आ गया और उसने सुनील को पहचान लिया था। वारदात के खुलासे के डर से उन्होंने करन के सिर पर राड से इतने वार किए कि उसकी मौके पर ही मौत हो गई। एसएसपी ने बताया कि आरोपियों को बुधवार जिला अदालत में पेश किया जाएगा।

ऐसे खुली हत्याकांड की पोल

police solved karandeep murder case in mohali

एसएसपी ने बताया कि करन की हत्या हुई थी, उस समय पुलिस ने सबसे पहले कंपनी मुलाजिमों को अपने कब्जे में लिया। साथ ही एक एक करके पूछताछ की गई, लेकिन सुनील मौके से गायब था। यहीं से पुलिस को सुनील पर संदेह हुआ। इसके बाद पुलिस ने सुनील के फोन का ट्रेस किया। साथ ही उसका रिकॉर्ड खंगाला और हत्याकांड का खुलासा होता चला गया।

आरोपियों के खिलाफ जुड़ी नई धाराएं
जब करन पर हमला हुआ था। उस समय पुलिस ने अज्ञात व्यक्तियों के खिलाफ हत्या का मामला दर्ज किया था। पुलिस ने अब इस मामले में लूट मार की धारा 458, 459 व 460 जोड़ दी है।

चंडीगढ़ में भी दर्ज हैं आपराधिक केस

पुलिस द्वारा गिरफ्तार किए गए सुनील यादव और मोनू पर चंडीगढ़ के सेक्टर -31 के थाने में लूटमार व चोरियों के मामले दर्ज हैं। सुनील पर 12 और मोनू पर नौ केस दर्ज हैं। सुनील चंडीगढ़ में मोटू के नाम से मशहूर है। सुनील 7वीं फेल है। आबिद 9वीं पास और मोनू अनपढ़ है।

मां और नानी अभी अस्पताल में
करन की मां मीरा और नानी स्वतंत्रता अभी भी जीएमसीएच-32 में भरती है। लेकिन ज्यादा चोटें आने से अभी तक उनको छुट्टी नहीं दी गई है।

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