Mohali News: राष्ट्रीय स्वर्ण पदक विजेता ने क्यों लगाई फांसी? मोबाइल से खुल सकता राज, पुलिस ने जांच को भेजा
मृतका के पिता प्रकाश चंद्र ने बताया कि भावना बचपन से ही तीरंदाजी की शौकीन थी। उसने 10वीं कक्षा से ही तीरंदाजी प्रतियोगिताओं में हिस्सा लेना शुरू कर दिया था। वह पहले राज्य स्तर पर अपने स्कूल के लिए खेलती थी। बाद में जब वह चंडीगढ़ चली गई तो वहां पर पंजाब यूनिवर्सिटी के लिए खेलने लगी थी।
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राष्ट्रीय स्वर्ण पदक विजेता भावना आत्महत्या मामले में पुलिस ने मृतका का मोबाइल फोन फॉरेंसिक जांच को भेजा है। फोन से अगर कोई सबूत मिलते हैं तो मामले में धाराओं और आरोपियों की संख्या बढ़ सकती है। वहीं, पुलिस आरोपी सहायक प्रोफेसर सचिन चहल को आज खरड़ अदालत में पेश करेगी।
जानकारी के मुताबिक शुक्रवार को राष्ट्रीय स्तर की तीरंदाज भावना ने फंदा लगाकर खुदकुशी कर ली थी। इसमें मृतका के पिता प्रकाश चंद्र की शिकायत पर पुलिस ने मृतका के पति सहायक प्रो. सचिन चहल के खिलाफ केस दर्ज कर उसे गिरफ्तार कर लिया था। अब पुलिस पोस्टमार्टम रिपोर्ट और फॉरेंसिक रिपोर्ट का इंतजार कर रही है। पुलिस को मृतका के मोबाइल फोन की फॉरेंसिक रिपोर्ट से अगर किसी और व्यक्ति की इस मामले में भूमिका नजर आती है तो उसे भी आरोपी बनाया जा सकता है।
10वीं से शुरू की थी तीरंदाजी
मृतका के पिता प्रकाश चंद्र ने बताया कि भावना बचपन से ही तीरंदाजी की शौकीन थी। उसने 10वीं कक्षा से ही तीरंदाजी प्रतियोगिताओं में हिस्सा लेना शुरू कर दिया था। वह पहले राज्य स्तर पर अपने स्कूल के लिए खेलती थी। बाद में जब वह चंडीगढ़ चली गई तो वहां पर पंजाब यूनिवर्सिटी के लिए खेलने लगी थी। राष्ट्रीय स्तर पर उसने दो बार स्वर्ण पदक भी जीते हैं।
पढ़ाई के समय से थे दोनों दोस्त
सूत्रों के मुताबिक मृतका भावना और आरोपी पति सहायक प्रोफेसर सचिन चहल पढ़ाई के समय से ही एक दूसरे के दोस्त थे। भावना ने भी पंजाब यूनिवर्सिटी से ही इतिहास विषय में ग्रेजुएशन और पोस्ट ग्रेजुएशन की पढ़ाई की है। दोनों ने पंजाब यूनिवर्सिटी में नौकरी लगने के लिए इकट्ठे ही परीक्षा दी थी लेकिन भावना सफल नहीं हो पाई थी। इसी 19 फरवरी को भावना की दोबारा परीक्षा थी।
पिता ने पुलिस पर लगाए यह आरोप
मृतका के पिता ने पुलिस पर आरोप लगाए हैं कि पुलिस ने सही ढंग से उनकी सुनवाई नहीं की थी, क्योंकि आरोपी का संबंध पंजाब पुलिस के एक उच्च अधिकारी से हैं। वह इस समय पंजाब के ही किसी और जिले में तैनात है। उसके दबाव में आकर पंजाब पुलिस ने मुकदमे में आरोपी के दूसरे रिश्तेदारों का नाम नहीं जोड़ा है। आरोपी ने पुलिस को बिना बुलाए ही कमरे का दरवाजा खोला था। उसे फंदे पर लटका देखने के बाद भी उसने हमें झूठ बोलकर हार्ट अटैक से मौत हुई बताया था। उसने पुलिस को बुलाने से पहले कमरे से सबूत भी मिटाए हैं। आरोपी ने भावना के फोन से कुछ कॉल रिकॉर्डिंग भी हटा दी हैं।
माता-पिता नहीं रहते थे साथ
पुलिस सूत्रों के मुताबिक चंडीगढ़ में पति-पत्नी दोनों ही रहते थे। दोनों का ही परिवार चंडीगढ़ से बाहर रहता था। परिवार के किसी अन्य सदस्य की भूमिका के लिए जांच और सबूतों की जरूरत है। यहां तक कि मृतका के पति को उसके फोन का पासवर्ड भी नहीं पता था। उसका फोन उसके परिवार वालों ने आकर ही खोला था। विभाग से किसी भी प्रकार का कोई दबाव नहीं है। कानून के मुताबिक जांच चल रही है। अगर किसी और की भूमिका सामने आती है तो उसे भी आरोपी बना लिया जाएगा।