दो हत्याकांड सुलझे, सच सुनेंगे तो चौंक जाएंगे आप
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चंडीगढ़ पुलिस ने वीरवार को हुई हत्याओं में से दो को सुलझाने का दावा किया है। एसएसपी डा. सुखचैन सिंह गिल का कहना है कि एक हत्या लूट के इरादे से की गई, जबकि दूसरी हत्या ससुराल वालों ने दो अन्य लोगों को सुपारी देकर कराई।
धनास के जंगलों में मिले युवक के शव के मामले को पुलिस ने सुलझाने का दावा करते हुए कहा कि रवि की हत्या ससुराल वालों ने की है।
एसएसपी डा. सुखचैन सिंह गिल के मुताबिक सेक्टर-49 सी निवासी नरेश कुमार और रेखा की बेटी ने तीन माह पहले सेक्टर-49 निवासी रवि से लव मैरिज की थी।
इस बात से उसके माता पिता खासे नाराज थे। दरअसल वह अपने बड़े दामाद के भाई आशु से अपनी बेटी से विवाह करवाना चाहते थे। लव मैरिज से नाराज माता-पिता ने आशु के साथ मिलकर हत्या का षड़यंत्र रचा।
दामाद की हत्या के लिए दी सुपारी
दामाद की हत्या के लिए उसने दो लोगों को सुपारी थी। इसमें मलोया निवासी एक आरोपी है। शक होने पर पुलिस ने सास-ससुर और आशु को गिरफ्तार कर पूछताछ की तो हत्या का खुलासा हुआ।
पुलिस के अनुसार, इन तीनों ने और दो अन्य फरार आरोपियों की मदद से ऑटो में रवि की हत्या की। स्कूटर के कलच के तार से गला दबाकर हत्या की और शव को 22 जून को धनास के जंगल में फेंक दिया था, पुलिस को यह शव 24 जून को मिला था।
हत्या के बाद 23 जून को युवक के ससुर ने सेक्टर-49 पुलिस चौकी में रवि की गुमुशुदगी भी दर्ज करवा दी थी। रवि को पेट दर्द की शिकायत थी। सास और ससुर ही रवि को डाक्टर के पास लेकर गए थे। वापस आते हुए उन्होंने अन्य आरोपियों के साथ मिलकर वारदात को अंजाम दिया। दो आरोपी अभी पुलिस गिरफ्त से बाहर हैं।
हल्लोमाजरा मर्डर केस: चाकू पेट के अंदर
अंबाला-चंडीगढ़ हाईवे पर हल्लोमाजरा लाइट प्वाइंट के पास वीरवार रात हुई युवक की हत्या के मामले में पुलिस ने रामदरबार निवासी अजय टुंडा, पिंटू और हल्लोमाजरा निवासी सुरदीप को गिरफ्तार किया है। एसएसपी डा. सुखचैन सिंह गिल ने बताया कि जीरकपुर निवासी संजय साइकिल से जा रहा था। जिसे तीनों आरोपियों ने रोका।
इस दौरान एक ने संजय के पेट में चाकू मार दिया। चाकू का अगला नुकीला हिस्सा पेट में ही टूट गया। लुटेरों ने इस हिस्से को निकालने का भी प्रयास किया। पुलिस के अनुसार, गिरफ्तार आरोपियों से चाकू का पिछला हिस्सा बरामद कर लिया गया है। आरोपियों ने वारदात के बाद संजय की जेब से कुछ राशि भी निकाल ली।
जो राशि संजय की जेब में बच गई थी उस पर खून के निशान थे। सेक्टर-31 पुलिस के कार्यवाहक थाना प्रभारी मनिंद्र सिंह ने घटनास्थल के सामने सीआरपीएफ कैंप में लगे सीसीटीवी फुटेज को खंगाला, जिसके बाद लुटेरों का पता लगा। पुलिस के अनुसार, आरोपियों के खिलाफ पहले भी आधा दर्जन मामले अलग-अलग थानों में दर्ज हैं। हाल ही में आरोपी जेल से बाहर आए हैं।