Punjab News: गांव में खुला था माइक्रोसॉफ्ट और एप्पल का फर्जी हेडक्वार्टर, 29 गिरफ्तार, अमेरिकियों को ठगते थे
पुलिस कमिश्नर मंदीप सिंह सिद्धू ने बताया कि लुधियाना पुलिस पहले भी ऐसे गिरोह का भंडाफोड़ कर चुकी है। कमिश्नरेट पुलिस को सूचना मिली थी कि गुजरात के अहमदाबाद स्थित चंदूलाल चौल बापू नगर का रहने वाला कृष्णा और उत्तर प्रदेश के देवरिया निवासी सचिन सिंह फर्जी कॉल सेंटर चला रहे हैं। इस काम में कुछ लड़कियां भी शामिल हैं।
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फर्जी कॉल सेंटर के जरिए विदेशी लोगों से लाखों रुपये की ठगी और धोखाधड़ी करने वाले एक गिरोह का लुधियाना कमिश्नरेट पुलिस ने भंडाफोड़ किया है। पुलिस ने गांव दाद स्थित एक घर में चल रहे फर्जी कॉल सेंटर का खुलासा किया और गिरोह के 29 लोगों को गिरफ्तार किया है। इनमें दो युवतियां भी शामिल हैं। गिरफ्तार आरोपियों में लुधियाना, गुरदासपुर के अलावा गुजरात, दिल्ली, नागालैंड, उत्तर प्रदेश, हिमाचल प्रदेश और मेघालय के नौजवान शामिल हैं।
बताया जा रहा है कि जल्द अमीर बनने के चक्कर में फर्जी कॉल सेंटर पर काम कर रहे थे। गुप्त सूचना के आधार पर कमिश्नरेट पुलिस ने गिरोह के दो लोगों को काबू कर पूछताछ की तो पूरी कहानी सामने आ गई। इसके बाद कमिश्नरेट पुलिस ने अन्य आरोपियों को गिरफ्तार किया। उनके कब्जे से 14 इलेक्ट्रॉनिक टैब, विभिन्न कंपनियों के 34 मोबाइल फोन, दो लैपटॉप, 1.70 लाख रुपये की नकदी और अन्य दस्तावेज बरामद किए हैं। पुलिस ने सभी आरोपियों के खिलाफ थाना डिविजन आठ में मामला दर्ज किया है। पुलिस आरोपियों से पूछताछ करने में जुटी है।
पुलिस कमिश्नर मंदीप सिंह सिद्धू ने बताया कि लुधियाना पुलिस पहले भी ऐसे गिरोह का भंडाफोड़ कर चुकी है। कमिश्नरेट पुलिस को सूचना मिली थी कि गुजरात के अहमदाबाद स्थित चंदूलाल चौल बापू नगर का रहने वाला कृष्णा और उत्तर प्रदेश के देवरिया निवासी सचिन सिंह फर्जी कॉल सेंटर चला रहे हैं। इस काम में कुछ लड़कियां भी शामिल हैं।
आरोपी खुद को माइक्रोसॉफ्ट और एप्पल हेडक्वार्टर का बता दो फर्जी नंबर इंटरनेट पर दे रखे थे। इन नंबरों पर विदेश में बैठे लोग अपनी दिक्कतों के लिए फोन करते थे। आरोपी ग्राहकों से फोन पर सारी जानकारी हासिल करते है और उनका पूरा सिस्टम ही हैक कर लेते। इसके बाद ग्राहकों को एक गिफ्ट कार्ड दिया जाता है और गिफ्ट कार्ड पर दिए नंबर के जरिए ग्राहकों के खातों की जानकारी हैक कर लेते है और उसके बाद सारा अकाउंट ही खाली कर देते थे।
ऐसे करते थे लोगों से धोखाधड़ी
पुलिस कमिश्नर के मुताबिक आरोपी अमेरिका में रहने वाले लोगों को माइक्रोसॉफ्ट और एप्पल हेडक्वार्टर से कस्टमर सपोर्ट सुविधा देने का दावा करते थे। अगर कोई ग्राहक आरोपियों के नंबरों पर फोन करता तो पहले कॉल दिल्ली जाती और बाद में लुधियाना ट्रांसफर की जाती। आरोपी खुद को कंपनी का मुलाजिम बता ग्राहकों को डराते थे कि उनका कंप्यूटर हैक हो रहा है और उनसे पूरी जानकारी ले लेते थे।
आरोपी ग्राहकों को लालच देते थे कि वह उनकी कॉल अपने सीनियर अधिकारियों को ट्रांसफर कर रहे है, जो उन्हें उनके खातों को सेफ कैसे करना है बताएंगे। आरोपी उन्हें एक फार्म भेजते और बाद में सारी जानकारी देने के साथ-साथ कह देते थे कि बैंक मुलाजिम भी हैकर्स के साथ मिला है ताकि ग्राहकों पर विश्वास बनाया जा सके।
आरोपी ग्राहकों को बैंक से पैसे निकलवाने के लिए कहते और डरा देते थे कि पैसे निकलवा ले या फिर गिफ्ट ले ले। ग्राहक डरकर गिफ्ट लेता था। इसके बाद उनके खाते की बची जानकारी लेकर पूरा खाता खाली कर देते थे।
गिरोह का किंगपिन अभी फरार
पुलिस कमिश्नर ने बताया कि पूछताछ के दौरान पता चला कि इस गिरोह का मास्टरमाइंड चैरी और पॉल नाम का युवक है। दोनों विभिन्न राज्यों के गरीब परिवारों से संबंध रखने वाले युवाओं को जल्द पैसे कमाने का लालच देते और उन्हें कॉल सेंटर पर काम करने को कहते थे। अलेक्स नाम का व्यक्ति इन लोगों को सैलरी देता था। पुलिस ने तीनों को भी मामले में नामजद कर लिया है। इसके अलावा पुलिस ने बताया कि गिरफ्तार आरोपियों की उम्र 30 साल से कम है। सभी 12वीं तक ही पढ़े हैं।